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सरकार अनुसूचितों के 2018 में दर्ज मुकदमे वापस ले : सांसद
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सरकार अनुसूचितों के 2018 में दर्ज मुकदमे वापस ले : सांसद
धामपुर। नगीना लोकसभा क्षेत्र के बसपा सांसद गिरीश चंद्र ने लोकसभा सदन में कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार अनुसूचित हितैषी हैं तो साल 2018 में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के हजारों लोगों पर सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लगे मुकदमों को निरस्त करे।
कहा कि यूपी सरकार ने उनके ऊपर लाठियां भंजवाकर 24 से लेकर 32 धाराओं में केस दर्ज करा दिए। अब केस कायम होने के बाद ये लोग बर्बादी के कगार पर आ गए है। बसपा सांसद ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य सरकार अपनी गलत मंशा के अनुरूप अनुसूचित विरोधी मानसिकता का परिचय देते हुए हजारों छात्रों, युवाओं और अन्य लोगों के ऊपर 24 से 32 धाराओं में मुकदमे लाद कर उनका जीवन बर्बाद करने पर तुली है। बेरोजगारी, आर्थिक विपन्नता के अलावा जिनका चयन सरकारी कर्मचारी के रूप में हो रहा है वे मुकदमों के चलते अपनी नौकरी से वंचित होते जा रहे हैं। इससे और बेरोजगारों में जन आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मौखिक रूप से नहीं, बल्कि वास्तव में यह केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार अनुसूचित हितैषी है तो दो अप्रैल 2018 के संबंध में दर्ज हुए समस्त मुकदमों को वापस ले।
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धामपुर। नगीना लोकसभा क्षेत्र के बसपा सांसद गिरीश चंद्र ने लोकसभा सदन में कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार अनुसूचित हितैषी हैं तो साल 2018 में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के हजारों लोगों पर सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लगे मुकदमों को निरस्त करे।
कहा कि यूपी सरकार ने उनके ऊपर लाठियां भंजवाकर 24 से लेकर 32 धाराओं में केस दर्ज करा दिए। अब केस कायम होने के बाद ये लोग बर्बादी के कगार पर आ गए है। बसपा सांसद ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य सरकार अपनी गलत मंशा के अनुरूप अनुसूचित विरोधी मानसिकता का परिचय देते हुए हजारों छात्रों, युवाओं और अन्य लोगों के ऊपर 24 से 32 धाराओं में मुकदमे लाद कर उनका जीवन बर्बाद करने पर तुली है। बेरोजगारी, आर्थिक विपन्नता के अलावा जिनका चयन सरकारी कर्मचारी के रूप में हो रहा है वे मुकदमों के चलते अपनी नौकरी से वंचित होते जा रहे हैं। इससे और बेरोजगारों में जन आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मौखिक रूप से नहीं, बल्कि वास्तव में यह केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार अनुसूचित हितैषी है तो दो अप्रैल 2018 के संबंध में दर्ज हुए समस्त मुकदमों को वापस ले।
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