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नए साल में मिलेगा बीस हजार से अधिक आवासों का तोहफा
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बिजनौर। बिना छत वाले ग्रामीणों के लिए अच्छी खबर है। शासन इन लोगों को नए साल में आवास का तोहफा देने वाला है। जिले के गांवों में नए साल में बीस हजार से अधिक आवास बनेंगे। प्रशासन ने पात्र लाभार्थियों का चयन करके सूची मंजूरी के लिए केंद्र तथा राज्य को भेज दी है।
जिला ग्राम्य विकास संस्थान के परियोजना निदेशक वीके श्रीवास्तव के अनुसार आवासों की मंजूरी अंतिम चरण में है। जिले में 1128 ग्राम पंचायतों में करीब दो हजार राजस्व गांव हैं। गांवों में अनेक लोग ऐसे हैं जो 72 साल बाद भी बिना छत के रह रहे हैं। शासन का वर्ष 2020 तक सभी को आवास देने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना छत वालों को आवास देने के लिए वर्ष 2016-17 में प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की थी। प्रधानमंत्री की इस महत्वाकांक्षी योजना में आवास आवंटन के लिए मानक तय किए गए। योजना के क्रियान्वयन की निगरानी केंद्र की हाई लेवल टीम करती है। योजना में जिले में चार सालों में 4026 आवास बने है। वित्तीय वर्ष 2019-20 तक का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री आवास योजना वित्तीय वर्ष 2018-19 में शुरू की गई है, अब शासन ने पात्रता के मानक बदल दिए हैं। योजना में आवास उन्हीं को मिलेगा जो प्राकृतिक आपदा बाढ़, भूकंप आदि से पीड़ित हों तथा उन्हें कोई अनुदान नहीं मिला हो। इसकी सूची राजस्व विभाग भेजता है। योजना में कुष्ठ रोगी व जापानी बुखार इंसेफेलाइटिस से पीड़ित भी शामिल हैं। वित्तीय वर्ष 2018-19 तथा 2019- 20 में 88 आवास बनने थे। इनमें 65 आवास बन चुके हैं। बाकी 23 आवासों का निर्माण अंतिम चरण में है जो जनवरी में पूरा हो जाएगा।
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परियोजना निदेशक वीके श्रीवास्तव ने बताया कि एक आवास 25 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बनता है। एक आवास के निर्माण की लागत एक लाख 20 हजार रुपये की धनराशि तय है। निर्माण की राशि लाभार्थी को निर्माण के स्टेज के अनुसार मिलती है। स्टेज शासन की वेबसाइट पर अपलोड होती है। गुणवत्ता की जांच बाद ही पैसा दिया जाता है। 23 दिसंबर को मुख्यमंत्री आवास योजना के 48 लाभार्थियों को चांदपुर विधायक कमलेश सैनी तथा डीएम रमाकांत पांडेय ने आवासों की चाबी सौंपी है।
जिला ग्राम्य विकास संस्थान के परियोजना निदेशक वीके श्रीवास्तव ने बताया कि केंद्र के निर्देश पर सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 में छूटे आवास के लिए 20752 पात्र ग्रामीणों का चयन किया गया है। चयनित ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास या मुख्यमंत्री आवास योजना में आवास मिलेगा। पात्रों की सूची फाइनल करके केंद्र व राज्य को मंजूरी के लिए भेजी गई है। स्वीकृति का काम अंतिम चरण में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बाबत 23 दिसंबर को लखनऊ में अधिकारियों की मीटिंग की है। अंतिम सूची जल्द मिलने की उम्मीद है।
जिले को बेस्ट इंपलीमेंट अवार्ड
जिले को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए बेस्ट इंपलीमेंट अवार्ड मिल चुका है, जो दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राजमंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने माह के शुरू में प्रदान किया है। जिले का नहटौर ब्लाक तीन सालों के क्रियान्वयन के आधार पर देश में दूसरे तथा सूबे में पहले स्थान पर है। तय मानकों पर आवासों की गुणवत्ता भी सही मिली है।
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जिला ग्राम्य विकास संस्थान के परियोजना निदेशक वीके श्रीवास्तव के अनुसार आवासों की मंजूरी अंतिम चरण में है। जिले में 1128 ग्राम पंचायतों में करीब दो हजार राजस्व गांव हैं। गांवों में अनेक लोग ऐसे हैं जो 72 साल बाद भी बिना छत के रह रहे हैं। शासन का वर्ष 2020 तक सभी को आवास देने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना छत वालों को आवास देने के लिए वर्ष 2016-17 में प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की थी। प्रधानमंत्री की इस महत्वाकांक्षी योजना में आवास आवंटन के लिए मानक तय किए गए। योजना के क्रियान्वयन की निगरानी केंद्र की हाई लेवल टीम करती है। योजना में जिले में चार सालों में 4026 आवास बने है। वित्तीय वर्ष 2019-20 तक का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है।
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उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री आवास योजना वित्तीय वर्ष 2018-19 में शुरू की गई है, अब शासन ने पात्रता के मानक बदल दिए हैं। योजना में आवास उन्हीं को मिलेगा जो प्राकृतिक आपदा बाढ़, भूकंप आदि से पीड़ित हों तथा उन्हें कोई अनुदान नहीं मिला हो। इसकी सूची राजस्व विभाग भेजता है। योजना में कुष्ठ रोगी व जापानी बुखार इंसेफेलाइटिस से पीड़ित भी शामिल हैं। वित्तीय वर्ष 2018-19 तथा 2019- 20 में 88 आवास बनने थे। इनमें 65 आवास बन चुके हैं। बाकी 23 आवासों का निर्माण अंतिम चरण में है जो जनवरी में पूरा हो जाएगा।
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परियोजना निदेशक वीके श्रीवास्तव ने बताया कि एक आवास 25 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बनता है। एक आवास के निर्माण की लागत एक लाख 20 हजार रुपये की धनराशि तय है। निर्माण की राशि लाभार्थी को निर्माण के स्टेज के अनुसार मिलती है। स्टेज शासन की वेबसाइट पर अपलोड होती है। गुणवत्ता की जांच बाद ही पैसा दिया जाता है। 23 दिसंबर को मुख्यमंत्री आवास योजना के 48 लाभार्थियों को चांदपुर विधायक कमलेश सैनी तथा डीएम रमाकांत पांडेय ने आवासों की चाबी सौंपी है।
जिला ग्राम्य विकास संस्थान के परियोजना निदेशक वीके श्रीवास्तव ने बताया कि केंद्र के निर्देश पर सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 में छूटे आवास के लिए 20752 पात्र ग्रामीणों का चयन किया गया है। चयनित ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास या मुख्यमंत्री आवास योजना में आवास मिलेगा। पात्रों की सूची फाइनल करके केंद्र व राज्य को मंजूरी के लिए भेजी गई है। स्वीकृति का काम अंतिम चरण में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बाबत 23 दिसंबर को लखनऊ में अधिकारियों की मीटिंग की है। अंतिम सूची जल्द मिलने की उम्मीद है।
जिले को बेस्ट इंपलीमेंट अवार्ड
जिले को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए बेस्ट इंपलीमेंट अवार्ड मिल चुका है, जो दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राजमंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने माह के शुरू में प्रदान किया है। जिले का नहटौर ब्लाक तीन सालों के क्रियान्वयन के आधार पर देश में दूसरे तथा सूबे में पहले स्थान पर है। तय मानकों पर आवासों की गुणवत्ता भी सही मिली है।