{"_id":"652590cc89071e1ab40d6fb6","slug":"friend-sentenced-to-last-rites-in-mitravat-singh-murder-case-bijnor-news-c-27-1-smrt1007-12377-2023-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: जसवंत सिंह हत्याकांड में मुन्ना को आजीवन कारावास की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: जसवंत सिंह हत्याकांड में मुन्ना को आजीवन कारावास की सजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उधार दिए गए छह लाख रुपये मांगने पर की गई थी गाजियाबाद के जसवंत की हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट अवधेश कुमार ने गाजियाबाद के गांव सिकरी निवासी जसवंत की हत्या का दोषी पाते हुए मुन्ना को आजीवन कारावास और एक लाख दस रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाई है। उधार दिए गए छह लाख रुपये मांगने पर की गई थी यह हत्या की गई थी।
शासकीय अधिवक्ता शलभ शर्मा के अनुसार थाना कोतवाली देहात के ग्राम पेरूवाला के निकट 15 जुलाई 2017 को एक अज्ञात शव बरामद हुआ। पुलिस ने शव की पहचान नहीं होने और हत्यारे का पता नहीं चलने पर इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। एसपी द्वारा फाइनल रिपोर्ट निरस्त करने के बाद इस मामले की पुन: विवेचना हुई। शव की पहचान ग्राम सिकरी गाजियाबाद के जसवंत के रूप में हुई।
पुलिस विवेचना में यह बात सामने आई ग्राम डेहरी निवासी मुन्ना पुत्र जमीर दिल्ली के ज्योति नगर रहता है। उस पर जसवंत के साढ़े छह लाख रुपये उधार थे। उधार के पैसे मांगने पर मुन्ना ने चाकू से गोद कर जसवंत की हत्या कर दी थी और शव को पेरूवाला के पास सड़क किनारे पर डाल दिया था।
विज्ञापन
पुलिस ने मुन्ना की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया था। जसवंत अनुसूचित जाति का था। कोर्ट ने इस मामले में पारिस्थितिजनक साक्ष्य के आधार पर मुन्ना को जसवंत की हत्या का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट अवधेश कुमार ने गाजियाबाद के गांव सिकरी निवासी जसवंत की हत्या का दोषी पाते हुए मुन्ना को आजीवन कारावास और एक लाख दस रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाई है। उधार दिए गए छह लाख रुपये मांगने पर की गई थी यह हत्या की गई थी।
शासकीय अधिवक्ता शलभ शर्मा के अनुसार थाना कोतवाली देहात के ग्राम पेरूवाला के निकट 15 जुलाई 2017 को एक अज्ञात शव बरामद हुआ। पुलिस ने शव की पहचान नहीं होने और हत्यारे का पता नहीं चलने पर इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। एसपी द्वारा फाइनल रिपोर्ट निरस्त करने के बाद इस मामले की पुन: विवेचना हुई। शव की पहचान ग्राम सिकरी गाजियाबाद के जसवंत के रूप में हुई।
विज्ञापन
पुलिस विवेचना में यह बात सामने आई ग्राम डेहरी निवासी मुन्ना पुत्र जमीर दिल्ली के ज्योति नगर रहता है। उस पर जसवंत के साढ़े छह लाख रुपये उधार थे। उधार के पैसे मांगने पर मुन्ना ने चाकू से गोद कर जसवंत की हत्या कर दी थी और शव को पेरूवाला के पास सड़क किनारे पर डाल दिया था।
विज्ञापन
पुलिस ने मुन्ना की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया था। जसवंत अनुसूचित जाति का था। कोर्ट ने इस मामले में पारिस्थितिजनक साक्ष्य के आधार पर मुन्ना को जसवंत की हत्या का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।