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पंचायत चुनाव में शांति व्यवस्था कायम रखने पर जोर
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पंचायत चुनाव में शांति व्यवस्था कायम रखने पर जोर
नींदडू़। पंचायत चुनाव को देखते हुए ग्रामीणों की बैठक में सांप्रदायिक सद्भाव व आपसी सौहार्द बनाए रखने के अलावा हर हाल में शांति व्यवस्था कायम रखने पर जोर दिया गया।
शनिवार को पाडली मांडू के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रांगण में बैठक में वक्ताओं ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत नजदीक हैं। चुनाव में प्रतिभाग करने वाले प्रधान एवं सदस्य पद के प्रत्याशियों को चुनाव के दौरान धैर्य और शांति से काम करने की जरूरत है। समर्थक और मतदाताओं द्वारा सांप्रदायिक सद्भाव और आपसी भाई चारा बनाए रखना गांव व ग्रामीणों के हक में है।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते सरकारी अस्पताल के जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरने पर चिंता व्यक्त की गई। कहा गया कि नियमित चिकित्साधिकारी के अभाव में अस्पताल का काम काज फार्मासिस्ट और वार्ड ब्वाय के कंधों पर है। मरीज देखने से लेकर दवाई देने तक की जिम्मेदारी उन्हीं की है। अस्पताल में अच्छी दवा नहीं मिलने के कारण रोगियों को इलाज के लिए निजी चिकित्सकों के के पास जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने अस्पताल की पर्याप्त सफाई, उचित रखरखाव, स्थायी चिकित्सक की नियुक्ति व अच्छी दवा सुलभ कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। बाबू सिंह की अध्यक्षता एवं जितेंद्र चौधरी के संचालन में हुई बैठक में डा. होशियार सिंह, चंद्रप्रकाश आर्य, ब्रह्मपाल सिंह, धर्मपाल सिंह, वेदप्रकाश सिंह, धमेंद्र कुमार, तरनजीत सिंह, इसरार अहमद, आबिद हुसैन और इकबाल अहमद ने विचार व्यक्त किए।
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नींदडू़। पंचायत चुनाव को देखते हुए ग्रामीणों की बैठक में सांप्रदायिक सद्भाव व आपसी सौहार्द बनाए रखने के अलावा हर हाल में शांति व्यवस्था कायम रखने पर जोर दिया गया।
शनिवार को पाडली मांडू के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रांगण में बैठक में वक्ताओं ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत नजदीक हैं। चुनाव में प्रतिभाग करने वाले प्रधान एवं सदस्य पद के प्रत्याशियों को चुनाव के दौरान धैर्य और शांति से काम करने की जरूरत है। समर्थक और मतदाताओं द्वारा सांप्रदायिक सद्भाव और आपसी भाई चारा बनाए रखना गांव व ग्रामीणों के हक में है।
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बैठक में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते सरकारी अस्पताल के जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरने पर चिंता व्यक्त की गई। कहा गया कि नियमित चिकित्साधिकारी के अभाव में अस्पताल का काम काज फार्मासिस्ट और वार्ड ब्वाय के कंधों पर है। मरीज देखने से लेकर दवाई देने तक की जिम्मेदारी उन्हीं की है। अस्पताल में अच्छी दवा नहीं मिलने के कारण रोगियों को इलाज के लिए निजी चिकित्सकों के के पास जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने अस्पताल की पर्याप्त सफाई, उचित रखरखाव, स्थायी चिकित्सक की नियुक्ति व अच्छी दवा सुलभ कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। बाबू सिंह की अध्यक्षता एवं जितेंद्र चौधरी के संचालन में हुई बैठक में डा. होशियार सिंह, चंद्रप्रकाश आर्य, ब्रह्मपाल सिंह, धर्मपाल सिंह, वेदप्रकाश सिंह, धमेंद्र कुमार, तरनजीत सिंह, इसरार अहमद, आबिद हुसैन और इकबाल अहमद ने विचार व्यक्त किए।
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