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गंगा स्नान मेले की तैयारियां तेज
अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Fri, 04 Nov 2016 11:51 PM IST
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बिजनौर में विदुर कुटी के पास गंगा स्नान मेले के लिए लगाए गए झूले।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में विदुर कुटी के सामने भागीरथी के तट पर कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले गंगा स्नान मेले की तैयारी तेज हो गई है। मेला नौ से 14 नवंबर तक लगेगा। इसमें पांच लाख से ज्यादा श्रद्धालु मेले में तंबुओं का शहर बनाकर बसते हैं।
कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा के तट पर हर साल मेला लगता है। यह मेला कई सालों से दारानगरगंज में महात्मा विदुर की कुटी के सामने लगता आ रहा है। इस बार भी मेला विदुर कुटी के सामने लग रहा है। हर साल यह मेेला विदुर कुटी की उत्तर दिशा में लगता था। मगर इस बार दक्षिण दिशा में लग रहा है। श्रद्धालुओं के स्नान के लिए गंगा के किनारे भी संवारे गए हैं और गंगा की धार भी अच्छी है।
मेले में जाने के लिए जिला पंचायत की ओर से टाट फूस से रास्ता बनाया जा रहा है। आधे से ज्यादा रास्ता बनकर तैयार हो गया है। मेले के लिए दस लाख
स्क्वायर फुट रेतीला क्षेत्र चाहिए जो कि इस बार पूरा मिल गया है। इसके अलावा भी मेले के आसपास का क्षेत्र रेतीला है। गंगा का कटान विदुर कुटी और गंज की ओर होने से इस बार श्रद्धालुओं को मेले में जाने के लिए ज्यादा दूरी तय नही करनी होगी। मेले में जाने के लिए 26 मीटर पैदल चलना पडे़गा। मुख्य स्नान 14 नवंबर को होगा। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी मुकेश जैन, अभियंता राजेश्वर सिंह और कार्य अधिकारी डा. एसवी शर्मा के मुताबिक मेले की 75 प्रतिशत तैयारी पूरी हो गई है। उन्होंने बताया कि नौ नवंबर को जिला पंचायत अध्यक्ष उदयनवीरा, उनकी पत्नी विधायक रूचि वीरा नौ नवंबर को मेले का उद्घाटन करेंगे। मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में डीएम जगतराज एसपी अजय साहनी और सीडीओ डा. इंदमणि त्रिपाठी होगे। मुख्य स्नान 14 नवंबर को होगा।
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गंगा स्नान मेले के लिए इस बार विदुर कुटी की जगह पूर्व मंत्री स्वामी ओमवेश के आश्रम के पास से वीआईपी मार्ग बनाया गया है। आश्रम के पास काली घटटी के पास से वीआईपी रास्ता बना है जो मेले तक बनाया गया है। इस रास्ते से ही वीआईपी मेले में जाएगे। जिला पंचायत के जेई कपिल देव के मुताबिक मेले में 100 टायलेट बनाए गए है। तीन स्वीपर समूह मेला खत्म होने के बाद भी मेले में रहेगे। जो सफाई करेगे। सफाई के लिए यहां विशेष अभियान रहेगा।
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कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा के तट पर हर साल मेला लगता है। यह मेला कई सालों से दारानगरगंज में महात्मा विदुर की कुटी के सामने लगता आ रहा है। इस बार भी मेला विदुर कुटी के सामने लग रहा है। हर साल यह मेेला विदुर कुटी की उत्तर दिशा में लगता था। मगर इस बार दक्षिण दिशा में लग रहा है। श्रद्धालुओं के स्नान के लिए गंगा के किनारे भी संवारे गए हैं और गंगा की धार भी अच्छी है।
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मेले में जाने के लिए जिला पंचायत की ओर से टाट फूस से रास्ता बनाया जा रहा है। आधे से ज्यादा रास्ता बनकर तैयार हो गया है। मेले के लिए दस लाख
स्क्वायर फुट रेतीला क्षेत्र चाहिए जो कि इस बार पूरा मिल गया है। इसके अलावा भी मेले के आसपास का क्षेत्र रेतीला है। गंगा का कटान विदुर कुटी और गंज की ओर होने से इस बार श्रद्धालुओं को मेले में जाने के लिए ज्यादा दूरी तय नही करनी होगी। मेले में जाने के लिए 26 मीटर पैदल चलना पडे़गा। मुख्य स्नान 14 नवंबर को होगा। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी मुकेश जैन, अभियंता राजेश्वर सिंह और कार्य अधिकारी डा. एसवी शर्मा के मुताबिक मेले की 75 प्रतिशत तैयारी पूरी हो गई है। उन्होंने बताया कि नौ नवंबर को जिला पंचायत अध्यक्ष उदयनवीरा, उनकी पत्नी विधायक रूचि वीरा नौ नवंबर को मेले का उद्घाटन करेंगे। मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में डीएम जगतराज एसपी अजय साहनी और सीडीओ डा. इंदमणि त्रिपाठी होगे। मुख्य स्नान 14 नवंबर को होगा।
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गंगा स्नान मेले के लिए इस बार विदुर कुटी की जगह पूर्व मंत्री स्वामी ओमवेश के आश्रम के पास से वीआईपी मार्ग बनाया गया है। आश्रम के पास काली घटटी के पास से वीआईपी रास्ता बना है जो मेले तक बनाया गया है। इस रास्ते से ही वीआईपी मेले में जाएगे। जिला पंचायत के जेई कपिल देव के मुताबिक मेले में 100 टायलेट बनाए गए है। तीन स्वीपर समूह मेला खत्म होने के बाद भी मेले में रहेगे। जो सफाई करेगे। सफाई के लिए यहां विशेष अभियान रहेगा।