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किसान ने शुरू की केले की खेती

Sat, 11 Mar 2017 12:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर Updated Sat, 11 Mar 2017 12:26 AM IST
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बिजनौर में  ग्राम जाफरपुर के किसान राजेंद्र सिंह ने केले की खेती शुरू की है। वह केले की खेती को गन्ने का विकल्प बता रहा है। राजेंद्र अन्य किसानों को भी केले की खेती करने के लिए प्रेरित कर रहा है।
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राजेंद्र सिंह मंडावर क्षेत्र के गांव जाफरपुर का रहने वाला है। उसके पास 35 बीघा जमीन है। खेती उसका मुख्य फसल है। राजेंद्र के अनुसार पिछले पेराई सीजन में गन्ना मूल्य भुगतान ने उसको विचलित कर दिया था। इसके बाद उसने गन्ने का विकल्प तलाशना शुरू कर दिया। अब उसने केले की खेती शुरू की है। केले की टिशू कल्चर की जी-09 प्रजाति मूल रूप से आंध्र प्रदेश की है। बाराबंकी में केले की खेती होता है। उसने बाराबंकी से जी-09 प्रजाति का बीज मंगाया था। दो साल पहले उसने पांच बीघा जमीन में केले की खेती शुरू की थी। अब यह बढ़कर 15 बीघा हो गया है। 
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इस प्रजाति के  एक केले का वजन 260 ग्राम है। एक बीघा में 250 पौधे लगाए जाते हैं। पौधे पर केले मजबूती के लिहाज से छोड़े जाते हैं। एक पेड़ पर केले का फल ज्यादा बनता है, परंतु एक पेड़ पर 15 दर्जन केले छोड़ते हैं। यदि पेड़ मजबूत है तो ज्यादा भी छोड़ देते हैं। अधिक फलों को अलग कर दिया जाता है। शुरू में प्रति बीघा आमदनी 25 हजार हुई थी। इसके बाद आमदनी बढ़ी। यह बढ़कर 40 हजार रुपये प्रति बीघा हो सकती है, जबकि गन्ने से एक बीघा में आय औसतन 20 हजार ही है। केले की आसपास में बिक्री मंडी मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और मुरादाबाद है। बिजनौर मंडी में भी मांग सही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कच्चा केला महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, बिहार राज्यों से आता है। आसपास के जिलों में केले के उत्पादन के लिए अनुदान मिल रहा है, 
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लेकिन जिले में ऐसा नहीं है। केले की पेड़ी भी होती है। उस पर खर्च कम आता है। 
उसके कहने पर बहादरपुर के किसान महेश कुमार ने केले की खेती शुरू की है। वह अन्य किसानों को भी केले की खेती के फायदे गिना रहा है। जिला कृषि अधिकारी प्रमोद सिरोही का कहना है कि 
केले की खेती के बारे में 
किसान उनसे मिले हैं। राष्ट्रीय 
कृषि विकास योजना में केले 
की खेती को शामिल करने 
की किसानों की मांग से जायज  
है। इस बारे में जिले की ओर से प्रस्ताव शासन को भिजवाया जाएगा। ऐसा होने पर किसान को केले की खेती के लिए अनुदान मिल सकेगा। 
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