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कृषि निवेश भंडार पर किसानों ने किया हंगामा
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कृषि निवेश भंडार पर किसानों ने किया हंगामा
हल्दौर। कृषि निवेश भंडार पर किसानों ने धान किट वितरण में अवैध वसूली करने और किट के साथ जबरन तिरपाल देने का आरोप लगाते हुए भंडार प्रभारी से तीखी नोकझोंक की। किसानों ने जमकर हंगामा किया, जिससे करीब दो घंटे तक किट वितरण कार्य प्रभावित हुआ। सूचना पर पहुंचे कृषि एडीओ ने किसी तरह मामला शांत कराकर किट वितरण कार्य शुरू कराया।
किसानों को राजकीय कृषि निवेश भंडार से धान किट वितरण कराया जा रहा है। अफसरों के अनुसार किसानों को 30 किलोग्राम मोटा एवं 26 किलोग्राम बारीक प्रजाति के धान का वितरण किया जाना है। इसके अलावा धान के साथ एक स्प्रे मशीन, जिंक, सल्फर, न्यूट्रॉन आदि रासायनिक दवाइयां भी किट के साथ वितरित कराने के निर्देश दिये गए हैं। किसान को 8700 रुपये की देने होंगे, जिसमें किसान को सौ फीसदी सब्सिडी दी जाएगी, जो किसानों के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
मंगलवार को प्रमोद कुमार उर्फ भोले, रामअवतार सिंह, निपेंद्र सिंह, विकास कुमार, रमेश कुमार, अनिल कुमार, धर्मेंद्र सिंह, श्रवण कुमार, कुलवीर सिंह आदि किसान राजकीय कृषि निवेश भंडार धान किट लेने पहुंचे। आरोप है कि किसानों को भंडार प्रभारी द्वारा किट के साथ जबरन करीब तीन हजार रुपये का तिरपाल दिया जा रहा था। किसान तिरपाल खरीदने को तैयार नहीं हैं।
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आरोप है कि भंडार प्रभारी द्वारा किसानों को धान टिकट वितरण से संबंधित जानकारी के मामले में भी गुमराह किया जा रहा है, जिससे नाराज होकर गुस्साए किसानों ने भंडार प्रभारी से जमकर तीखी नोकझोंक की। कृषि भंडार में करीब दो घंटे तक धान वितरण कार्य प्रभावित रहा। किसानों ने कहा कि शोषण कतई भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कृषि विभाग के एडीओ कमल सिंह ने किसानों की समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। इसके बाद धान किट वितरण कार्य शुरू हुआ। कृषि निवेश भंडार प्रभारी नरेंद्र मलिक का कहना है कि सभी आरोप निराधार हैं। वह नियमानुसार ही किसानों को धान किट का वितरण कर रहे थे।
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हल्दौर। कृषि निवेश भंडार पर किसानों ने धान किट वितरण में अवैध वसूली करने और किट के साथ जबरन तिरपाल देने का आरोप लगाते हुए भंडार प्रभारी से तीखी नोकझोंक की। किसानों ने जमकर हंगामा किया, जिससे करीब दो घंटे तक किट वितरण कार्य प्रभावित हुआ। सूचना पर पहुंचे कृषि एडीओ ने किसी तरह मामला शांत कराकर किट वितरण कार्य शुरू कराया।
किसानों को राजकीय कृषि निवेश भंडार से धान किट वितरण कराया जा रहा है। अफसरों के अनुसार किसानों को 30 किलोग्राम मोटा एवं 26 किलोग्राम बारीक प्रजाति के धान का वितरण किया जाना है। इसके अलावा धान के साथ एक स्प्रे मशीन, जिंक, सल्फर, न्यूट्रॉन आदि रासायनिक दवाइयां भी किट के साथ वितरित कराने के निर्देश दिये गए हैं। किसान को 8700 रुपये की देने होंगे, जिसमें किसान को सौ फीसदी सब्सिडी दी जाएगी, जो किसानों के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
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मंगलवार को प्रमोद कुमार उर्फ भोले, रामअवतार सिंह, निपेंद्र सिंह, विकास कुमार, रमेश कुमार, अनिल कुमार, धर्मेंद्र सिंह, श्रवण कुमार, कुलवीर सिंह आदि किसान राजकीय कृषि निवेश भंडार धान किट लेने पहुंचे। आरोप है कि किसानों को भंडार प्रभारी द्वारा किट के साथ जबरन करीब तीन हजार रुपये का तिरपाल दिया जा रहा था। किसान तिरपाल खरीदने को तैयार नहीं हैं।
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आरोप है कि भंडार प्रभारी द्वारा किसानों को धान टिकट वितरण से संबंधित जानकारी के मामले में भी गुमराह किया जा रहा है, जिससे नाराज होकर गुस्साए किसानों ने भंडार प्रभारी से जमकर तीखी नोकझोंक की। कृषि भंडार में करीब दो घंटे तक धान वितरण कार्य प्रभावित रहा। किसानों ने कहा कि शोषण कतई भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कृषि विभाग के एडीओ कमल सिंह ने किसानों की समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। इसके बाद धान किट वितरण कार्य शुरू हुआ। कृषि निवेश भंडार प्रभारी नरेंद्र मलिक का कहना है कि सभी आरोप निराधार हैं। वह नियमानुसार ही किसानों को धान किट का वितरण कर रहे थे।