{"_id":"670989b23a133d0be204d634","slug":"guldar-has-taken-25-lives-in-22-months-in-the-district-bijnor-news-c-27-1-smrt1004-133352-2024-10-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: जिले में 22 माह में 25 जान ले चुका गुलदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: जिले में 22 माह में 25 जान ले चुका गुलदार
विज्ञापन
-
- 1
-
Link Copied
-लगातार हमला कर रहा गुलदार, बेबस है वन विभाग
500 से ज्यादा हो चुकी जिले में गुलदार की संख्या
50 से ज्यादा घायल हो चुके गुलदार के हमलों में
67 गुलदार अब तक पकड़े जा चुके हैं जिले में
35 गुलदार दुर्घटना, बीमारी और संघर्ष में मारे गए
बिजनौर। जिले में गुलदार अब ज्यादा हिंसक होता जा रहा है। उसके सामने सरकारी सिस्टम नतमस्तक नजर आ रहा है। लगातार पिंजरे बढ़ाने, गश्त बढ़ाने के बावजूद हमले हो रहे हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 22 माह में 25 लोगों की जान गुलदार के हमलों में जा चुकी है। इसके अलावा 50 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं।
जिले में गुलदार की संख्या ही नहीं बढ़ रही, बल्कि उसका व्यवहार भी बदल रहा है। जिले के हालातों पर नजर डालें तो यहां पर इनकी संख्या 500 से भी ज्यादा होने का अनुमान है। बात व्यवहार की करें तो सबसे पहले इसका वजन काफी बढ़ने लगा है। अकेले रहना पसंद करने वाला गुलदार अब चार-चार के झुंड में दिख रहा है। एक सप्ताह पहले ही किरतपुर रोड पर एक नलकूप पर दो गुलदार एक साथ देखे गए थे।
बात अब आंकड़ों की करें तो वर्ष 2023 और वर्ष 2024 में 25 इंसानों की जान गुलदार के हमलों में जा चुकी है। अब तक डेढ़ साल में 67 गुलदार पकड़े जा चुके हैं, वहीं 35 गुलदार दुर्घटना, आपसी संघर्ष और बीमारी से मारे गए हैं।
विज्ञापन
जागरुकता अभियान चलाया, पिंजरों की संख्या बढ़ाई: डीएफओ
डीएफओ ज्ञान सिंह ने बताया कि पिंजरों की संख्या बढ़ाई जा रही है। वहीं लोगों को गुलदार से सतर्क रहने के लिए लोगों को जागरुक किया जा रहा है। गुलदार मित्र भी गांवों में तैनात किए गए हैं। जहां घटना हुई है, वहां दो पिंजरे लगा दिए गए हैं।
विज्ञापन
500 से ज्यादा हो चुकी जिले में गुलदार की संख्या
50 से ज्यादा घायल हो चुके गुलदार के हमलों में
67 गुलदार अब तक पकड़े जा चुके हैं जिले में
35 गुलदार दुर्घटना, बीमारी और संघर्ष में मारे गए
बिजनौर। जिले में गुलदार अब ज्यादा हिंसक होता जा रहा है। उसके सामने सरकारी सिस्टम नतमस्तक नजर आ रहा है। लगातार पिंजरे बढ़ाने, गश्त बढ़ाने के बावजूद हमले हो रहे हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 22 माह में 25 लोगों की जान गुलदार के हमलों में जा चुकी है। इसके अलावा 50 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं।
जिले में गुलदार की संख्या ही नहीं बढ़ रही, बल्कि उसका व्यवहार भी बदल रहा है। जिले के हालातों पर नजर डालें तो यहां पर इनकी संख्या 500 से भी ज्यादा होने का अनुमान है। बात व्यवहार की करें तो सबसे पहले इसका वजन काफी बढ़ने लगा है। अकेले रहना पसंद करने वाला गुलदार अब चार-चार के झुंड में दिख रहा है। एक सप्ताह पहले ही किरतपुर रोड पर एक नलकूप पर दो गुलदार एक साथ देखे गए थे।
विज्ञापन
बात अब आंकड़ों की करें तो वर्ष 2023 और वर्ष 2024 में 25 इंसानों की जान गुलदार के हमलों में जा चुकी है। अब तक डेढ़ साल में 67 गुलदार पकड़े जा चुके हैं, वहीं 35 गुलदार दुर्घटना, आपसी संघर्ष और बीमारी से मारे गए हैं।
विज्ञापन
जागरुकता अभियान चलाया, पिंजरों की संख्या बढ़ाई: डीएफओ
डीएफओ ज्ञान सिंह ने बताया कि पिंजरों की संख्या बढ़ाई जा रही है। वहीं लोगों को गुलदार से सतर्क रहने के लिए लोगों को जागरुक किया जा रहा है। गुलदार मित्र भी गांवों में तैनात किए गए हैं। जहां घटना हुई है, वहां दो पिंजरे लगा दिए गए हैं।