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बिजनौर: धामपुर - दस माह में आठ हजार नलकूपों पर ही लगे बिजली के मीटर
Mon, 20 Feb 2023 12:13 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Mon, 20 Feb 2023 12:13 AM IST
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- 20 हजार नलकूपों के लिए आवंटित हुए थे मीटर, किसानों के विरोध के चलते नहीं लग सके
संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर। विद्युत निगम को धामपुर एसई सर्किल में 20 हजार निजी नलकूपों पर बिजली के मीटर लगाने का लक्ष्य आवंटित हुए था। 10 माह बीतने के बाद अभी तक आठ हजार नलकूपों पर ही मीटर लगे हैं। अधिकारियों का कहना है कि निगम तो मीटर लगाना चाहता है, लेकिन किसान विरोध कर रहे हैं।
धामपुर अधीक्षण अभियंता सर्किल में चार डिवीजन नजीबाबाद, नगीना, धामपुर प्रथम और धामपुर द्वितीय शामिल हैं। सभी डिवीजन में 50 हजार से अधिक किसानों के पास निजी नलकूप कनेक्शन हैं। निगम की तरफ से सभी निजी नलकूपों पर बिजली के मीटर लगने हैं। प्रथम चरण में 20 हजार नलकूपों पर मीटर लगाने का लक्ष्य है। प्रत्येक डिवीजन में प्रतिदिन 150 से 200 नलकूपों पर मीटर लगाने का लक्ष्य दिया गया है, लेकिन औसतन 10 से 15 मीटर ही प्रतिदिन लग पा रहे हैं। अधीक्षण अभियंता राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि सर्किल में 20 हजार मीटर में से अभी तक आठ हजार मीटर ही लग सके हैं।
निगम के अधिकारी निजी नलकूपों पर मीटर लगाने के लिए जाते हैं तो किसान विरोध कर मीटर नहीं लगने देते। अधीक्षण अभियंता का कहना है कि किसानों को यह गलतफहमी है कि मीटर लगने के बाद बिल ज्यादा आएगा। जबकि ऐसा नहीं है। जबकि यह आंकलन करना है कि मीटर लगाने से संबंधित नलकूप कितनी बिजली की खपत कर रहा है और उसमें लगी मोटर की हार्स पॉवर क्या है। सरकार की ओर से बिजली के कुएं का बिल 85 रुपये प्रति हॉर्सपावर है। बिल प्रति हार्सपॉवर के हिसाब से ही वसूला जाएगा। मीटर रीडिंग से नहीं।
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धामपुर। विद्युत निगम को धामपुर एसई सर्किल में 20 हजार निजी नलकूपों पर बिजली के मीटर लगाने का लक्ष्य आवंटित हुए था। 10 माह बीतने के बाद अभी तक आठ हजार नलकूपों पर ही मीटर लगे हैं। अधिकारियों का कहना है कि निगम तो मीटर लगाना चाहता है, लेकिन किसान विरोध कर रहे हैं।
धामपुर अधीक्षण अभियंता सर्किल में चार डिवीजन नजीबाबाद, नगीना, धामपुर प्रथम और धामपुर द्वितीय शामिल हैं। सभी डिवीजन में 50 हजार से अधिक किसानों के पास निजी नलकूप कनेक्शन हैं। निगम की तरफ से सभी निजी नलकूपों पर बिजली के मीटर लगने हैं। प्रथम चरण में 20 हजार नलकूपों पर मीटर लगाने का लक्ष्य है। प्रत्येक डिवीजन में प्रतिदिन 150 से 200 नलकूपों पर मीटर लगाने का लक्ष्य दिया गया है, लेकिन औसतन 10 से 15 मीटर ही प्रतिदिन लग पा रहे हैं। अधीक्षण अभियंता राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि सर्किल में 20 हजार मीटर में से अभी तक आठ हजार मीटर ही लग सके हैं।
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निगम के अधिकारी निजी नलकूपों पर मीटर लगाने के लिए जाते हैं तो किसान विरोध कर मीटर नहीं लगने देते। अधीक्षण अभियंता का कहना है कि किसानों को यह गलतफहमी है कि मीटर लगने के बाद बिल ज्यादा आएगा। जबकि ऐसा नहीं है। जबकि यह आंकलन करना है कि मीटर लगाने से संबंधित नलकूप कितनी बिजली की खपत कर रहा है और उसमें लगी मोटर की हार्स पॉवर क्या है। सरकार की ओर से बिजली के कुएं का बिल 85 रुपये प्रति हॉर्सपावर है। बिल प्रति हार्सपॉवर के हिसाब से ही वसूला जाएगा। मीटर रीडिंग से नहीं।
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