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वन विभाग को कब्जा दिलाया
अमर उजाला/बिजनौर
Updated Tue, 18 Sep 2018 12:05 AM IST
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एनजीटी के आदेशों पर ध्वस्त पड़ा इमारतों का मलबा।
- फोटो : अमर उजाला
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कालागढ़ में प्रशासन ने रामगंगा बांध परियोजना की सिंचाई विभाग कॉलोनियों में आठ आलीशान इमारतों और 196 आवासों को जेसीबी से ध्वस्त करा दिया। इसके बाद खाली कराई गई 12.53 हेक्टेयर भूमि वन विभाग को सौंप दी गई।
कालागढ़ में एनजीटी के आदेशों के पालन में प्रशासन ने राजकीय भवनों, आवासों का बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण कर भूमि वन विभाग को सौंप दी है। नई कॉलोनी में प्रशासन ने दो दिनो तक बड़े पैमाने पर आलीशान इमारतों को जनता के विरोध के बीच जमींदोज कर दिया। जिनमें थाना, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, गैस ऐजेंसी, उत्तराखंड जलविद्युत निगम लिमिटेड का कार्यालय, शिविर प्रबंध खंड के अभियंता कार्यालय, डाकघर, उपकोषागार, रामरहीम मिलन केंद्र पूरी तरह से ध्वस्त कर मलबे में तब्दील कर दिए गए। केंद्रीय कालोनी और नई कॉलोनी में 196 राजकीय आवासों को ध्वस्त कर दिया गया।
बड़ी संख्या में सी और डी ध्वस्त किए गए। सोमवार को कार्रवाई रोक दी गई। रविवार देर रात रामगंगा भवन में उप जिलाधिकारी कमलेश मेहता, शिविर प्रबंध खंड के सहायक अभियंता, कार्बेट टाइगर रिजर्व के अधिकारियों के बीच बैठक हुई। जिसमें शनिवार से चल रही कार्रवाई की समीक्षा की गई। इस दौरान 12.53 हेक्टेअर भूमि वन विभाग को सौंपी गई। इस कार्रवाई से 24 सितंबर को नई दिल्ली में एनजीटी को अवगत कराया जाएगा। साथ ही स्टेटस रिपोर्ट अदालत को सौंप दी जाएगी। सोमवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई बंद रही। एसडीएम के अनुसार अब एनजीटी से अगले आदेशों के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी। अभी विद्युत विभाग के जीएम कार्यालय को खाली कराया जा चुका है।
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कालागढ़ में एनजीटी के आदेशों के पालन में प्रशासन ने राजकीय भवनों, आवासों का बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण कर भूमि वन विभाग को सौंप दी है। नई कॉलोनी में प्रशासन ने दो दिनो तक बड़े पैमाने पर आलीशान इमारतों को जनता के विरोध के बीच जमींदोज कर दिया। जिनमें थाना, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, गैस ऐजेंसी, उत्तराखंड जलविद्युत निगम लिमिटेड का कार्यालय, शिविर प्रबंध खंड के अभियंता कार्यालय, डाकघर, उपकोषागार, रामरहीम मिलन केंद्र पूरी तरह से ध्वस्त कर मलबे में तब्दील कर दिए गए। केंद्रीय कालोनी और नई कॉलोनी में 196 राजकीय आवासों को ध्वस्त कर दिया गया।
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बड़ी संख्या में सी और डी ध्वस्त किए गए। सोमवार को कार्रवाई रोक दी गई। रविवार देर रात रामगंगा भवन में उप जिलाधिकारी कमलेश मेहता, शिविर प्रबंध खंड के सहायक अभियंता, कार्बेट टाइगर रिजर्व के अधिकारियों के बीच बैठक हुई। जिसमें शनिवार से चल रही कार्रवाई की समीक्षा की गई। इस दौरान 12.53 हेक्टेअर भूमि वन विभाग को सौंपी गई। इस कार्रवाई से 24 सितंबर को नई दिल्ली में एनजीटी को अवगत कराया जाएगा। साथ ही स्टेटस रिपोर्ट अदालत को सौंप दी जाएगी। सोमवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई बंद रही। एसडीएम के अनुसार अब एनजीटी से अगले आदेशों के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी। अभी विद्युत विभाग के जीएम कार्यालय को खाली कराया जा चुका है।
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