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मकर संक्रांति पर गंगा स्नान कर किया दान
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अफजलगढ़ के गांव पर्वतपुर में शिव मंदिर प्रांगण में हवन यज्ञ करते श्रद्धालु।
- फोटो : BIJNOR
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मकर संक्रांति पर गंगा स्नान कर किया दान
बिजनौर। जिले में मकर संक्रांति का पर्व सादगी के साथ मनाया गया। कोरोना महामारी के कारण गंगा घाटों पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बहुत कम रही। लोगों ने स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद पूजा-अर्चना की और अपने घरों पर ही पंडितों को बुलाकर खिचड़ी, गुड़, तिल, उड़द, चावल और दान-दक्षिणा देकर पुण्य लाभ अर्जित किया। इसके बाद खिचड़ी और मूंगफली, रेवड़ी, तिल के लड्डू आदि का प्रसाद वितरित किया।
बृहस्पतिवार को जिले भर में मकर संक्रांति का पर्व सादगी से मनाया गया। सुबह लोगों ने स्नान-दान के बाद सूर्य को अर्घ्य देकर खिचड़ी, तिल, गुड़, उड़द, चावल, आटा आदि का दान किया। इसके बाद खिचड़ी और मूंगफली, रेवड़ी का प्रसाद वितरण किया। अधिकांश श्रद्धालुओं ने अपने घरों में खिचड़ी बनाई, जबकि कुछ जगहों पर मूंगफली, रेवड़ी और तिल के लड्डू आदि का सेवन किया गया। इस दौरान बच्चों और युवाओं में पतंगबाजी को लेकर ज्यादा उत्सुकता देखी गई। अधिकांश लोगों ने खिचड़ी और तिल से निर्मित लड्डू का सेवन किया। कुछ स्थानों पर बच्चों और युवाओं ने काफी पतंगबाजी की। इसके बाद जगह-जगह पर खिचड़ी का प्रसाद बांटा गया। कोरोना महामारी के कारण इस बार मकर संक्रांति पर्व पर गंगा बैराज घाट पर स्नान करने नाममात्र श्रद्धालु ही पहुंचे।
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बिजनौर। जिले में मकर संक्रांति का पर्व सादगी के साथ मनाया गया। कोरोना महामारी के कारण गंगा घाटों पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बहुत कम रही। लोगों ने स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद पूजा-अर्चना की और अपने घरों पर ही पंडितों को बुलाकर खिचड़ी, गुड़, तिल, उड़द, चावल और दान-दक्षिणा देकर पुण्य लाभ अर्जित किया। इसके बाद खिचड़ी और मूंगफली, रेवड़ी, तिल के लड्डू आदि का प्रसाद वितरित किया।
बृहस्पतिवार को जिले भर में मकर संक्रांति का पर्व सादगी से मनाया गया। सुबह लोगों ने स्नान-दान के बाद सूर्य को अर्घ्य देकर खिचड़ी, तिल, गुड़, उड़द, चावल, आटा आदि का दान किया। इसके बाद खिचड़ी और मूंगफली, रेवड़ी का प्रसाद वितरण किया। अधिकांश श्रद्धालुओं ने अपने घरों में खिचड़ी बनाई, जबकि कुछ जगहों पर मूंगफली, रेवड़ी और तिल के लड्डू आदि का सेवन किया गया। इस दौरान बच्चों और युवाओं में पतंगबाजी को लेकर ज्यादा उत्सुकता देखी गई। अधिकांश लोगों ने खिचड़ी और तिल से निर्मित लड्डू का सेवन किया। कुछ स्थानों पर बच्चों और युवाओं ने काफी पतंगबाजी की। इसके बाद जगह-जगह पर खिचड़ी का प्रसाद बांटा गया। कोरोना महामारी के कारण इस बार मकर संक्रांति पर्व पर गंगा बैराज घाट पर स्नान करने नाममात्र श्रद्धालु ही पहुंचे।
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