फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   'Government should start scholarship for scheduled caste children'

‘अनुसूचित जाति के बच्चों की छात्रवृत्ति शुरू करे सरकार’

Thu, 16 Dec 2021 11:48 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 16 Dec 2021 11:48 PM IST
विज्ञापन
'Government should start scholarship for scheduled caste children'
‘अनुसूचित जाति के बच्चों की छात्रवृत्ति शुरू करे सरकार’
विज्ञापन

धामपुर। नगीना लोकसभा क्षेत्र के बसपा सांसद गिरीश चंद ने कहा कि यूपी और केंद्र सरकार देश के अनुसूचित और जन जाति छात्र-छात्राओं के साथ भेदभाव बरत रही है। इस मामले को सांसद ने केंद्रीय शिक्षामंत्री के समक्ष में उठाकर निदान कराने की सिफारिश की।

क्षेत्र के सांसद ने बृहस्पतिवार को वार्ता में कहा कि सरकारों की ओर से विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षाओं में अनियमितता तथा भेदभाव बरता जा रहा है। पिछले दिनों जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में पीएचडी में प्रवेश के लिए जो साक्षात्कार हुए, उनमें लिखित परीक्षा के लिए 70 और मौखिक साक्षात्कार के लिए 30 अंक निर्धारित किए गए थे। साक्षात्कार के 30 अंक में कई अभ्यर्थियों में से अधिकांश एससी-एसटी तथा ओबीसी वर्ग के छात्र हैं। इन्हें सिर्फ एक, दो या तीन अंक प्रदान किए गए। 30 अंक की मौखिक परीक्षा में सिर्फ दो या तीन अंक देना किसी भी तरह से तार्किक या न्याय पूर्ण नहीं है। जेएनयू में ग्रामीण बच्चों को विशेष तरजीह दी जा रही है। भाजपा सरकार की मनमानी की वजह से अधिकांश बच्चे उच्च शिक्षा से वंचित हैं। कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति बंद कर दी है। जिसे तुरंत ही शुरू किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed