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आबादी के पास हाथियों का उत्पात
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Tue, 09 May 2017 12:20 AM IST
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भागूवाला में तीन जंगली हाथियों ने आबादी से चंद कदम के फासले पर जमकर उत्पात मचाया। ग्रामीणों ने पटाखे फोड़कर और शोर-शराबा कर बामुश्किल हाथियों को खदेड़ा। एक किसान हाथियों की चपेट में आने से बाल-बाल बचा।
रविवार रात राजगढ़ वन रेंज से तीन जंगली हाथियों का झुंड हाईवे को क्रॉस करने के बाद गहरी सड़क से होकर आबादी के नजदीक पहुंच गया। यहां हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने मो. अख्तर के आम के बाग की फेंसिंग एवं दो पोल को क्षतिग्रस्त कर दिए। किसानों ने गन्ने के खेतों को पानी देने के लिए डाले गए प्लास्टिक के पाइपों को भी कई जगहों से क्षतिग्रस्त कर दिया। इससे खेतों में मौजूद किसानों में अफरा-तफरी मच गई। किसान खेतों से भाग निकले। आबादी से करीब 200 मीटर के फासले पर उत्पात मचा रहे हाथियों को आबादी की ओर बढ़ने से रोकने के लिए ग्रामीणों ने पटाखे फोड़े और काफी शोर-शराबा किया।
इस बीच खेत पर पानी देकर लौट रहे किसान बरगलाम के सामने जंगली हाथियों का झुंड आ गया। किसान ने मौके पर साइकिल और फावड़ा छोड़कर बाग में घुसकर किसी तरह अपनी जान बचाई। इस संबंध में वन रेंजर विजेंद्र मलिक ने बताया कि गर्मी अपने चरम पर है। भोजन-पानी की तलाश में जंगली हाथी जंगल से सटे खेतों में घुस रहे हैं। उन्होंने जान-माल की क्षति रोकने के लिए जल्द विशेष कदम उठाने की बात कही।
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रविवार रात राजगढ़ वन रेंज से तीन जंगली हाथियों का झुंड हाईवे को क्रॉस करने के बाद गहरी सड़क से होकर आबादी के नजदीक पहुंच गया। यहां हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने मो. अख्तर के आम के बाग की फेंसिंग एवं दो पोल को क्षतिग्रस्त कर दिए। किसानों ने गन्ने के खेतों को पानी देने के लिए डाले गए प्लास्टिक के पाइपों को भी कई जगहों से क्षतिग्रस्त कर दिया। इससे खेतों में मौजूद किसानों में अफरा-तफरी मच गई। किसान खेतों से भाग निकले। आबादी से करीब 200 मीटर के फासले पर उत्पात मचा रहे हाथियों को आबादी की ओर बढ़ने से रोकने के लिए ग्रामीणों ने पटाखे फोड़े और काफी शोर-शराबा किया।
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इस बीच खेत पर पानी देकर लौट रहे किसान बरगलाम के सामने जंगली हाथियों का झुंड आ गया। किसान ने मौके पर साइकिल और फावड़ा छोड़कर बाग में घुसकर किसी तरह अपनी जान बचाई। इस संबंध में वन रेंजर विजेंद्र मलिक ने बताया कि गर्मी अपने चरम पर है। भोजन-पानी की तलाश में जंगली हाथी जंगल से सटे खेतों में घुस रहे हैं। उन्होंने जान-माल की क्षति रोकने के लिए जल्द विशेष कदम उठाने की बात कही।
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