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दो दिन का बुखार, दस दिन की कमजोरी, डॉक्टर के पास नहीं जबाव
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बिजनौर जिला अस्पताल में लगी मरीजों की लाइन।
- फोटो : BIJNOR
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दो दिन का बुखार, दस दिन की कमजोरी, डॉक्टर बोले अज्ञात बीमारी
बिजनौर। इन दिनों देहात से लेकर शहर तक फैल रहे वायरल फीवर की दहशत है। एक या दो दिन बुखार और फिर दस दिन की कमजोरी से लोग डरे हुए हैं। उधर, चिकित्सक ऐसे मरीजों की कोविड से लेकर डेंगू तक सारी जांच कराकर हार चुके हैं, लेकिन अभी तक इस बुखार की तह तक नहीं पहुंच पाए हैं। उधर स्वास्थ्य विभाग ने शहर से लेकर देहात तक घर-घर डेंगू का लार्वा तलाशने का अभियान चला दिया है।
पिछले 15 दिनों से जिले में वायरल फीवर लोगों को परेशान कर रहा है। कुछ गांवों में तो एक ही परिवार के कई लोग इसकी चपेट में आ गए। हालांकि वायरल ने जनहानि तो नहीं पहुंचाई, लेकिन इसके लक्षण डराने वाले थे। पहले ही दिन मरीज को 102 बुखार और फिर जुकाम और खांसी ने एक बार फिर कोरोना का डर लोगों में बैठा दिया। हालांकि जांच हुई तो पता चला कि न तो कोरोना हुआ और न ही डेंगू, मलेरिया। अब सवाल उठने लगा कि यह कौन सी बीमारी है, जो एक से तीन दिन के बुखार में दो सप्ताह तक काफी कमजोरी छोड़कर जा रही है। चिकित्सकों के पास भी इसका कोई जवाब नहीं है।
अज्ञात वायरस के कारण तेज बुखार: डा. पंकज त्यागी
शहर के वरिष्ठ फिजिशियन डा. पंकज त्यागी का कहना है कि उनके पास बुखार से पीड़ित कई कई मरीज रोजाना आ रहे हैं। जब उन्होंने तेज बुखार और कफ को देखते हुए कोरोना की जांच कराई तो वह नेगेटिव आई। फिर डेंगू, मलेरिया भी नेगेटिव आया। कमजोरी का लक्षण सभी मरीज बता रहे थे। डा. पंकज त्यागी ने कहा कि यह अज्ञात वायरस है। बीमारी का पैटर्न तो इसी ओर इशारा कर रहा है।
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इन नियमों का करें पालन
-भीड़ वाले इलाकों में मास्क पहनकर ही निकलें
-बीमार पड़ने पर योग्य चिकित्सक से उपचार कराएं
-बीमार पड़ने पर नारियल पानी जेसे पेय पदार्थों का सेवन ज्यादा करें
-बीमारी के दौरान भरपूर आराम करें, ऐसा काम न करें, जिससे पसीना आए
-कोशिश करें बीमारी के दौरान लोगों से न मिलें, ताकि बीमारी दूसरों में न फैले
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शहर में दो जगह मिला लार्वा
जिला मलेरिया अधिकारी ब्रजभूषण सिंह ने बताया कि शहर में घरों में डेंगू का लार्वा तलाशा जा रहा है। कांशीराम कॉलोनी सहित दो जगहों पर लार्वा कूलर में पलता मिला। दोनों को नोटिस जारी कर दिया गया है। अब यदि फिर इनके यहां लार्वा मिला तो पांच हजार का जुर्माना लगाया जाएगा।
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नहीं मिला डेंगू का केस, मलेरिया के 95 केस मिले
जिले में अभी तक डेंगू का एक भी केस नहीं मिला है। उधर, जिले में मलेरिया के लिए करीब अब तक 96 हजार मरीजों की जांच हो चुकी है, इनमें से 95 लोगों में मलेरिया की पुष्टि हो चुकी है। जिला मलेरिया अधिकारी ब्रज भूषण सिंह ने कहा कि यह आंकड़े जनवरी से अब तक के हैं। सभी मलेरिया रोगी ठीक हो गए थे। लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
