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‘बराबर वाले हल्के से हमारे उम्मीदवार क्रांति कुमार हैं ’
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‘बराबर वाले हल्के से हमारे उम्मीदवार क्रांति कुमार हैं ’
अचल चौधरी
बिजनौर। बराबर वाले हल्के से हमारे उम्मीदवार क्रांति कुमार हैं। यह घोषणा चौधरी चरण सिंह ने चांदपुर में हुई जनसभा के दौरान की थी। दरअसल चौधरी चरण सिंह ने बिजनौर सीट से तेजपाल वर्मा को टिकट दिया था लेकिन कार्यकर्ताओं के विरोध चलते उन्होंने क्रांति कुमार को समर्थन का एलान कर दिया। जिस वजह से चौधरी चरण सिंह की पार्टी के ही उम्मीदवार की जमानत जब्त हो गई थी।
साल 1985 में बिजनौर विधानसभा सीट पर काफी घमासान हुआ। उस वक्त चौधरी चरण सिंह की दलित मजदूर किसान पार्टी हुआ करती थी। पूर्व विधायक सुखवीर सिंह टिकट के लिए दावेदारी कर रहे थे। लेकिन इसी बीच दलित मजदूर किसान पार्टी से तेजपाल वर्मा को टिकट हो गया। कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध कर दिया। तभी चांदपुर में हुई चुनावी जनसभा को संबोधित करने के चौधरी चरण सिंह पहुंचे थे। पूर्व विधायक सुखवीर सिंह याद करते हुए बताते हैं कि चांदपुर की जनसभा में चरण सिंह ने कहा था कि बराबर वाले हल्के से हमारे उम्मीदवार क्रांति कुमार हैं। क्रांति कुमार निर्दलीय मैदान में थे। जिसके बाद तमाम कार्यकर्ताओं ने अपनी पार्टी के बजाए निर्दलीय उम्मीदवार क्रांति कुमार को चुनाव लड़ाया। हालांकि इस चुनाव में क्रांति कुमार 2600 वोट से हार गए थे। कांग्रेस के उम्मीदवार अजीजुर्रहमान विधायक बने थे। दलित मजदूर किसान पार्टी के उम्मीदवार की जमानत जब्त हो गई थी। (संवाद)
ट्रैक्टर से होता था प्रचार
पूर्व विधायक सुखवीर सिंह बताते हैं कि अस्सी के दशक में जीप और कारा के साधन बेहद कम थे। उम्मीदवारों या समर्थकों के पास जीप भी नहीं होती थी। ऐसे में ट्रैक्टर से गांव गांव घूमकर प्रचार किया जाता था। बताते हैँं कि अब चुनाव के मायने ही बदल गए हैं। पहले राजनीति सेवा भाव से की जाती थी।
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अचल चौधरी
बिजनौर। बराबर वाले हल्के से हमारे उम्मीदवार क्रांति कुमार हैं। यह घोषणा चौधरी चरण सिंह ने चांदपुर में हुई जनसभा के दौरान की थी। दरअसल चौधरी चरण सिंह ने बिजनौर सीट से तेजपाल वर्मा को टिकट दिया था लेकिन कार्यकर्ताओं के विरोध चलते उन्होंने क्रांति कुमार को समर्थन का एलान कर दिया। जिस वजह से चौधरी चरण सिंह की पार्टी के ही उम्मीदवार की जमानत जब्त हो गई थी।
साल 1985 में बिजनौर विधानसभा सीट पर काफी घमासान हुआ। उस वक्त चौधरी चरण सिंह की दलित मजदूर किसान पार्टी हुआ करती थी। पूर्व विधायक सुखवीर सिंह टिकट के लिए दावेदारी कर रहे थे। लेकिन इसी बीच दलित मजदूर किसान पार्टी से तेजपाल वर्मा को टिकट हो गया। कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध कर दिया। तभी चांदपुर में हुई चुनावी जनसभा को संबोधित करने के चौधरी चरण सिंह पहुंचे थे। पूर्व विधायक सुखवीर सिंह याद करते हुए बताते हैं कि चांदपुर की जनसभा में चरण सिंह ने कहा था कि बराबर वाले हल्के से हमारे उम्मीदवार क्रांति कुमार हैं। क्रांति कुमार निर्दलीय मैदान में थे। जिसके बाद तमाम कार्यकर्ताओं ने अपनी पार्टी के बजाए निर्दलीय उम्मीदवार क्रांति कुमार को चुनाव लड़ाया। हालांकि इस चुनाव में क्रांति कुमार 2600 वोट से हार गए थे। कांग्रेस के उम्मीदवार अजीजुर्रहमान विधायक बने थे। दलित मजदूर किसान पार्टी के उम्मीदवार की जमानत जब्त हो गई थी। (संवाद)
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ट्रैक्टर से होता था प्रचार
पूर्व विधायक सुखवीर सिंह बताते हैं कि अस्सी के दशक में जीप और कारा के साधन बेहद कम थे। उम्मीदवारों या समर्थकों के पास जीप भी नहीं होती थी। ऐसे में ट्रैक्टर से गांव गांव घूमकर प्रचार किया जाता था। बताते हैँं कि अब चुनाव के मायने ही बदल गए हैं। पहले राजनीति सेवा भाव से की जाती थी।
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