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गंगा पर तटबंध की परियोजना को पटना से भी मिली मंजूरी
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गंगा पर तटबंध की परियोजना को पटना से भी मिली मंजूरी
बिजनौर। गंगा पर तटबंध बनने के प्रस्ताव को प्रदेश सरकार के बाद अब फ्लड कंट्रोल सेल पटना से भी मंजूरी मिल गई है। अब यह प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलते ही प्रस्ताव के लिए बजट जारी हो जाएगा। गंगा पर तटबंध बनने से 28 गांवों के हजारों किसानों को इससे फायदा होगा। खेतों में उनकी जमीन की मिट्टी कटकर नहीं बहेगी।
किनारे के गांवों के लिए गंगा का पानी जीवनदान देता है तो हर साल बरसात में तटीय गांवों में भयंकर तबाही मचाता है। खादर में गंगा के कटान की वजह से कई गांव के लोग विस्थापित हो चुके हैं। कभी तटीय गांवों से दो किमी से ज्यादा दूर बहने वाली गंगा अब गांवों से सटकर बह रही है। गंगा की धारा पांच किमी चौड़ी हो गई है। किसानों का कहना है कि गंगा के कटान में करीब दो लाख बीघा जमीन कटकर बह चुकी है। गंगा पर तटबंध बनाने की मांग दशकों से चल रही है। पिछले साल तटीय गांवों के किसानों ने अपने परिजनों के साथ गंगा की बीच धारा में खड़े होकर तटबंध बनाने की मांग की थी। गंगा पर तटबंध बनाने की परियोजना सबसे पहले 2004 में बनी थी। लेकिन तब से ये परियोजना फाइलों में ही अटकी थी। पिछले साल मुख्यमंत्री कार्यालय से इस परियोजना को अस्वीकृत कर दिया गया था। भाजपा विधायक सुचि मौसम चौधरी ने इस परियोजना के लिए कई बार उपमुख्यमंत्री केशवप्रदास मौर्य व सिंचाई मंत्री महेंद्रनाथ सिंह से मुलाकात की थी। जनवरी में तब मुख्यमंत्री कार्यालय से 61 करोड़ की परियोजना की फाइल को मंजूरी मिल गई थी। तब परियोजना की फाइल फ्लड कंट्रोल सेल पटना को भेजा गया था। देश भर में कटान निरोधी परियोजना की मंजूरी इसी कार्यालय से ही होती है। सेल ने भी गंगा पर तटबंध बनाने की फाइल को मंजूरी दे दी है। अब परियोजना की फाइल केंद्र सरकार के पास पहुंच गई है। वहां से जल्दी ही फाइल के मंजूर होने के कयास लगाए जा रहे हैं।
ये गांव बसे हैं गंगा तट पर
गंगा तट पर गांव कुंदनपुरी, टीप, फतेहपुर, सिमली, मिर्जापुर, कोहरपुर, राजारामपुर, रघुनाथपुर, डैबलगढ़, चाहड़वाला, वीरूवाला, रावली, ब्रह्मपुरी, सुक्खापुर, सैफपुर, सिकोहाबाद, सिमली खुर्द, स्योहारा, मानवाला, मीरापुर, औरंगाबाद, शकूरपुर उर्फ गीदड़पुरा, बादशाहपुर, मानशाहपुर, भोगपुर, शहजादपुर, इच्छावाला।
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कोट
अब केंद्र से मंजूरी पर पूरा जोर
भाजपा विधायक सुचि मौसम चौधरी ने बताया कि गंगा पर तटबंध बनवाने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है। पटना से फाइल मंजूर हो चुकी है। केंद्र सरकार से भी फाइल जल्दी ही पास कराने के लिए पूरा जोर लगाया जा रहा है।
केंद्र को भेजी फाइल
अफजलगढ़ सिंचाई खंड के एक्सईएन रामबाबू के अनुसार पटना कार्यालय से तटबंध की परियोजना की फाइल को मंजूरी मिल गई है। अब फाइल केंद्र सरकार को भेजी गई है।
