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सड़काें पर किसानों ने दिखाई ताकत
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिजनौर
Updated Tue, 02 Feb 2016 12:18 AM IST
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बिजनौर में लगातार तीसरे साल गन्ना मूल्य न बढ़ने, समय पर भुगतान न होने सहित पांच समस्याओं के निस्तारण के लिए भाकियू ने दिल्ली-पौड़ी नेशनल हाईवे पर डेरा डालकर चक्का जाम करते हुए धरना शुरू कर दिया। किसानों ने गन्ना मूल्य वृद्धि को लेकर आरपार की लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है। आम आदमी पार्टी व प्रगतिशील युवा बार संगठन ने भी किसानों के चक्का जाम को समर्थन किया। जाम से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। करीब रात सवा आठ बजे धरना समाप्त हो गया।
किसान गन्ना समिति कार्यालय बिजनौर पर एकत्र होकर दिल्ली-पौड़ी नेशनल हाईवे पर रिंग रोड के पास पहुंचे और सड़क के बीच ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर चक्का जाम कर दिया। किसानों ने धरने के दौरान नेशनल हाईवे पर ही टेंट लगा दिया। भाकियू जिलाध्यक्ष ठाकुर राम अवतार सिंह ने कहा कि तीन साल में महंगाई आसमान पर पहुंच गई, लेकिन गन्ने के मूल्य में फूटी कौड़ी नहीं बढ़ाई गई है।
वेस्ट यूपी प्रभारी राजेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों का शोषण कर रही है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आप जिला संयोजक विनीत शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार चीनी मिल मालिकों को तमाम रियायतें दे रही हैं, लेकिन किसान को देने के लिए प्रदेश सरकार के पास बजट नहीं है। युवा जिलाध्यक्ष लाल सिंह ने गन्ना मूल्य 350 रुपये प्रति क्विंटल घोषित न होने तक चक्का जाम जारी रखने की बात कही। प्रगतिशील युवा बार अध्यक्ष जावेद सईद व सचिव जितेंद्र चौधरी ने भी धरने को समर्थन दिया। इस दौरान इस दौरान जिला महासचिव महावीर सिंह, धीर सिंह बालियान, पुरुषोत्तम सिंह, धर्मेंद्र सिंह, होशियार सिंह, जयपाल सिंह, आदेश कुमार, अनुपम शर्मा, सौरभ शर्मा, नजाकत अली, निरंजन सिंह आदि मौजूद रहे।
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वहीं चांदपुर में किसान चांदपुर-दिल्ली मार्ग पर गांव बागड़पुर के पास अनिश्चितकालीन जाम लगाकर धरने पर बैठ गए। वक्ताओं ने कहा कि तीन वर्ष से गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाया गया जबकि गन्ना उत्पादन लगातार बहुत बढ़ गई है। किसानों ने चांदपुर व धनौरा शुगर मिल में गन्ना खरीद में अनियमितताएं होने का आरोप भी लगाया। वक्ताओं ने किसानों की समस्याओं का समाधान न होने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की। नागेंद्र पाल सिंह की अध्यक्षता व कल्याण सिंह के संचालन में धरने पर शेर सिंह, कुलदीप सिंह, रामपाल सिंह, लुधियान सिंह, लक्ष्मीकांत शर्मा, आदि मौजूद रहे। जाम स्थल पर एसडीएम राकेश कुमार यादव, सीओ यशपाल सिंह, कोतवाली निरीक्षक फतेह सिंह पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
भाकियू जिलाध्यक्ष ठाकुर रामअवतार सिंह के मुताबिक राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत से फोन पर सूचना मिली है कि किसानों की गन्ना मूल्य वृद्धि की मांग को देखते हुए प्रदेश सरकार ने कमेटी गठित कर 15 दिन का समय मांगा है।
किसानों का गन्ना भुगतान एकमुश्त करने पर भी प्रदेश सरकार ने हामी भर दी है। इसके अलावा किसानों पर बिजली के बिल में सरचार्ज से छूट दे दी गई है। राष्ट्रीय प्रवक्ता के निर्देश पर चक्का जाम खोल दिया गया है व धरना भी समाप्त हो गया है।
