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पूर्व विधायक इकबाल ठेकेदार और जितेंद्र सागर बसपा से निष्कासित
Wed, 19 Dec 2018 11:49 PM IST
Deepak Sharma
बिजनौर/अमर उजाला/ब्यूरो
बिजनौर/अमर उजाला/ब्यूरो
Published by: Deepak Sharma
Updated Wed, 19 Dec 2018 11:49 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर। पूर्व बसपा विधायक इकबाल ठेकेदार और मुख्य जोन इंचार्ज मुरादाबाद मंडल जितेंद्र सागर को बसपा से निष्कासित कर दिया गया है। माना जा रहा है कि सपा की पूर्व विधायक रुचि वीरा के बसपा में शामिल होने का विरोध करने पर इन दोनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। चर्चा है कि रुचि वीरा बिजनौर लोकसभा सीट पर बसपा से टिकट मांग रही हैं। सपा-बसपा गठबंधन में बिजनौर लोकसभा सीट के बसपा के खाते में जाने की उम्मीद है।
सपा की पूर्व विधायक रुचि वीरा बसपा से बिजनौर सीट पर लोकसभा का चुनाव लड़ना चाहती हैं। रुचि वीरा को जब इस बात का पता चला कि बिजनौर लोकसभा सीट बसपा-सपा गठबंधन में बसपा के खाते में जा रही है तभी से उन्होंने पाला बदलने का मन बना लिया। सूत्रों के मुताबिक 18 दिसंबर को रुचि वीरा बसपा में शामिल होने वाली थीं।
चांदपुर के पूर्व बसपा विधायक इकबाल ठेकेदार और मुख्य जोन इंचार्ज मुरादाबाद मंडल जितेंद्र सागर ने रुचि वीरा के बसपा में शामिल होने का विरोध किया। उन्होंने बसपा हाईकमान को बता दिया कि रुचि वीरा पर कई मुकदमे चल रहे हैं, उनका बसपा में शामिल होना पार्टी हित में नहीं है। इसके बाद बसपा हाईकमान ने रुचि वीरा के बसपा में शामिल होने पर रोक लगा दी। जबकि रुचि वीरा की पैरवी कर रहे बसपा नेताओं ने हाईकमान को बताया कि रुचि वीरा पर राजनीतिक विद्वेष के तहत जो मुकदमे चल रहे थे वे खत्म हो गए हैं। इसके बाद भी हाईकमान रुचि वीरा को बसपा में शामिल करने के लिए तैयार नहीं हुआ।
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पूर्व विधायक इकबाल ठेकेदार, रविंद्र पनियाल भी बिजनौर लोकसभा सीट से बसपा के टिकट के दावेदार हैं। इकबाल ठेकेदार ने लोकसभा चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी कर रखी है। बुधवार को बसपा के कुछ नेता दिल्ली में पार्टी सुप्रीमो मायावती से मिले और उनसे पूर्व विधायक इकबाल ठेकेदार, जितेंद्र सागर की शिकायत कर दी। कहा कि ये दोनों अपने निजी स्वार्थ के लिए रुचि वीरा को बसपा में शामिल करने का विरोध कर रहे हैं। इसके बाद इकबाल ठेकेदार और जितेंद्र सागर को बसपा से निष्कासित कर दिया गया है। बसपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने पूर्व विधायक इकबाल ठेकेदार व जितेंद्र सागर को बसपा से निष्कासित करने की पुष्टि की है।
रुचि वीरा का रास्ता हुआ साफ
सपा बसपा गठबंधन के तहत जिले की बिजनौर और नगीना लोकसभा सीट बसपा के खाते में जा रही हैं। सूत्रों की मानें तो सपा हाईकमान भी जिले की दोनों सीट बसपा को देने पर राजी हो गया है। इकबाल ठेकेदार और जितेंद्र सागर के बसपा से निष्कासित होने पर अगले दो तीन दिन में रुचि वीरा के बसपा में शामिल होने का रास्ता साफ हो गया है।
नहीं की कोई अनुशासनहीनता : इकबाल ठेकेदार
बसपा के पूर्व विधायक इकबाल ठेकेदार के मुताबिक उन्होंने पार्टी में कोई अनुशासनहीनता नहीं की। वह बसपा के सच्चे सिपाही हैं। किसी के बसपा के शामिल होने में वह कोई रोड़ा नहीं बने। पार्टी हाईकमान का जो आदेश है उसे वह मानते रहे हैं। उन्होंने कहा कि इतना जरूर है कि वह भी लोकसभा का टिकट मांग रहे थे। टिकट मांगना सबका अधिकार है।
हाईकमान को दी जानकारी : जितेंद्र सागर
जितेंद्र सागर के मुताबिक वह बसपा हाईकमान के हर आदेश का पालन करते रहे हैं। पार्टी के लिए अभी भी बैठक करते घूम रहे हैं। उन्होंने पार्टी के विरुद्ध कोई काम नहीं किया। रुचि वीरा के बारे में संगठन को यह बताना कि उन पर मुकदमे चल रहे हैं पार्टी हित में था। यह काम उन्होंने किया। लेकिन उनके पार्टी में शामिल में वह कोई रुकावट नहीं बने।
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सपा की पूर्व विधायक रुचि वीरा बसपा से बिजनौर सीट पर लोकसभा का चुनाव लड़ना चाहती हैं। रुचि वीरा को जब इस बात का पता चला कि बिजनौर लोकसभा सीट बसपा-सपा गठबंधन में बसपा के खाते में जा रही है तभी से उन्होंने पाला बदलने का मन बना लिया। सूत्रों के मुताबिक 18 दिसंबर को रुचि वीरा बसपा में शामिल होने वाली थीं।
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चांदपुर के पूर्व बसपा विधायक इकबाल ठेकेदार और मुख्य जोन इंचार्ज मुरादाबाद मंडल जितेंद्र सागर ने रुचि वीरा के बसपा में शामिल होने का विरोध किया। उन्होंने बसपा हाईकमान को बता दिया कि रुचि वीरा पर कई मुकदमे चल रहे हैं, उनका बसपा में शामिल होना पार्टी हित में नहीं है। इसके बाद बसपा हाईकमान ने रुचि वीरा के बसपा में शामिल होने पर रोक लगा दी। जबकि रुचि वीरा की पैरवी कर रहे बसपा नेताओं ने हाईकमान को बताया कि रुचि वीरा पर राजनीतिक विद्वेष के तहत जो मुकदमे चल रहे थे वे खत्म हो गए हैं। इसके बाद भी हाईकमान रुचि वीरा को बसपा में शामिल करने के लिए तैयार नहीं हुआ।
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पूर्व विधायक इकबाल ठेकेदार, रविंद्र पनियाल भी बिजनौर लोकसभा सीट से बसपा के टिकट के दावेदार हैं। इकबाल ठेकेदार ने लोकसभा चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी कर रखी है। बुधवार को बसपा के कुछ नेता दिल्ली में पार्टी सुप्रीमो मायावती से मिले और उनसे पूर्व विधायक इकबाल ठेकेदार, जितेंद्र सागर की शिकायत कर दी। कहा कि ये दोनों अपने निजी स्वार्थ के लिए रुचि वीरा को बसपा में शामिल करने का विरोध कर रहे हैं। इसके बाद इकबाल ठेकेदार और जितेंद्र सागर को बसपा से निष्कासित कर दिया गया है। बसपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने पूर्व विधायक इकबाल ठेकेदार व जितेंद्र सागर को बसपा से निष्कासित करने की पुष्टि की है।
रुचि वीरा का रास्ता हुआ साफ
सपा बसपा गठबंधन के तहत जिले की बिजनौर और नगीना लोकसभा सीट बसपा के खाते में जा रही हैं। सूत्रों की मानें तो सपा हाईकमान भी जिले की दोनों सीट बसपा को देने पर राजी हो गया है। इकबाल ठेकेदार और जितेंद्र सागर के बसपा से निष्कासित होने पर अगले दो तीन दिन में रुचि वीरा के बसपा में शामिल होने का रास्ता साफ हो गया है।
नहीं की कोई अनुशासनहीनता : इकबाल ठेकेदार
बसपा के पूर्व विधायक इकबाल ठेकेदार के मुताबिक उन्होंने पार्टी में कोई अनुशासनहीनता नहीं की। वह बसपा के सच्चे सिपाही हैं। किसी के बसपा के शामिल होने में वह कोई रोड़ा नहीं बने। पार्टी हाईकमान का जो आदेश है उसे वह मानते रहे हैं। उन्होंने कहा कि इतना जरूर है कि वह भी लोकसभा का टिकट मांग रहे थे। टिकट मांगना सबका अधिकार है।
हाईकमान को दी जानकारी : जितेंद्र सागर
जितेंद्र सागर के मुताबिक वह बसपा हाईकमान के हर आदेश का पालन करते रहे हैं। पार्टी के लिए अभी भी बैठक करते घूम रहे हैं। उन्होंने पार्टी के विरुद्ध कोई काम नहीं किया। रुचि वीरा के बारे में संगठन को यह बताना कि उन पर मुकदमे चल रहे हैं पार्टी हित में था। यह काम उन्होंने किया। लेकिन उनके पार्टी में शामिल में वह कोई रुकावट नहीं बने।