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बिजनौर। गंगा पर तटबंध बनने के प्रस्ताव को प्रदेश सरकार के बाद अब फ्लड कंट्रोल सेल पटना से भी मंजूरी मिल गई है। अब यह प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलते ही प्रस्ताव के लिए बजट जारी हो जाएगा। गंगा पर तटबंध बनने से 28 गांवों के हजारों किसानों को इससे फायदा होगा। खेतों में उनकी जमीन की मिट्टी कटकर नहीं बहेगी।
किनारे के गांवों के लिए गंगा का पानी जीवनदान देता है तो हर साल बरसात में तटीय गांवों में भयंकर तबाही मचाता है। खादर में गंगा के कटान की वजह से कई गांव के लोग विस्थापित हो चुके हैं। कभी तटीय गांवों से दो किमी से ज्यादा दूर बहने वाली गंगा अब गांवों से सटकर बह रही है। गंगा की धारा पांच किमी चौड़ी हो गई है। किसानों का कहना है कि गंगा के कटान में करीब दो लाख बीघा जमीन कटकर बह चुकी है। गंगा पर तटबंध बनाने की मांग दशकों से चल रही है। पिछले साल तटीय गांवों के किसानों ने अपने परिजनों के साथ गंगा की बीच धारा में खड़े होकर तटबंध बनाने की मांग की थी। गंगा पर तटबंध बनाने की परियोजना सबसे पहले 2004 में बनी थी। लेकिन तब से ये परियोजना फाइलों में ही अटकी थी। पिछले साल मुख्यमंत्री कार्यालय से इस परियोजना को अस्वीकृत कर दिया गया था। भाजपा विधायक सुचि मौसम चौधरी ने इस परियोजना के लिए कई बार उपमुख्यमंत्री केशवप्रदास मौर्य व सिंचाई मंत्री महेंद्रनाथ सिंह से मुलाकात की थी। जनवरी में तब मुख्यमंत्री कार्यालय से 61 करोड़ की परियोजना की फाइल को मंजूरी मिल गई थी। तब परियोजना की फाइल फ्लड कंट्रोल सेल पटना को भेजा गया था। देश भर में कटान निरोधी परियोजना की मंजूरी इसी कार्यालय से ही होती है। सेल ने भी गंगा पर तटबंध बनाने की फाइल को मंजूरी दे दी है। अब परियोजना की फाइल केंद्र सरकार के पास पहुंच गई है। वहां से जल्दी ही फाइल के मंजूर होने के कयास लगाए जा रहे हैं।
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ये गांव बसे हैं गंगा तट पर
गंगा तट पर गांव कुंदनपुरी, टीप, फतेहपुर, सिमली, मिर्जापुर, कोहरपुर, राजारामपुर, रघुनाथपुर, डैबलगढ़, चाहड़वाला, वीरूवाला, रावली, ब्रह्मपुरी, सुक्खापुर, सैफपुर, सिकोहाबाद, सिमली खुर्द, स्योहारा, मानवाला, मीरापुर, औरंगाबाद, शकूरपुर उर्फ गीदड़पुरा, बादशाहपुर, मानशाहपुर, भोगपुर, शहजादपुर, इच्छावाला।
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अब केंद्र से मंजूरी पर पूरा जोर
भाजपा विधायक सुचि मौसम चौधरी ने बताया कि गंगा पर तटबंध बनवाने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है। पटना से फाइल मंजूर हो चुकी है। केंद्र सरकार से भी फाइल जल्दी ही पास कराने के लिए पूरा जोर लगाया जा रहा है।
केंद्र को भेजी फाइल
अफजलगढ़ सिंचाई खंड के एक्सईएन रामबाबू के अनुसार पटना कार्यालय से तटबंध की परियोजना की फाइल को मंजूरी मिल गई है। अब फाइल केंद्र सरकार को भेजी गई है।