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Bijnor News: चार विधायक, फिर भी एक भी विधानसभा में आगे नहीं रही भाजपा

Thu, 06 Jun 2024 12:26 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 06 Jun 2024 12:26 AM IST
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Four MLAs, yet BJP is not ahead in even a single assembly
- जिले की आठों विधानसभाओं में दूसरे स्थान पर रही
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-पांच विधानसभा में आसपा और तीन में सपा रही आगे
-भाजपा के लिए जिले में खतरे की घंटी माने जा रहे आंकड़े
रजनीश त्यागी
बिजनौर। जिले में भाजपा के चार विधायक हैं। इसके अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष से लेकर जिला सहकारी बैंक सभापति जैसे पदों भी भाजपा के नेता ही है। इन सबके बावजूद भाजपा इन लोकसभा चुनावों में जिले की एक भी विधानसभा सीट पर पहले स्थान पर नहीं आई। जिले में आठ विधानसभाएं हैं, इनमें जहां पांच पर आसपा और तीन पर सपा पहले स्थान पर आई। ऐसे में इन आंकड़ों ने जिले में संगठन और गुटबंदी को लेकर तमाम सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिले में आठ विधानसभाएं हैं। वहीं तीन लोकसभा का संबंध जिले से है। इनमें जहां बिजनौर लोकसभा के अंतर्गत बिजनौर और चांदपुर विधानसभा आती है। नगीना लोकसभा में नगीना, नजीबाबाद, धामपुर, नूरपुर, नहटौर आती है। बढ़ापुर विधानसभा मुरादाबाद लोकसभा के अंतर्गत है। बात भाजपा के प्रदर्शन की करें तो यहां पर भाजपा की बड़ी टीम देखने को मिलती है। चार विधायक से लेकर चेयरमैन, ब्लॉक प्रमुख और कई पदों पर सत्तापक्ष का ही कब्जा है।
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ऐसे में शुरूआत बिजनौर लोकसभा के आंकड़ों से करें तो बिजनौर और चांदपुर दोनों की विधानसभा में भाजपा दूसरे स्थान पर रही। पहले स्थान पर सपा बनी रही। हालांकि गंगा पार की हस्तिनापुर, पुरकाजी और मीरापुर विधानसभा ने भाजपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशी चंदन चौहान की नैया पार लगा दी। बिजनौर में जहां भाजपा विधायक है, वहीं चांदपुर में सपा विधायक हैं।
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अब बात नगीना लोकसभा की करें तो यहां पर भाजपा दूसरे स्थान पर तो रही, बल्कि एक भी जगह एक लाख का आंकड़ा पार नहीं कर पाई। जबकि धामपुर और नहटौर भाजपा के ही खाते में है। नहटौर में तो भाजपा प्रत्याशी ओमकुमार खुद तीन बार के विधायक है, लेकिन यहां पर वह अपने प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी आसपा से करीब 31 हजार वोटों से पीछे रह गए। यही हाल धामपुर में भी रहा।
धामपुर को छोड़ दें तो आसपा प्रत्याशी चंद्रशेखर ने नजीबाबाद, नगीना, नहटौर और नूरपुर में एक लाख का आंकड़ा पार किया था। वहीं भाजपा 80 हजार के आंकड़े को एक भी जगह पार नहीं कर पाई। सपा की बात करें तो वह 40 हजार का आंकड़ा छूने में नाकाम रही। उधर, बसपा की हालत और ज्यादा बुरी रही। नगीना लोकसभा की किसी भी सीट पर बसपा पांच हजार का आंकड़ा छू तक नहीं पाई।


पिता को अपनी विधानसभा से नहीं जीता पाए विधायक
बढ़ापुर विधानसभा मुरादाबाद लोकसभा में आती है। इस सीट पर भाजपा से सर्वेश सिंह प्रत्याशी थे। वहीं सपा से रूचि वीरा मैदान में थी। बढ़ापुर विधानसभा में सर्वेश सिंह के पुत्र सुशांत सिंह भाजपा के विधायक हैं। ऐसे में यहां आंकड़ों पर नजर डालें तो सर्वेश सिंह बढ़ापुर विधानसभा में भी सपा से पिछड़ गए। उनके पुत्र भी यहां उन्हें जीत नहीं दिला पाए। बढ़ापुर विधानसभा में सर्वेश सिंह को 99,450 वोट मिले। जबकि सपा प्रत्याशी रूचि वीरा को 1,03,426 वोट मिले।

विधानसभा- रालोद/भाजपा- सपा- बसपा- आसपा
बिजनौर- 88438- 89,429- 41958 ---

चांदपुर- 78075- 88,691- 29149 ---
नजीबाबाद- 68,943- 39,318- 3,569- 1,02,541
नगीना- 68,880- 26,481- 3,095- 1,12,518
धामपुर- 73,680- 15,363- 2,059- 90,518
नहटौर- 72,520- 7,732- 2,574- 1,03,544
नूरपुर- 75,728- 13,210- 1,915- 1,02,691
बढ़ापुर- 99,450- 1,03,426 --- ---
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