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ग्रे लैग गूज को भाया हैदरपुर वेटलैंड
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हैदरपुर वेटलैंड में ग्रे लेग गूज पक्षियों का झुंड।
- फोटो : BIJNOR
ग्रे लैग गूज को भाया हैदरपुर वेटलैंड
बिजनौर। गंगा के तट पर बना हैदरपुर वेटलैंड ग्रे लैग गूज पक्षी को बहुत भा गया है। वेटलैंड में ग्रे लैग गूज का करीब दो हजार पक्षियों का झुंड मिला है। जानकारों के मुताबिक यह देश का सबसे बड़ा झुंड माना जा रहा है। कोई पक्षी इतनी तादाद में हैदपुर में नहीं है, जितना बड़ा ग्रे लैग गूज का झुंड है।
हैदरपुर वेटलैंड में पक्षियों की संख्या बढ़ती जा रही है। यहां पर 95 प्रजातियों के पक्षी मिल चुके हैं। नवंबर में हुई गणना में हैदरपुर वेटलैंड में कुल 27 हजार पक्षी मिले थे। इन पक्षियों में देशी और प्रवासी दोनों पक्षी शामिल हैं। कई पक्षी पहली बार हैदरपुर वेटलैंड में देखे गए हैं। हैदरपुर वेटलैंड में साइबेरिया के अलावा अफगानिस्तान, यहां तक कि हिमालय की पहाड़ियों से भी पक्षी आ रहे हैं। सबसे ज्यादा ग्रे लैग गूज पक्षी यहां दिखता था। इसके बड़े झुंड दिख रहे थे। बर्ड वॉचर आशीष लोया को वेटलैंड में ग्रे लैग गूज पक्षी का सबसे बड़ा झुंड मिला है। इसमें दो हजार से अधिक पक्षी हैं। पोंग डैम, भरतपुर, गुजरात के वेटलैंड में भी ग्रे लैग गूज काफी संख्या में दिखता था, लेकिन वहां भी कभी इसका इतना बड़ा झुंड नहीं दिखा है। माना जा रहा है कि हैदरपुर वेटलैंड में ग्रे लैग गूज का सबसे बड़ा झुंड इस समय मौजूद है।
प्रवासी पक्षी होता है
ग्रे लैग गूज पक्षी साइबेरिया, मंगोलिया, रशिया से आता है। यह ठंड का मौसम यहीं गुजारता है और फरवरी में यहां से पलायन करना शुरू कर देता है। यह एक प्रजाति की बत्तख ही होती हैं। ग्रे लैग गूज शुद्ध शाकाहारी पक्षी होता है। यह जलीय वनस्पति के अवशेष व उनके बीज खाता है। वेटलैंड के कुछ हिस्से में सिंघाड़े की खेती होती है। यहां पर यह पक्षी काफी आता है। लेकिन अगर पानी में होने वाली खेती में रासायनिक उर्वरक व कीटनाशक का प्रयोग किया जाए तो यह इन पक्षियों के लिए घातक साबित हो सकता है।
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बहुत सुंदर दिखता है झुंड
बर्ड वॉचर आशीष लोया का कहना है कि हैदरपुर वेटलैंड में ग्रे लैग गूज का सबसे बड़ा झुंड मिला है। इसका बड़ा झुंड बहुत सुंदर दिखता है। हैदरपुर वेटलैंड पक्षियों की चहचहाहट से और सुंदर व रोमांचकारी होता जा रहा है।
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बिजनौर। गंगा के तट पर बना हैदरपुर वेटलैंड ग्रे लैग गूज पक्षी को बहुत भा गया है। वेटलैंड में ग्रे लैग गूज का करीब दो हजार पक्षियों का झुंड मिला है। जानकारों के मुताबिक यह देश का सबसे बड़ा झुंड माना जा रहा है। कोई पक्षी इतनी तादाद में हैदपुर में नहीं है, जितना बड़ा ग्रे लैग गूज का झुंड है।
हैदरपुर वेटलैंड में पक्षियों की संख्या बढ़ती जा रही है। यहां पर 95 प्रजातियों के पक्षी मिल चुके हैं। नवंबर में हुई गणना में हैदरपुर वेटलैंड में कुल 27 हजार पक्षी मिले थे। इन पक्षियों में देशी और प्रवासी दोनों पक्षी शामिल हैं। कई पक्षी पहली बार हैदरपुर वेटलैंड में देखे गए हैं। हैदरपुर वेटलैंड में साइबेरिया के अलावा अफगानिस्तान, यहां तक कि हिमालय की पहाड़ियों से भी पक्षी आ रहे हैं। सबसे ज्यादा ग्रे लैग गूज पक्षी यहां दिखता था। इसके बड़े झुंड दिख रहे थे। बर्ड वॉचर आशीष लोया को वेटलैंड में ग्रे लैग गूज पक्षी का सबसे बड़ा झुंड मिला है। इसमें दो हजार से अधिक पक्षी हैं। पोंग डैम, भरतपुर, गुजरात के वेटलैंड में भी ग्रे लैग गूज काफी संख्या में दिखता था, लेकिन वहां भी कभी इसका इतना बड़ा झुंड नहीं दिखा है। माना जा रहा है कि हैदरपुर वेटलैंड में ग्रे लैग गूज का सबसे बड़ा झुंड इस समय मौजूद है।
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प्रवासी पक्षी होता है
ग्रे लैग गूज पक्षी साइबेरिया, मंगोलिया, रशिया से आता है। यह ठंड का मौसम यहीं गुजारता है और फरवरी में यहां से पलायन करना शुरू कर देता है। यह एक प्रजाति की बत्तख ही होती हैं। ग्रे लैग गूज शुद्ध शाकाहारी पक्षी होता है। यह जलीय वनस्पति के अवशेष व उनके बीज खाता है। वेटलैंड के कुछ हिस्से में सिंघाड़े की खेती होती है। यहां पर यह पक्षी काफी आता है। लेकिन अगर पानी में होने वाली खेती में रासायनिक उर्वरक व कीटनाशक का प्रयोग किया जाए तो यह इन पक्षियों के लिए घातक साबित हो सकता है।
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बहुत सुंदर दिखता है झुंड
बर्ड वॉचर आशीष लोया का कहना है कि हैदरपुर वेटलैंड में ग्रे लैग गूज का सबसे बड़ा झुंड मिला है। इसका बड़ा झुंड बहुत सुंदर दिखता है। हैदरपुर वेटलैंड पक्षियों की चहचहाहट से और सुंदर व रोमांचकारी होता जा रहा है।