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Bijnor News: रामपुर चाठा का अस्तित्व बचाने के लिए शुरू हुआ कटान सुरक्षा कार्य
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नजीबाबाद-कोटावाली नदी के उफान से रामपुर चाठा में हो रहा है कटान
गोशाला तक पहुंच गई कोटावाली नदी, कुछ हिस्सा नदी में बहा
संवाद न्यूज एजेंसी
भागूवला/नजीबाबाद। डीएम के निर्देश पर रामपुर चाठा के अस्तित्व को बचाने के लिए कोटवाली नदी में कटान सुरक्षा का कार्य शुरू किया गया। सिंचाई विभाग जेसीबी के माध्यम से नदी के बहाव को वितरित दिशा में करने का प्रयास कर रहा है।
अमर उजाला में 13 जुलाई को पृष्ठ संख्या दो पर नियम-नियम खेलते रहे विभाग, गांव तक पहुंची कोटावाली नदी की बाढ़ शीर्षक से प्रकाशित खबर को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया। डीएम के निर्देश पर सिंचाई खंड अफजलगढ़ ने कटान सुरक्षा का कार्य शुरू करा दिया है। सिंचाई खंड़ अफजलगढ़ के एसडीओ पवन चौधरी ने बताया कि शुरुआत में कोटावाली नदी के बहाव को विपरित दिशा में करने का कार्य किया जा रहा है। नदी क्षेत्र में दो जेसीबी मशीन कार्य कर रही हैं। उसके बाद कटान क्षेत्र में पत्थरों के तटबंध बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा।
एसडीओ ने बताया कि बुधवार से कोटावाली नदी का बहाव दूसरी दिशा होना शुरू हो गया है। जल्द ही कटान क्षेत्र में पत्थर के तटबंध बनाए जाएंगे।
बाढ़ प्रभावित रामपुर चाठा को सुरक्षित रखने के लिए कोटावाली नदी क्षेत्र में कटान सुरक्षा कार्य शुरू कराए गए हैं। सिंचाई खंड अफजलगढ़ की टीम कटान और गांव को सुरक्षित रखने के लिए काम कर रही है। - अंकित कुमार अग्रवाल, डीएम, बिजनौर।
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वन विभाग ने रुकवा दिया था कार्य
कोटावाली नदी में किए जा रहे कटान सुरक्षा कार्य को डेढ़ सप्ताह पूर्व वन विभाग ने रुकवा दिया था। वन विभाग के अधिकारियों ने आरक्षित वन क्षेत्र होने का तर्क देते हुए कटान सुरक्षा का कार्य नहीं होने दिया। जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बाढ़ सुरक्षा के तहत नदी में कटान सुरक्षा का कार्य शुरू कराया।
बह गई थी गोशाला
कोटावाली नदी के उफान से रामपुर चाठा की सीताराम गोशाला का एक हिस्सा नदी में बह गया था। गोशाला संचालक ने कटान का खतरा भांपते हुए बरसात में पूर्व ही गोशाला के पशुओं का हरिद्वार के सिद्धस्रोत स्थित गोशाला पहुंचा दिया था।
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गोशाला तक पहुंच गई कोटावाली नदी, कुछ हिस्सा नदी में बहा
संवाद न्यूज एजेंसी
भागूवला/नजीबाबाद। डीएम के निर्देश पर रामपुर चाठा के अस्तित्व को बचाने के लिए कोटवाली नदी में कटान सुरक्षा का कार्य शुरू किया गया। सिंचाई विभाग जेसीबी के माध्यम से नदी के बहाव को वितरित दिशा में करने का प्रयास कर रहा है।
अमर उजाला में 13 जुलाई को पृष्ठ संख्या दो पर नियम-नियम खेलते रहे विभाग, गांव तक पहुंची कोटावाली नदी की बाढ़ शीर्षक से प्रकाशित खबर को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया। डीएम के निर्देश पर सिंचाई खंड अफजलगढ़ ने कटान सुरक्षा का कार्य शुरू करा दिया है। सिंचाई खंड़ अफजलगढ़ के एसडीओ पवन चौधरी ने बताया कि शुरुआत में कोटावाली नदी के बहाव को विपरित दिशा में करने का कार्य किया जा रहा है। नदी क्षेत्र में दो जेसीबी मशीन कार्य कर रही हैं। उसके बाद कटान क्षेत्र में पत्थरों के तटबंध बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा।
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एसडीओ ने बताया कि बुधवार से कोटावाली नदी का बहाव दूसरी दिशा होना शुरू हो गया है। जल्द ही कटान क्षेत्र में पत्थर के तटबंध बनाए जाएंगे।
बाढ़ प्रभावित रामपुर चाठा को सुरक्षित रखने के लिए कोटावाली नदी क्षेत्र में कटान सुरक्षा कार्य शुरू कराए गए हैं। सिंचाई खंड अफजलगढ़ की टीम कटान और गांव को सुरक्षित रखने के लिए काम कर रही है। - अंकित कुमार अग्रवाल, डीएम, बिजनौर।
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वन विभाग ने रुकवा दिया था कार्य
कोटावाली नदी में किए जा रहे कटान सुरक्षा कार्य को डेढ़ सप्ताह पूर्व वन विभाग ने रुकवा दिया था। वन विभाग के अधिकारियों ने आरक्षित वन क्षेत्र होने का तर्क देते हुए कटान सुरक्षा का कार्य नहीं होने दिया। जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बाढ़ सुरक्षा के तहत नदी में कटान सुरक्षा का कार्य शुरू कराया।
बह गई थी गोशाला
कोटावाली नदी के उफान से रामपुर चाठा की सीताराम गोशाला का एक हिस्सा नदी में बह गया था। गोशाला संचालक ने कटान का खतरा भांपते हुए बरसात में पूर्व ही गोशाला के पशुओं का हरिद्वार के सिद्धस्रोत स्थित गोशाला पहुंचा दिया था।