फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Exploitation of ground water will be saved only by awareness

जागरूकता से ही बचेगा भूगर्भ जल का दोहन

Sun, 21 Mar 2021 11:26 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 21 Mar 2021 11:26 PM IST
विज्ञापन
Exploitation of ground water will be saved only by awareness
बिजनौर में नगरपालिका परिसर में बना वाटर हार्वेस्टिंग। - फोटो : BIJNOR
जागरूकता से ही बचेगा भूगर्भ जल का दोहन
विज्ञापन

बिजनौर। स्थानीय लोगों की जागरूकता और सरकार के प्रयासों से जिले का जलस्तर दस मीटर से ऊपर पहुंच चुका है। अफजलगढ़, धामपुर, किरतपुर, कोतवाली और नहटौर सहित पांच ब्लॉकों में गत वर्ष के मुकाबले भूगर्भ जल की स्थिति बेहतर हुई है। इसके लिए सरकारी और निजी स्तर पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगाए गए, जिनके माध्यम से बारिश के पानी से भूगर्भ जल को रिचार्ज किया गया। जल का दोहर कम किया जाए तो इस जलस्तर को यहीं रोका जा सकता है।
भूगर्भ जल के अंधाधुंध दोहन से आने वाले समय में गंभीर परिणाम आ सकते हैं। जल के दोहन को कम तो नहीं किया जा सकता, लेकिन बारिश के पानी को जमीन में पहुंचाकर भूगर्भ जल को फिर से रिचार्ज किया जा सकता है। शासन के इस प्रयास के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। जिले में गंगा, मालन, खो, रामगंगा सहित करीब एक दर्जन नदियां बहती हैं। नदी फसलों के लिए तो पानी देती ही हैं, भूगर्भ जल को भी रिचार्ज करती हैं। लेकिन अगर रिचार्ज होने वाले जल के मुकाबले दोहन ज्यादा हो तो गंभीर परिणाम सामने आते हैं। जिले में कुछ समय पहले तक यही स्थिति थी। जमीन की कोख में पानी कम जाता था और निकलता अधिक था।
विज्ञापन

जिले के तीन ब्लॉक नूरपुर, जलीलपुर और स्योहारा ब्लैक जोन में शामिल हो गए थे। जिले से जमीन से अगर 120 लीटर पानी निकाला जाता था वापस जमीन में केवल 100 लीटर पानी ही जा पाता था। जिले के लगभग सभी ब्लॉक में जलस्तर दस मीटर से अधिक गहराई में चला गया था। बारिश खूब होती है, लेकिन बारिश का पानी नालियों में बहकर ऐसे ही बर्बाद हो जाता था। बारिश के पानी को सीधे जमीन की कोख में पहुंचाने के लिए तीन साल पहले लगभग सभी सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग बनवाए गए थे। निजी स्तर पर भी लोगों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग बनवाने के लिए कहा गया था। शासन के प्रयास से अब भूगर्भ जल के स्तर में सुधार देखने को मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जल बचाने के लिए जिले में काफी प्रयास किए जा रहे हैं। सरकारी भवनों के साथ ही निजी भवनों में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग बनवाए जा रहे हैं। इनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। जिले के लोगाें को भी जल का कम दोहन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है
- केपी सिंह, सीडीओ।
वर्षवार पानी के आंकड़े
ब्लॉक 2014 2015 2016 2017 2018 2019 2020
अफजलगढ़ 5.64 5.40 4.78 5.25 6.07 3 3.21
धामपुर 6.78 8.71 7.16 7.63 7.52 4.32 6.68
हल्दौर 9.44 9.27 10.56 10.97 10.54 9.19 8.89
जलीलपुर 9.35 9.92 10.75 11.27 10.49 9.27 9.01
किरतपुर 9.72 10.06 10.55 11.18 9.58 8.78 9.52
कोतवाली 7.70 8.15 9.30 9.42 10.23 7.51 9.27
देवमल 8.43 8.58 9.31 9.54 10.25 9.42 8.52
नजीबाबाद 9.80 10.81 10.60 10.82 10.57 8.92 8.91
नहटौर 7.58 7.75 8.94 9.48 8.78 7.52 7.71
नूरपुर 7.59 8 8.62 8.90 8.42 8.34 7.51
स्योहारा 6.17 6.62 6.70 7.49 6.26 6.01 5.83
नोट: भूगर्भ जल की गहराई मीटर में है। आंकड़े विकास भवन से लिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed