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वन विभाग ने रामपुर ठकरा में जोती 60 बीघा भूमि
अमर उजाला/बिजनौर
Updated Sun, 05 Aug 2018 12:21 AM IST
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ग्राम रामपुर ठकरा में जमीन जोतने पहुंची वन विभाग की टीम।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में वन विभाग की टीम ने गांव रामपुर ठकरा में 60 बीघा जमीन जोत दी। गांव वालों ने विरोध करने की कोशिश की तो वन विभाग के कर्मचारियों ने उन्हें चेतावनी देकर एक ओर कर दिया। गांव वाले अपनी बाकी जमीन बचाने में लगे हैं। उन्होंने वन विभाग की इस कार्रवाई को गलत बताया है। वन विभाग इस जमीन पर पौधरोपण कराएगा।
गांव रामपुर ठकरा की जमीन का मामला कई साल तक कोर्ट में चला। गांव की आबादी व किसानों द्वारा जोती जा रही करीब एक बीघा जमीन के स्वामित्व को लेकर यह केस चला था। गांव वाले और वन विभाग जमीन को अपना बता रहे थे। 21 दिसंबर 2016 को हाईकोर्ट की डबल बेंच ने गांव वालों के कब्जे को गलत बताते हुए जमीन खाली कराने के निर्देश वन विभाग को दिए थे। पिछले साल सितंबर में काफी जमीन को वन विभाग ने गांव वालों के कब्जे से छुड़वा दिया था।
तब जमीन पर पौधरोपण करने का समय निकल गया था। गांव में खाली कराई गई जमीन पर पौधरोपण की तैयारी के लिए वन विभाग के कर्मचारी शनिवार को जमीन काटने के लिए पहुंचे। कर्मचारियों के गांव में पहुंचने का पता चलते ही गांव में हड़कंप मच गया। गांव वाले तुरंत मौके पर पहुंच गए। महिलाएं भी वहीं एकत्र हो गईं। उनको लगा कि पूरे गांव को खाली कराया जाएगा। इस पर महिलाएं सुबकने लगीं। गांव वालों ने बताया कि उनके पास जमीन के मामले में डीएम के आदेश हैं। इसे वन विभाग के कर्मचारियों ने दरकिनार कर दिया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के साफ आदेश हैं कि गांव को खाली कराया जाए।
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वन विभाग कोर्ट के आदेशों का पालन करेगा। अगर कोई बीच में आएगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों का सख्त लहजा देखकर गांव वाले एक ओर हट गए। वन विभाग ने तीन ट्रैक्टर हैरो चलवाकर जमीन जुतवा दी। यहां पर पौधरोपण किया जाएगा। इस दौरान एसडीओ इम्तियाज अहमद सिद्दीकी, रेंजर शरद गुप्ता, वन दरोगा हुकुमुदीन आदि मौजूद रहे। उधर, मांग करने के बावजूद पुलिस फोर्स उपलब्ध नहीं हो पाई।
आंख बंद कर लुटाया सरकारी धन
रामपुर ठकरा पर कई विभागों ने आंखें बंद करके धन लुटाया। गांव में पक्की सड़कें बनी हैं। गांव में परिषदीय विद्यालय भी बना है। यहां बाकायदा अब भी शिक्षा विभाग द्वारा नियुक्त शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
एक साल से बिजली नहीं
विद्युत निगम द्वारा हर घर में बिजली देने के लिए अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन रामपुर ठकरा की कहानी अलग ही है। गांव में बिजली के खंभे, तार, ट्रांसफार्मर सब कुछ हैं। लेकिन निगम के अधिकारियों ने बिजली लाइन पिछले साल से काट रही है। एक साल से गांव में बिना बिजली के गांव वाले रह रहे हैं।
सीमा विवाद का होना चाहिए निस्तारण
रामपुर ठकरा में 86 बीघा जमीन कुछ साल पहले खरीदी थी। यहां पर रामपुर ठकरा की जमीन ओवर लेप होने की बात सामने आई है। साथ ही यहां सीमा विवाद भी है। पहले इसका निस्तारण होना चाहिए।
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गांव रामपुर ठकरा की जमीन का मामला कई साल तक कोर्ट में चला। गांव की आबादी व किसानों द्वारा जोती जा रही करीब एक बीघा जमीन के स्वामित्व को लेकर यह केस चला था। गांव वाले और वन विभाग जमीन को अपना बता रहे थे। 21 दिसंबर 2016 को हाईकोर्ट की डबल बेंच ने गांव वालों के कब्जे को गलत बताते हुए जमीन खाली कराने के निर्देश वन विभाग को दिए थे। पिछले साल सितंबर में काफी जमीन को वन विभाग ने गांव वालों के कब्जे से छुड़वा दिया था।
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तब जमीन पर पौधरोपण करने का समय निकल गया था। गांव में खाली कराई गई जमीन पर पौधरोपण की तैयारी के लिए वन विभाग के कर्मचारी शनिवार को जमीन काटने के लिए पहुंचे। कर्मचारियों के गांव में पहुंचने का पता चलते ही गांव में हड़कंप मच गया। गांव वाले तुरंत मौके पर पहुंच गए। महिलाएं भी वहीं एकत्र हो गईं। उनको लगा कि पूरे गांव को खाली कराया जाएगा। इस पर महिलाएं सुबकने लगीं। गांव वालों ने बताया कि उनके पास जमीन के मामले में डीएम के आदेश हैं। इसे वन विभाग के कर्मचारियों ने दरकिनार कर दिया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के साफ आदेश हैं कि गांव को खाली कराया जाए।
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वन विभाग कोर्ट के आदेशों का पालन करेगा। अगर कोई बीच में आएगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों का सख्त लहजा देखकर गांव वाले एक ओर हट गए। वन विभाग ने तीन ट्रैक्टर हैरो चलवाकर जमीन जुतवा दी। यहां पर पौधरोपण किया जाएगा। इस दौरान एसडीओ इम्तियाज अहमद सिद्दीकी, रेंजर शरद गुप्ता, वन दरोगा हुकुमुदीन आदि मौजूद रहे। उधर, मांग करने के बावजूद पुलिस फोर्स उपलब्ध नहीं हो पाई।
आंख बंद कर लुटाया सरकारी धन
रामपुर ठकरा पर कई विभागों ने आंखें बंद करके धन लुटाया। गांव में पक्की सड़कें बनी हैं। गांव में परिषदीय विद्यालय भी बना है। यहां बाकायदा अब भी शिक्षा विभाग द्वारा नियुक्त शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
एक साल से बिजली नहीं
विद्युत निगम द्वारा हर घर में बिजली देने के लिए अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन रामपुर ठकरा की कहानी अलग ही है। गांव में बिजली के खंभे, तार, ट्रांसफार्मर सब कुछ हैं। लेकिन निगम के अधिकारियों ने बिजली लाइन पिछले साल से काट रही है। एक साल से गांव में बिना बिजली के गांव वाले रह रहे हैं।
सीमा विवाद का होना चाहिए निस्तारण
रामपुर ठकरा में 86 बीघा जमीन कुछ साल पहले खरीदी थी। यहां पर रामपुर ठकरा की जमीन ओवर लेप होने की बात सामने आई है। साथ ही यहां सीमा विवाद भी है। पहले इसका निस्तारण होना चाहिए।