आवास विकास मार्ग भी किया बंद
किसानों के चक्का जाम के दौरान बैराज रोड पर जाने आने के लिए रूट आवास विकास मार्ग पर डायवर्ट कर दिया गया। वाहनों का संचालन होते देखकर किसानों ने आवास विकास कॉलोनी मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर व रस्सी बांधकर जाम लगा दिया। इसके बाद चारों ओर सड़कों पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मेरठ की ओर जा रहे यात्री या तो पैदल अपने घर लौट गए या फिर पैदल ही वाहन छोड़कर किसानों के प्रदर्शन के दूसरी ओर पहुंचे और वहां से प्राइवेट वाहनों आदि के सहारे अपने गंतव्यों को रवाना हुए।
स्कूली बच्चों को दी छूट
अंतिम यात्रा वाहन, स्कूली बच्चों और महिलाओं को जाम में छूट दी गई और इन्हें निकलने के लिए रास्ता दिया गया। एंबुलेंस को भी तत्काल रास्ता देकर निकाला गया।
लोगों ने झेली परेशानी
नजीबाबाद। किसानों के चक्का जाम से स्कूली बच्चों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि किसानों ने प्रदर्शन स्थल से एक एंबुलेंस को गुजरने दिया। हाईवे पर जाम की सूचना मिलने पर हरिद्वार-नजीबाबाद के बीच भारी यातायात पूर्वी गंगनहर बाईपास मार्ग पर हल्का यातायात गांव विजयपुर के बीच से होकर व आसपास से गुजरा।
ये रहीं किसानों की मांगें
गन्ना मूल्य 350 रुपये प्रति कुंतल घोषित हों।
गन्ना भुगतान 14 दिन के अंदर कराया जाएं।
नहरों में पानी शीघ्र छोड़ा जाएं।
जंगली जानवरों से फसलों को नुकसान होने पर मुआवजा मिलें।
आश्वासन से पहले टस से मस नहीं होंगे
अफजलगढ़। भाकियू ने गन्ना मूल्य वृद्धि सहित तीन सूत्रीय मांगों को लेकर द्वारिकेश शुगर मिल के सामने हाईवे जाम कर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे एसडीएम व सीओ ने किसानों को समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया, लेकिन किसानों ने प्रशासन की एक नहीं सुनीं। किसानों का कहना है कि जब तक शासन से स्थायी समाधान का आश्वासन नहीं मिल जाता किसान टस से मस नहीं होंगे।
सोमवार को भाकियू ने प्रदेश सरकार पर किसानों की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए द्वारिकेश शुगर मिल के बाहर हाईवे पर धरना-प्रदर्शन कर चक्का जाम किया। किसानों का आरोप है कि सपा सरकार ने किसानों के हित में कोई कड़े फैसले नहीं लिए हैं। तीन सालों से किसान के गन्ने का मूल्य तक नहीं बढ़ाया गया। किसानों से बिलकुल साफ सुथरा गन्ना लिया जा रहा है। प्रदेश सरकार व शुगर लॉबी के बीच उलझकर किसान आर्थिक तंगी में आत्महत्या को विवश हो रहे हैं। भाकियू कार्यकर्ता ने केंद्र सरकार से गन्ने का वाजिब मूल्य दिलाने, पर्चियों पर मूल्य अंकित करने, एक मुश्त गन्ना भुगतान करने, वन्यजीवों से फसल के हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की।
किसानों ने कहा कि जब उन्हें प्रदेश और केंद्र सरकार से राहत नहीं मिल जाती वह धरनास्थल से नहीं उठेंगे। किसानों की इस बात को सुन प्रशासन के होश उड़ गए। प्रशासन ने आननफानन में धरनास्थल पर पुलिस बल के साथ पीएससी तैनात कर दी। किसानों ने एसडीएम की एक नहीं सुनीं।
प्रदर्शनकारियों में दर्शन सिंह फौजी, अनिल राठी, भूपेंद्र सिंह चौधरी, बलजीत सिंह, धर्मेंद्र धामा, बाबूराम राठी, गजेंद्र सिंह, बलविंद्र सिंह, कश्मीर यादव, कैलाश सिंह, महावीर सिंह, राजीव चरनजीत सिंह, नरेंद्र सिंह रहे।
उधर, धामपुर में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन की बैठक में किसानों ने प्रदेश और केंद्र सरकार से किसानों के गन्ने का वाजिब मूल्य दिलाने की मांग की है। सोमवार को गन्ना समिति कार्यालय पर आयोजित बैठक में मंगू सिंह ने कहा कि सरकार किसानों को गन्ने का मूल्य पिछले तीन सालों से 280 रुपये देती चली आ रही है। गन्ने की पर्चियों पर गन्ने का मूल्य तक अंकित नहीं किया जा रहा है।
