फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Five villages desperate to come out of the sanctuary

सेंक्चुअरि से बाहर आने को छटपटा रहे पांच गांव

Wed, 16 Mar 2022 10:48 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 16 Mar 2022 10:48 PM IST
विज्ञापन
Five villages desperate to come out of the sanctuary
सेंक्चुअरि से बाहर आने को छटपटा रहे पांच गांव
विज्ञापन

बिजनौर। हस्तिनापुर सेंक्चुअरि के नई अधिसूचना और क्षेत्र निर्धारण में पांच गांवों के लोगों ने आपत्ति लगाकर उन्हें इस दायरे से बाहर करने की मांग उठाई। समिति ने क्षेत्र निर्धारण ठीक बताते हुए उनकी आपत्ति को खारिज कर दिया है। इस फैसले से करीब दस हजार लोग प्रभावित होंगे। नई अधिसूचना में पहले ही 200 से ज्यादा गांव सेेंक्चुअरि क्षेत्र से बाहर कर दिए गए थे, अब मात्र 115 गांव इस दायरे में रह गए हैं।
हस्तिनापुर सेंक्चुअरि की अंतिम अधिसूचना की तैयारी शुरू हुई तो अब इसमें शामिल गांव भी उन्हें इस दायरे से बाहर करने की मांग उठाने लगे हैं। प्रशासन ने अधिसूचना से पहले आपत्ति मांगी थी तो रावली, दारानगर गंज, फरीदपुर काजी, जहानाबाद, घुड़ियापुर गांवों के लोगों ने आपत्ति जताई और इस दायरे से बाहर करने की मांग की। यह सभी गांव गंगा किनारे वाले हैं। कारण जाना गया तो रावली निवासी विजेंद्र सिंह ने बताया कि सेंक्चुअरि दायरे में होने के कारण वहां विकास नहीं हो पाता। विकास के लिए उन्हें इस दायरे से बाहर करना जरूरी है। डीएफओ डॉ.अनिल पटेल ने बताया कि वहां पहले से ही खेती हो रही है। उनकी आपत्ति खारिज कर दी गई है। करीब 212 गांव सेंक्चुअरि से बाहर हो रहे हैं, वहीं अब सेंक्चुअरि में शामिल गांवों की संख्या 115 रह जाएंगी।
विज्ञापन

जहां तक दिखेंगे हिरण और बारहसिंगा, वह सेंक्चुअरि में शामिल होगा
हस्तिनापुर सेंक्चुअरि से करीब दो सौ गांवों को तो बाहर कर दिया है, लेकिन गंगा के किनारे के जंगल का निर्धारण करने के लिए वन्यजीव संस्थान सर्वे कराने की तैयारी कर रहा है। इस सर्वे में उन जंगलों को सेंक्चुअरि में शामिल कर लिया जाएगा, जहां तक हिरण विचरण करते दिखाई देंगे। जो पांचों गांवों की आपत्ति खारिज हुई हैं, उन क्षेत्रों में बारहसिंगा देखा जाता रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पांच जिलों में फैली है सेंक्चुअरि
सेंक्चुअरि की बात करें तो यह पांच जिले बिजनौर, मुजफ्फरनगर, अमरोहा, मेरठ और हापुड़ में गंगा के दोनों किनारों पर 2,073 वर्ग किलोमीटर में फैली हुई है। अब इसे घटाकर 1,094 वर्ग किमी करने की तैयारी हो रही है। बिजनौर और चांदपुर तहसील में 327 गांव थे। इसे घटाकर करीब 115 तक करने की तैयारी हो रही है।
बारहसिंगा के संरक्षण को बनी थी हस्तिनापुर सेंक्चुअरि
हस्तिनापुर वाइल्ड लाइफ सेंक्चुअरि की पहली अधिसूचना 1986 में की गई थी। 2073 वर्ग किमी इस सेंक्चुअरि का क्षेत्रफल बताया जाता है। यूं तो इसे बारहसिंगा के लिए संरक्षित किया गया था, इस सेंक्चुअरि में हिरण, सांभर, चीतल, नीलगाय, तेंदुआ, जंगली बिल्ली, गंगा में घड़ियाल, डॉल्फिन, सैकड़ों प्रजाति के पक्षी, अजगर आदि देखने को मिलते हैं।

जो गांव बाहर होंगे, वहां यह होंगे लाभ
हस्तिनापुर सेंक्चुअरि में आने वाले क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना, विद्युतीकरण या फिर निर्माण कार्यों पर पाबंदी है। हालांकि बिजनौर और चांदपुर क्षेत्र के अधिकांश इलाके विकसित हो गए थे और इसके पुनर्गठन की आवश्यकता थी। अब जो 212 गांव सेंक्चुअरि से बाहर होने जा रहे हैं, वह विकसित हो सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed