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तीन माह से टिकट नहीं उगल रही ईटीवीएम
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ईटीवीएम बंद,टिकट के लिए लगती लंबी लाइन
बिजनौर।यात्रियों को लंबी लाइन में लगने से बचाने के लिए रेलवे की ओर से लगभग करीब तीन साल पहले स्थापित कराई गई टिकट मशीन अब धूल फांक रही है। रेलवे स्टेशन पर स्थित इलेक्ट्रानिक टिकट वेंडिंग मशीन (ईटीवीएम) करीब तीन माह से खराब पड़ी है। विंडो का हाल यह है कि जब तक टिकट लेने का नंबर आता है, तब तक कई यात्रियों की ट्रेन छूट जाती है।
बिजनौर स्टेशन से करीब एक दर्जन ट्रेनों का संचालन होता है। इनमें तीन एक्सप्रेस ट्रेन और नौ पैसेंजर ट्रेन हैं। प्रतिदिन करीब चार हजार यात्री विभिन्न स्थानों के लिए यात्रा करते हैं। टिकट विंडो से भी यात्रियों को टिकट वितरण किया जाता है। लेकिन कई बार ट्रेन आने एवं अधिक यात्री भार होने के चलते टिकट मशीन से टिकट लेने में सहूलियत रहती हैै। यह मशीन लगभग तीन माह से खराब पड़ी है। रेलवे के नियमों के अनुसार टिकट मशीन का संचालन 24 घंटे होना चाहिए। इस मशीन की देखरेख का जिम्मा रेलवे के सेवानिवृत्त इच्छुक कर्मचारियों को टेंडर के रूप में दिया जाता है। वर्तमान में इसका टेंडर सेवानिवृत्त स्टेशन मास्टर योगेश्वर के पास यह दायित्व है। स्टेशन अधीक्षक अरविंद कुमार राठी ने बताया कि कई बार इसे ठीक के कराने के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है। रेलवे के कॉमर्शियल महकमे में इंजीनियर की कमी होने के कारण यह ठीक नहीं हो पाई है। शीघ्र ही इसे ठीक कराया जाएगा।
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बिजनौर।यात्रियों को लंबी लाइन में लगने से बचाने के लिए रेलवे की ओर से लगभग करीब तीन साल पहले स्थापित कराई गई टिकट मशीन अब धूल फांक रही है। रेलवे स्टेशन पर स्थित इलेक्ट्रानिक टिकट वेंडिंग मशीन (ईटीवीएम) करीब तीन माह से खराब पड़ी है। विंडो का हाल यह है कि जब तक टिकट लेने का नंबर आता है, तब तक कई यात्रियों की ट्रेन छूट जाती है।
बिजनौर स्टेशन से करीब एक दर्जन ट्रेनों का संचालन होता है। इनमें तीन एक्सप्रेस ट्रेन और नौ पैसेंजर ट्रेन हैं। प्रतिदिन करीब चार हजार यात्री विभिन्न स्थानों के लिए यात्रा करते हैं। टिकट विंडो से भी यात्रियों को टिकट वितरण किया जाता है। लेकिन कई बार ट्रेन आने एवं अधिक यात्री भार होने के चलते टिकट मशीन से टिकट लेने में सहूलियत रहती हैै। यह मशीन लगभग तीन माह से खराब पड़ी है। रेलवे के नियमों के अनुसार टिकट मशीन का संचालन 24 घंटे होना चाहिए। इस मशीन की देखरेख का जिम्मा रेलवे के सेवानिवृत्त इच्छुक कर्मचारियों को टेंडर के रूप में दिया जाता है। वर्तमान में इसका टेंडर सेवानिवृत्त स्टेशन मास्टर योगेश्वर के पास यह दायित्व है। स्टेशन अधीक्षक अरविंद कुमार राठी ने बताया कि कई बार इसे ठीक के कराने के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है। रेलवे के कॉमर्शियल महकमे में इंजीनियर की कमी होने के कारण यह ठीक नहीं हो पाई है। शीघ्र ही इसे ठीक कराया जाएगा।
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