शुगर मिलें किसानों का शोषण कर रही है। सपा सरकार में शुगर मिलों की मनमानी चल रही है। उन्होंने बकाया गन्ना मूल्य शीघ्र दिलाने, नकद भुगतान करने, किसानों के समिति पर बकाया 80 लाख रुपये से समिति भवन बनाने, कृषि कार्ड ऋण में लगने वाले बारह साला को किसी भी वकील से बनवाने की व्यवस्था कराने की मांग की है।
घटतौली पर तुरंत रोक लगें।
रूट डायवर्ट कर निकाले वाहन
हाईवे पर किसानों का जाम लगने से एनएच 74 पूरे दिन प्रभावित रहा। आक्रोशित किसानों ने किसी भी वाहन को हाईवे से नहीं गुजरने दिया। किसानों ने स्कूली वाहनों को भी नहीं निकलने दिया। मजबूरन बच्चों को घर वापस होना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी देहरादून-नैनीताल जाने वाले वाहनों को उठानी पड़ी। यात्री बसों में बैठे हलकान हो गए। पुलिस को वाया हरेवली होकर वाहनों को निकालना पड़ा।
मांगों को लेकर एकजुट
नजीबाबाद/मंडावली। किसानों ने हुंकार भरते हुए मांगों के समर्थन में अनिश्चितकाल के लिए नेशनल हाईवे जाम कर दिया। शुरुआती दौर में हाईवे से गुजरने वाला यातायात जाम में फंसा। इसके बाद भारी वाहन बाईपास मार्गों और छोटे वाहन गांवों के बीच से होकर गुजरने लगे।
भाकियू के प्रांतीय उपाध्यक्ष बलराम सिंह, किसान नेता इकबाल सिंह, ठाकुर गजेंद्र सिंह, दिगंबर सिंह, विनोद परमार, बाबूराम तालान, मदन चौहान, संदीप सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों किसान सोमवार सुबह मुरादाबाद-हरिद्वार नेशनल हाईवे-74 के मोटा महादेव-भागूवाला बाईपास तिराहे पर जुट गए। किसानों ने हाईवे पर यातायात जाम कर केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने गन्ना मूल्य बढ़ाने, बकाया गन्ना मूल्य भुगतान अविलंब करने समेत विभिन्न समस्याओं के त्वरित निराकरण की मांग उठाई। विजयपुर के ग्राम प्रधान बलवीर सिंह की अध्यक्षता और अवनीश कुमार के संचालन में हुई धरना सभा में बलराम सिंह ने कहा नरेश टिकैत सैकड़ों किसानों के साथ प्रदेश मुख्यालय पर पहुंचे हैं। उनका संदेश मिलने तक जाम नहीं खोला जाएगा।
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किसान गन्ना समिति कार्यालय बिजनौर पर एकत्र होकर दिल्ली-पौड़ी नेशनल हाईवे पर रिंग रोड के पास पहुंचे और सड़क के बीच ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर चक्का जाम कर दिया। किसानों ने धरने के दौरान नेशनल हाईवे पर ही टेंट लगा दिया। भाकियू जिलाध्यक्ष ठाकुर राम अवतार सिंह ने कहा कि तीन साल में महंगाई आसमान पर पहुंच गई, लेकिन गन्ने के मूल्य में फूटी कौड़ी नहीं बढ़ाई गई है।
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वेस्ट यूपी प्रभारी राजेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों का शोषण कर रही है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आप जिला संयोजक विनीत शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार चीनी मिल मालिकों को तमाम रियायतें दे रही हैं, लेकिन किसान को देने के लिए प्रदेश सरकार के पास बजट नहीं है। युवा जिलाध्यक्ष लाल सिंह ने गन्ना मूल्य 350 रुपये प्रति क्विंटल घोषित न होने तक चक्का जाम जारी रखने की बात कही। प्रगतिशील युवा बार अध्यक्ष जावेद सईद व सचिव जितेंद्र चौधरी ने भी धरने को समर्थन दिया। इस दौरान इस दौरान जिला महासचिव महावीर सिंह, धीर सिंह बालियान, पुरुषोत्तम सिंह, धर्मेंद्र सिंह, होशियार सिंह, जयपाल सिंह, आदेश कुमार, अनुपम शर्मा, सौरभ शर्मा, नजाकत अली, निरंजन सिंह आदि मौजूद रहे।
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वहीं चांदपुर में किसान चांदपुर-दिल्ली मार्ग पर गांव बागड़पुर के पास अनिश्चितकालीन जाम लगाकर धरने पर बैठ गए। वक्ताओं ने कहा कि तीन वर्ष से गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाया गया जबकि गन्ना उत्पादन लगातार बहुत बढ़ गई है। किसानों ने चांदपुर व धनौरा शुगर मिल में गन्ना खरीद में अनियमितताएं होने का आरोप भी लगाया। वक्ताओं ने किसानों की समस्याओं का समाधान न होने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की। नागेंद्र पाल सिंह की अध्यक्षता व कल्याण सिंह के संचालन में धरने पर शेर सिंह, कुलदीप सिंह, रामपाल सिंह, लुधियान सिंह, लक्ष्मीकांत शर्मा, आदि मौजूद रहे। जाम स्थल पर एसडीएम राकेश कुमार यादव, सीओ यशपाल सिंह, कोतवाली निरीक्षक फतेह सिंह पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
भाकियू जिलाध्यक्ष ठाकुर रामअवतार सिंह के मुताबिक राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत से फोन पर सूचना मिली है कि किसानों की गन्ना मूल्य वृद्धि की मांग को देखते हुए प्रदेश सरकार ने कमेटी गठित कर 15 दिन का समय मांगा है।
किसानों का गन्ना भुगतान एकमुश्त करने पर भी प्रदेश सरकार ने हामी भर दी है। इसके अलावा किसानों पर बिजली के बिल में सरचार्ज से छूट दे दी गई है। राष्ट्रीय प्रवक्ता के निर्देश पर चक्का जाम खोल दिया गया है व धरना भी समाप्त हो गया है।
आवास विकास मार्ग भी किया बंद
किसानों के चक्का जाम के दौरान बैराज रोड पर जाने आने के लिए रूट आवास विकास मार्ग पर डायवर्ट कर दिया गया। वाहनों का संचालन होते देखकर किसानों ने आवास विकास कॉलोनी मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर व रस्सी बांधकर जाम लगा दिया। इसके बाद चारों ओर सड़कों पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मेरठ की ओर जा रहे यात्री या तो पैदल अपने घर लौट गए या फिर पैदल ही वाहन छोड़कर किसानों के प्रदर्शन के दूसरी ओर पहुंचे और वहां से प्राइवेट वाहनों आदि के सहारे अपने गंतव्यों को रवाना हुए।
स्कूली बच्चों को दी छूट
अंतिम यात्रा वाहन, स्कूली बच्चों और महिलाओं को जाम में छूट दी गई और इन्हें निकलने के लिए रास्ता दिया गया। एंबुलेंस को भी तत्काल रास्ता देकर निकाला गया।
लोगों ने झेली परेशानी
नजीबाबाद। किसानों के चक्का जाम से स्कूली बच्चों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि किसानों ने प्रदर्शन स्थल से एक एंबुलेंस को गुजरने दिया। हाईवे पर जाम की सूचना मिलने पर हरिद्वार-नजीबाबाद के बीच भारी यातायात पूर्वी गंगनहर बाईपास मार्ग पर हल्का यातायात गांव विजयपुर के बीच से होकर व आसपास से गुजरा।
ये रहीं किसानों की मांगें
गन्ना मूल्य 350 रुपये प्रति कुंतल घोषित हों।
गन्ना भुगतान 14 दिन के अंदर कराया जाएं।
नहरों में पानी शीघ्र छोड़ा जाएं।
जंगली जानवरों से फसलों को नुकसान होने पर मुआवजा मिलें।
आश्वासन से पहले टस से मस नहीं होंगे
अफजलगढ़। भाकियू ने गन्ना मूल्य वृद्धि सहित तीन सूत्रीय मांगों को लेकर द्वारिकेश शुगर मिल के सामने हाईवे जाम कर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे एसडीएम व सीओ ने किसानों को समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया, लेकिन किसानों ने प्रशासन की एक नहीं सुनीं। किसानों का कहना है कि जब तक शासन से स्थायी समाधान का आश्वासन नहीं मिल जाता किसान टस से मस नहीं होंगे।
