{"_id":"64f0d28d776c61b1570308a7","slug":"guldar-seen-again-in-village-mahasanpur-suawala-roaming-near-the-cage-bijnor-news-c-27-1-smrt1007-10059-2023-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: फिर दिखा गांव महसनपुर सुआवाला में गुलदार, पिंजरे के पास काट रहा चक्कर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: फिर दिखा गांव महसनपुर सुआवाला में गुलदार, पिंजरे के पास काट रहा चक्कर
विज्ञापन
गांव महसनपुर सुआवाला में बुधवार को ही पकड़ा गया था गुलदार
दूसरा गुलदार दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत, पकड़वाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
अफजलगढ़। गांव महसनपुर सुआवाला के जंगल में लगे पिंजरे के समीप गुलदार चक्कर तो काट रहा है, लेकिन वह पिंजरे की ओर नहीं जा रहा है। बल्कि ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे वह कुछ ढूंढ रहा हो। बुधवार को एक गुलदार के पकड़े जाने से ग्रामीणों सहित वन विभाग के अधिकारियों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन अभी दूसरा गुलदार वहीं मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से निगरानी बढ़ाने और गुलदार को पकड़ने की मांग की है।
गांव महसनपुर सुआवाला के बीच जंगल में लगे पिंजरे में बुधवार को गुलदार के कैद होने के बाद समझा जा रहा था कि समस्या खत्म हो गई है। मगर, ग्रामीणों और वन विभाग की दुश्वारियां कम होने की जगह ओर बढ़ अधिक बढ़ गई। गांव निवासी सुखदेव सिंह के खेत में लगे पिंजरे के पास उन्होंने कुछ ईंट रख रखी है। ग्रामीण गुरजीत गुरप्रीत और गुरबाज सिंह ने पिंजरे में गुलदार को लुभाने के लिए रखे गए कुत्ते की आवाज पर टार्च की रोशनी में ईंट के पास एक बड़ा गुलदार बैठा दिखाई दिया। ग्रामीणों के अनुसार जो तीन बार पिंजरे की ओर तो गया लेकिन अंदर नहीं घुसा।
माना जा रहा है कि पूर्व में बड़ा नर गुलदार और बुधवार को जो नर शावक गुलदार पकड़ा गया था, सम्भवतः यह गुलदार मादा और उसकी मां हो सकती है, जो उसे ढूंढ रही है। गुलदार ने उसी क्षेत्र को अपना रहने का ठिकाना बना रखा है। गुलदार की लगातार आमद से ग्रामीणों में भय है। ग्रामीण साहब सिंह, सुखदेव सिंह, अमृत सिंह, विशाल और गुरदीप आदि ने वन विभाग से गुलदार को पकड़ने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दूसरा गुलदार दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत, पकड़वाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
अफजलगढ़। गांव महसनपुर सुआवाला के जंगल में लगे पिंजरे के समीप गुलदार चक्कर तो काट रहा है, लेकिन वह पिंजरे की ओर नहीं जा रहा है। बल्कि ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे वह कुछ ढूंढ रहा हो। बुधवार को एक गुलदार के पकड़े जाने से ग्रामीणों सहित वन विभाग के अधिकारियों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन अभी दूसरा गुलदार वहीं मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से निगरानी बढ़ाने और गुलदार को पकड़ने की मांग की है।
गांव महसनपुर सुआवाला के बीच जंगल में लगे पिंजरे में बुधवार को गुलदार के कैद होने के बाद समझा जा रहा था कि समस्या खत्म हो गई है। मगर, ग्रामीणों और वन विभाग की दुश्वारियां कम होने की जगह ओर बढ़ अधिक बढ़ गई। गांव निवासी सुखदेव सिंह के खेत में लगे पिंजरे के पास उन्होंने कुछ ईंट रख रखी है। ग्रामीण गुरजीत गुरप्रीत और गुरबाज सिंह ने पिंजरे में गुलदार को लुभाने के लिए रखे गए कुत्ते की आवाज पर टार्च की रोशनी में ईंट के पास एक बड़ा गुलदार बैठा दिखाई दिया। ग्रामीणों के अनुसार जो तीन बार पिंजरे की ओर तो गया लेकिन अंदर नहीं घुसा।
विज्ञापन
माना जा रहा है कि पूर्व में बड़ा नर गुलदार और बुधवार को जो नर शावक गुलदार पकड़ा गया था, सम्भवतः यह गुलदार मादा और उसकी मां हो सकती है, जो उसे ढूंढ रही है। गुलदार ने उसी क्षेत्र को अपना रहने का ठिकाना बना रखा है। गुलदार की लगातार आमद से ग्रामीणों में भय है। ग्रामीण साहब सिंह, सुखदेव सिंह, अमृत सिंह, विशाल और गुरदीप आदि ने वन विभाग से गुलदार को पकड़ने की मांग की है।
विज्ञापन