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Bijnor News: खाली जमीन में सीड बॉल से फूटेगा हरियाली का अंकुर
Sat, 28 Jun 2025 12:29 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Sat, 28 Jun 2025 12:29 AM IST
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स्योहारा वन विभाग की नर्सरी में गीली मिट्टी व गाय के गोबर से सीड बॉल तैयार कराते डिप्टी रेंजर
स्योहारा। खाली पड़ी जमीन पर अब हरियाली का अंकुर फूटेगा। इसका माध्यम बनेंगी वन विभाग द्वारा तैयार कराई जा रही सीड बॉल्स (बीज की गेंद)। गीली मिट्टी और गोबर से बनीं इन बॉल्स के बीच में विभिन्न प्रजातियों के पौधों के बीज रखे गए हैं। बरसात के दिनों में इन बॉल्स को खाली पड़ी जमीन पर फेंका जाएगा, जो अंकुरित होकर पहले पौधे और फिर पेड़ का रूप ले लेंगी।
वन क्षेत्रों में बढ़ोतरी और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में हरियाली के लिए जन सहभागिता जरूरी है। इस दिशा में वन विभाग प्रयास कर रहा है। स्कूलों और ग्राम प्रधानों के माध्यम से लाखों पौधे लगाए जाते हैं। वन विभाग पौधरोपण के साथ ही अब सीड बॉल्स से भी हरियाली बढ़ाने का प्रयास करेगा। सीड बॉल्स को यात्रा के दौरान ट्रेन, बस या कार से सड़क किनारे खाली जगहों पर फेंका जा सकता है। नमी मिलने पर गोबर और मिट्टी में लिपटे बीज अंकुरित हो जाएंगे। बॉल्स में जामुन, पिलखन, बांस और नीम आदि प्रजातियों के बीज हैं।
कम खर्चीली है यह तकनीक : पौधे लगाने की अपेक्षा सीड बाॅल से पौधे उगाने की तकनीक कम खर्चीली है। पौधरोपण से पहले वन विभाग चिह्नित की गई जमीन पर बरसात के पहले गड्ढे खुदवाता है। फिर उनमें मिट्टी मिली हुई खाद डाली जाती है। उसके बाद बरसात में पौधरोपण होता है। इसकी अपेक्षा सीड बाल को सीधे जमीन पर फेंक दिया जाता है और पौधे आसानी से उग जाते हैं।
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वन क्षेत्रों में बढ़ोतरी और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में हरियाली के लिए जन सहभागिता जरूरी है। इस दिशा में वन विभाग प्रयास कर रहा है। स्कूलों और ग्राम प्रधानों के माध्यम से लाखों पौधे लगाए जाते हैं। वन विभाग पौधरोपण के साथ ही अब सीड बॉल्स से भी हरियाली बढ़ाने का प्रयास करेगा। सीड बॉल्स को यात्रा के दौरान ट्रेन, बस या कार से सड़क किनारे खाली जगहों पर फेंका जा सकता है। नमी मिलने पर गोबर और मिट्टी में लिपटे बीज अंकुरित हो जाएंगे। बॉल्स में जामुन, पिलखन, बांस और नीम आदि प्रजातियों के बीज हैं।
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कम खर्चीली है यह तकनीक : पौधे लगाने की अपेक्षा सीड बाॅल से पौधे उगाने की तकनीक कम खर्चीली है। पौधरोपण से पहले वन विभाग चिह्नित की गई जमीन पर बरसात के पहले गड्ढे खुदवाता है। फिर उनमें मिट्टी मिली हुई खाद डाली जाती है। उसके बाद बरसात में पौधरोपण होता है। इसकी अपेक्षा सीड बाल को सीधे जमीन पर फेंक दिया जाता है और पौधे आसानी से उग जाते हैं।
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