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चार चीनी मिलों ने किया शत प्रतिशत भुगतान
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
Updated Wed, 28 Nov 2018 11:42 PM IST
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बिजनौर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 30 नवंबर तक शत प्रतिशत बकाया भुगतान कराने की घोषणा का असर दिखने लगा है। जिले की चार चीनी मिलों ने शत प्रतिशत गन्ना बकाया भुगतान कर दिया है। अब केवल चार चीनी मिलों पर केवल 226 करोड़ का भुगतान बचा है। गन्ना विभाग का दावा है कि यह राशि भी 30 नवंबर तक किसानों के खातों में भेज दी जाएगी।
जिले में नौ चीनी मिल हैं। सहकारिता क्षेत्र की नजीबाबाद चीनी मिल पहले ही किसानों को बकाया का अपडेट भुगतान कर चुकी है। निजी क्षेत्र की आठ चीनी मिलों में बकाया भुगतान नहीं किया था। इस पर शासन ने चीनी मिलों को किसानों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए वित्तीय सहायता देने का एलान किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को 30 नवंबर तक हर हाल में भुगतान कराने का आश्वासन दिया था। डीसीओ यशपाल सिंह के अनुसार मंगलवार को शासन से पैसा चीनी मिलों को मिल गया है। इस पर बरकातपुर चीनी मिल व बूंदकी चीनी मिल ने 50-55 करोड़, बहादरपुर चीनी मिल ने 48 करोड़ व स्योहारा चीनी मिल ने 115 करोड़ रुपये बुधवार को किसानों के खातों में भेज दिए हैं। अब धामपुर चीनी मिल पर 92.42 करोड़, बिजनौर पर 29 करोड़, चांदपुर मिल पर 39 करोड़ व बिलाई को 66 करोड़ का बकाया भुगतान करना है। डीसीओ के मुताबिक शुक्रवार तक पैसा शासन से चीनी मिलों के खाते में आ जाएगा। उसी दिन पैसा किसानों के खाते में भेज दिया जाएगा। प्रशासन का प्रयास है कि किसानों को चालू पेराई सीजन का भुगतान समय से हो। इसके लिए चीनी मिलों को जरूरी निर्देश दे दिए गए हैं।
गन्ना बकाया भुगतान करने के बाद अब प्रदेश सरकार के सामने चालू पेराई सत्र में गन्ना मूल्य घोषण की चुनौती है। गन्ना मूल्य अभी तक घोषित नहीं किया गया है। किसान गन्ना मूल्य लागत से डेढ़ गुना मांग रहे हैं।
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वर्तमान पेराई सत्र में गन्ने की पैदावार कम होती जा रही है। हालांकि चीनी मिलों को रिकवरी अच्छी मिल रही है। गन्ना उत्पादन गिरने से किसानों को नुकसान हो रहा है। किसान सीजन के अंत में प्राइस वार होने की उम्मीद कर रहे हैं।
सेंटरों पर गड़बड़ी पकड़ी
डीसीओ यशपाल सिंह के अनुसार विभाग को गन्ना सेंटरों पर घटतौली की शिकायत मिल रही थी। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बुधवार को तीन टीमों द्वारा चांदपुर क्षेत्र में छापेमारी कराई गई है। इस दौरान टीमों ने 19 तौल कांटे चेक किए। इनमें टुंगरी बी व बीरोपुर में घटतौली मिली है। दोनों मामले विधिक कार्रवाई के लिए सहायक चीनी आयुक्त को भेजे जा रहे हैं। सेंटरों पर छापेमारी जारी रहेगी।
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जिले में नौ चीनी मिल हैं। सहकारिता क्षेत्र की नजीबाबाद चीनी मिल पहले ही किसानों को बकाया का अपडेट भुगतान कर चुकी है। निजी क्षेत्र की आठ चीनी मिलों में बकाया भुगतान नहीं किया था। इस पर शासन ने चीनी मिलों को किसानों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए वित्तीय सहायता देने का एलान किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को 30 नवंबर तक हर हाल में भुगतान कराने का आश्वासन दिया था। डीसीओ यशपाल सिंह के अनुसार मंगलवार को शासन से पैसा चीनी मिलों को मिल गया है। इस पर बरकातपुर चीनी मिल व बूंदकी चीनी मिल ने 50-55 करोड़, बहादरपुर चीनी मिल ने 48 करोड़ व स्योहारा चीनी मिल ने 115 करोड़ रुपये बुधवार को किसानों के खातों में भेज दिए हैं। अब धामपुर चीनी मिल पर 92.42 करोड़, बिजनौर पर 29 करोड़, चांदपुर मिल पर 39 करोड़ व बिलाई को 66 करोड़ का बकाया भुगतान करना है। डीसीओ के मुताबिक शुक्रवार तक पैसा शासन से चीनी मिलों के खाते में आ जाएगा। उसी दिन पैसा किसानों के खाते में भेज दिया जाएगा। प्रशासन का प्रयास है कि किसानों को चालू पेराई सीजन का भुगतान समय से हो। इसके लिए चीनी मिलों को जरूरी निर्देश दे दिए गए हैं।
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गन्ना बकाया भुगतान करने के बाद अब प्रदेश सरकार के सामने चालू पेराई सत्र में गन्ना मूल्य घोषण की चुनौती है। गन्ना मूल्य अभी तक घोषित नहीं किया गया है। किसान गन्ना मूल्य लागत से डेढ़ गुना मांग रहे हैं।
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वर्तमान पेराई सत्र में गन्ने की पैदावार कम होती जा रही है। हालांकि चीनी मिलों को रिकवरी अच्छी मिल रही है। गन्ना उत्पादन गिरने से किसानों को नुकसान हो रहा है। किसान सीजन के अंत में प्राइस वार होने की उम्मीद कर रहे हैं।
सेंटरों पर गड़बड़ी पकड़ी
डीसीओ यशपाल सिंह के अनुसार विभाग को गन्ना सेंटरों पर घटतौली की शिकायत मिल रही थी। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बुधवार को तीन टीमों द्वारा चांदपुर क्षेत्र में छापेमारी कराई गई है। इस दौरान टीमों ने 19 तौल कांटे चेक किए। इनमें टुंगरी बी व बीरोपुर में घटतौली मिली है। दोनों मामले विधिक कार्रवाई के लिए सहायक चीनी आयुक्त को भेजे जा रहे हैं। सेंटरों पर छापेमारी जारी रहेगी।