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बिजनौर। इन दिनों देहात से लेकर शहर तक फैल रहे वायरल फीवर की दहशत है। एक या दो दिन बुखार और फिर दस दिन की कमजोरी से लोग डरे हुए हैं। उधर, चिकित्सक ऐसे मरीजों की कोविड से लेकर डेंगू तक सारी जांच कराकर हार चुके हैं, लेकिन अभी तक इस बुखार की तह तक नहीं पहुंच पाए हैं। उधर स्वास्थ्य विभाग ने शहर से लेकर देहात तक घर-घर डेंगू का लार्वा तलाशने का अभियान चला दिया है।
पिछले 15 दिनों से जिले में वायरल फीवर लोगों को परेशान कर रहा है। कुछ गांवों में तो एक ही परिवार के कई लोग इसकी चपेट में आ गए। हालांकि वायरल ने जनहानि तो नहीं पहुंचाई, लेकिन इसके लक्षण डराने वाले थे। पहले ही दिन मरीज को 102 बुखार और फिर जुकाम और खांसी ने एक बार फिर कोरोना का डर लोगों में बैठा दिया। हालांकि जांच हुई तो पता चला कि न तो कोरोना हुआ और न ही डेंगू, मलेरिया। अब सवाल उठने लगा कि यह कौन सी बीमारी है, जो एक से तीन दिन के बुखार में दो सप्ताह तक काफी कमजोरी छोड़कर जा रही है। चिकित्सकों के पास भी इसका कोई जवाब नहीं है।
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अज्ञात वायरस के कारण तेज बुखार: डा. पंकज त्यागी
शहर के वरिष्ठ फिजिशियन डा. पंकज त्यागी का कहना है कि उनके पास बुखार से पीड़ित कई कई मरीज रोजाना आ रहे हैं। जब उन्होंने तेज बुखार और कफ को देखते हुए कोरोना की जांच कराई तो वह नेगेटिव आई। फिर डेंगू, मलेरिया भी नेगेटिव आया। कमजोरी का लक्षण सभी मरीज बता रहे थे। डा. पंकज त्यागी ने कहा कि यह अज्ञात वायरस है। बीमारी का पैटर्न तो इसी ओर इशारा कर रहा है।
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इन नियमों का करें पालन
-भीड़ वाले इलाकों में मास्क पहनकर ही निकलें
-बीमार पड़ने पर योग्य चिकित्सक से उपचार कराएं
-बीमार पड़ने पर नारियल पानी जेसे पेय पदार्थों का सेवन ज्यादा करें
-बीमारी के दौरान भरपूर आराम करें, ऐसा काम न करें, जिससे पसीना आए
-कोशिश करें बीमारी के दौरान लोगों से न मिलें, ताकि बीमारी दूसरों में न फैले
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शहर में दो जगह मिला लार्वा
जिला मलेरिया अधिकारी ब्रजभूषण सिंह ने बताया कि शहर में घरों में डेंगू का लार्वा तलाशा जा रहा है। कांशीराम कॉलोनी सहित दो जगहों पर लार्वा कूलर में पलता मिला। दोनों को नोटिस जारी कर दिया गया है। अब यदि फिर इनके यहां लार्वा मिला तो पांच हजार का जुर्माना लगाया जाएगा।
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नहीं मिला डेंगू का केस, मलेरिया के 95 केस मिले
जिले में अभी तक डेंगू का एक भी केस नहीं मिला है। उधर, जिले में मलेरिया के लिए करीब अब तक 96 हजार मरीजों की जांच हो चुकी है, इनमें से 95 लोगों में मलेरिया की पुष्टि हो चुकी है। जिला मलेरिया अधिकारी ब्रज भूषण सिंह ने कहा कि यह आंकड़े जनवरी से अब तक के हैं। सभी मलेरिया रोगी ठीक हो गए थे। लगातार अभियान चलाया जा रहा है।