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Bijnor News: लखनऊ के चिड़ियाघर भेजे गए गुलदार के शावक
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जलालाबाद - गांव धनसीनी में मादा गुलदार को पकड़ने के लिए लगाया गया पिंजरा।
बिजनाैर, नजीबाबाद/जलालाबाद। गांव धनसीनी में गन्ने के खेत में गुलदार के शावक मिलने के बाद से ग्रामीण भयभीत हैं। वन विभाग द्वारा पिंजरा लगाने और उसमें शिकार के साथ शावकों को कुछ देर रखने के बावजूद मादा पिंजरे तक नहीं पहुंची। वन विभाग ने पांच सदस्य पेट्रोलिंग टीम खेत के आसपास लगाई है। उधर, तीनों शावकों को लखनऊ के चिड़ियाघर भेजा गया है।
तहसील के गांव धनसीनी में आबादी से कुछ फासले पर विकास शर्मा के खेत में गुलदार के तीन नवजात शावक शनिवार को तड़के मिले थे। सामाजिक वानिकी के एसडीओ ज्ञान सिंह, डिप्टी रेंजर हरगोविंद सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने मादा गुलदार को पकड़ने के लिए उस खेत में पिंजरा लगाया। जहां से नवजात शावक मिले थे। पिंजरे में कुछ समय शावक भी रखे गए और गुलदार के शिकार के लिए कुत्ता बांधा गया।
शनिवार की रात सामाजिक वानिकी ने नवजात को दो-दो घंटे बाद दूध पिलाने की व्यवस्था के तहत पिंजरे से उठाकर अपने कब्जे में ले लिया। पूरी रात शिकार के साथ पिंजरा लगा रहा लेकिन मादा गुलदार पिंजरे तक नहीं पहुंची।
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- गुलदार शावकों को लखनऊ चिड़ियाघर भेजा
नजीबाबाद। सामाजिक वानिकी के एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि गुलदार के तीनों नवजात शावकों को लखनऊ चिड़िया घर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि दो से तीन दिन के शावकों को विभाग की ओर से जीवित रखने के लिए व्यवस्था की गई है।
- खेतों पर नहीं गए किसान-मजदूर
मादा गुलदार के खूंखार होने की स्थिति भांपते हुए गांव धनसीनी तथा आसपास के ग्रामीण खेतों पर काम के लिए नहीं पहुंचे। धनसीनी में शावक मिलने से पूर्व गुलदार ने गांव हुमायूंपुर और गांव आलोपुर में पशुओं को निवाला बनाया था। माना जा रहा है कि पशुओं को निवाला बनाने वाली मादा गुलदार रही होगी। शावक न मिलने से मादा गुलदार क्षेत्र में भटकने की आशंका से ग्रामीण भयभीत हैं। सामाजिक वानिकी के एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि मादा गुलदार को पकड़ने के लिए टीम लगाई गई है।
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तहसील के गांव धनसीनी में आबादी से कुछ फासले पर विकास शर्मा के खेत में गुलदार के तीन नवजात शावक शनिवार को तड़के मिले थे। सामाजिक वानिकी के एसडीओ ज्ञान सिंह, डिप्टी रेंजर हरगोविंद सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने मादा गुलदार को पकड़ने के लिए उस खेत में पिंजरा लगाया। जहां से नवजात शावक मिले थे। पिंजरे में कुछ समय शावक भी रखे गए और गुलदार के शिकार के लिए कुत्ता बांधा गया।
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शनिवार की रात सामाजिक वानिकी ने नवजात को दो-दो घंटे बाद दूध पिलाने की व्यवस्था के तहत पिंजरे से उठाकर अपने कब्जे में ले लिया। पूरी रात शिकार के साथ पिंजरा लगा रहा लेकिन मादा गुलदार पिंजरे तक नहीं पहुंची।
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- गुलदार शावकों को लखनऊ चिड़ियाघर भेजा
नजीबाबाद। सामाजिक वानिकी के एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि गुलदार के तीनों नवजात शावकों को लखनऊ चिड़िया घर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि दो से तीन दिन के शावकों को विभाग की ओर से जीवित रखने के लिए व्यवस्था की गई है।
- खेतों पर नहीं गए किसान-मजदूर
मादा गुलदार के खूंखार होने की स्थिति भांपते हुए गांव धनसीनी तथा आसपास के ग्रामीण खेतों पर काम के लिए नहीं पहुंचे। धनसीनी में शावक मिलने से पूर्व गुलदार ने गांव हुमायूंपुर और गांव आलोपुर में पशुओं को निवाला बनाया था। माना जा रहा है कि पशुओं को निवाला बनाने वाली मादा गुलदार रही होगी। शावक न मिलने से मादा गुलदार क्षेत्र में भटकने की आशंका से ग्रामीण भयभीत हैं। सामाजिक वानिकी के एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि मादा गुलदार को पकड़ने के लिए टीम लगाई गई है।