सोमवार को भाकियू ने प्रदेश सरकार पर किसानों की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए द्वारिकेश शुगर मिल के बाहर हाईवे पर धरना-प्रदर्शन कर चक्का जाम किया। किसानों का आरोप है कि सपा सरकार ने किसानों के हित में कोई कड़े फैसले नहीं लिए हैं। तीन सालों से किसान के गन्ने का मूल्य तक नहीं बढ़ाया गया। किसानों से बिलकुल साफ सुथरा गन्ना लिया जा रहा है। प्रदेश सरकार व शुगर लॉबी के बीच उलझकर किसान आर्थिक तंगी में आत्महत्या को विवश हो रहे हैं। भाकियू कार्यकर्ता ने केंद्र सरकार से गन्ने का वाजिब मूल्य दिलाने, पर्चियों पर मूल्य अंकित करने, एक मुश्त गन्ना भुगतान करने, वन्यजीवों से फसल के हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की।
किसानों ने कहा कि जब उन्हें प्रदेश और केंद्र सरकार से राहत नहीं मिल जाती वह धरनास्थल से नहीं उठेंगे। किसानों की इस बात को सुन प्रशासन के होश उड़ गए। प्रशासन ने आननफानन में धरनास्थल पर पुलिस बल के साथ पीएससी तैनात कर दी। किसानों ने एसडीएम की एक नहीं सुनीं।
प्रदर्शनकारियों में दर्शन सिंह फौजी, अनिल राठी, भूपेंद्र सिंह चौधरी, बलजीत सिंह, धर्मेंद्र धामा, बाबूराम राठी, गजेंद्र सिंह, बलविंद्र सिंह, कश्मीर यादव, कैलाश सिंह, महावीर सिंह, राजीव चरनजीत सिंह, नरेंद्र सिंह रहे।
उधर, धामपुर में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन की बैठक में किसानों ने प्रदेश और केंद्र सरकार से किसानों के गन्ने का वाजिब मूल्य दिलाने की मांग की है। सोमवार को गन्ना समिति कार्यालय पर आयोजित बैठक में मंगू सिंह ने कहा कि सरकार किसानों को गन्ने का मूल्य पिछले तीन सालों से 280 रुपये देती चली आ रही है। गन्ने की पर्चियों पर गन्ने का मूल्य तक अंकित नहीं किया जा रहा है।
शुगर मिलें किसानों का शोषण कर रही है। सपा सरकार में शुगर मिलों की मनमानी चल रही है। उन्होंने बकाया गन्ना मूल्य शीघ्र दिलाने, नकद भुगतान करने, किसानों के समिति पर बकाया 80 लाख रुपये से समिति भवन बनाने, कृषि कार्ड ऋण में लगने वाले बारह साला को किसी भी वकील से बनवाने की व्यवस्था कराने की मांग की है।
घटतौली पर तुरंत रोक लगें।
रूट डायवर्ट कर निकाले वाहन
हाईवे पर किसानों का जाम लगने से एनएच 74 पूरे दिन प्रभावित रहा। आक्रोशित किसानों ने किसी भी वाहन को हाईवे से नहीं गुजरने दिया। किसानों ने स्कूली वाहनों को भी नहीं निकलने दिया। मजबूरन बच्चों को घर वापस होना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी देहरादून-नैनीताल जाने वाले वाहनों को उठानी पड़ी। यात्री बसों में बैठे हलकान हो गए। पुलिस को वाया हरेवली होकर वाहनों को निकालना पड़ा।
मांगों को लेकर एकजुट
नजीबाबाद/मंडावली। किसानों ने हुंकार भरते हुए मांगों के समर्थन में अनिश्चितकाल के लिए नेशनल हाईवे जाम कर दिया। शुरुआती दौर में हाईवे से गुजरने वाला यातायात जाम में फंसा। इसके बाद भारी वाहन बाईपास मार्गों और छोटे वाहन गांवों के बीच से होकर गुजरने लगे।
भाकियू के प्रांतीय उपाध्यक्ष बलराम सिंह, किसान नेता इकबाल सिंह, ठाकुर गजेंद्र सिंह, दिगंबर सिंह, विनोद परमार, बाबूराम तालान, मदन चौहान, संदीप सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों किसान सोमवार सुबह मुरादाबाद-हरिद्वार नेशनल हाईवे-74 के मोटा महादेव-भागूवाला बाईपास तिराहे पर जुट गए। किसानों ने हाईवे पर यातायात जाम कर केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने गन्ना मूल्य बढ़ाने, बकाया गन्ना मूल्य भुगतान अविलंब करने समेत विभिन्न समस्याओं के त्वरित निराकरण की मांग उठाई। विजयपुर के ग्राम प्रधान बलवीर सिंह की अध्यक्षता और अवनीश कुमार के संचालन में हुई धरना सभा में बलराम सिंह ने कहा नरेश टिकैत सैकड़ों किसानों के साथ प्रदेश मुख्यालय पर पहुंचे हैं। उनका संदेश मिलने तक जाम नहीं खोला जाएगा।