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Bijnor News: दस्तावेज लेखकों और अधिवक्ताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू
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नजीबाबाद। ई-पंजीकरण मॉड्यूल रजिस्ट्री योजना के विरोध में दस्तावेज लेखकों ने उप-निबंधन कार्यालय के बाहर बुधवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी।
उत्तर प्रदेश दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के शाखा अध्यक्ष मो. असलम, सचिव सौरभ कश्यप के नेतृत्व में दस्तावेज लेखकों और निबंधन कार्यालय से संबंधित अधिवक्ताओं ने बुधवार को प्रदर्शन ई-रजिस्ट्री मॉड्यूल के खिलाफ किया। उन्होंने सरकार के ई-पंजीकरण रजिस्ट्री मॉड्यूल लागू होने से दस्तावेज लेखकों, अधिवक्ताओं और स्टांप विक्रेताओं का कारोबार प्रभावित होने और गोपनीयता भंग होने की बात कही। प्रदर्शनकारियों ने कहा जब तक सरकार फैसला वापस नहीं लेती तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। दस्तावेज लेखकों और अधिवक्ताओं ने सरकार पर दस्तावेज लेखकों, अधिवक्ताओं और स्टांप विक्रेताओं के रोजगार को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। प्रदर्शन में मेघनाथ, ओजेश राजपूत, अब्दुल रब, मुकुल शर्मा, हेमराज, रविराज, मो. अहसान, अमित सिंघल, भानु प्रकाश, हरिओम सिंघल, शशिकांत, सुनील भटनागर, शहजाद आलम एड., मो.फहीम, मो. आदिल गौरव कुमार सहित अनेक दस्तावेज लेखक और अधिवक्ता शामिल हुए।
उधर उपनिबंधक राजीव भारती ने बताया कि बुधवार को हड़ताल के कारण बैनामे, रजिस्ट्री तथा कार्यालय के डॉक्यूमेंटेशन का काम पूरी तरह प्रभावित रहा। उप निबंधन कार्यालय नजीबाबाद के माध्यम से सरकार को प्रतिदिन 25 से 30 लाख रुपये राजस्व प्राप्त होता है। कार्यालय से करीब 33 दस्तावेज लेखक, 20 अधिवक्ता और 15 स्टांप विक्रेता जुड़े हैं।
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उत्तर प्रदेश दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के शाखा अध्यक्ष मो. असलम, सचिव सौरभ कश्यप के नेतृत्व में दस्तावेज लेखकों और निबंधन कार्यालय से संबंधित अधिवक्ताओं ने बुधवार को प्रदर्शन ई-रजिस्ट्री मॉड्यूल के खिलाफ किया। उन्होंने सरकार के ई-पंजीकरण रजिस्ट्री मॉड्यूल लागू होने से दस्तावेज लेखकों, अधिवक्ताओं और स्टांप विक्रेताओं का कारोबार प्रभावित होने और गोपनीयता भंग होने की बात कही। प्रदर्शनकारियों ने कहा जब तक सरकार फैसला वापस नहीं लेती तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। दस्तावेज लेखकों और अधिवक्ताओं ने सरकार पर दस्तावेज लेखकों, अधिवक्ताओं और स्टांप विक्रेताओं के रोजगार को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। प्रदर्शन में मेघनाथ, ओजेश राजपूत, अब्दुल रब, मुकुल शर्मा, हेमराज, रविराज, मो. अहसान, अमित सिंघल, भानु प्रकाश, हरिओम सिंघल, शशिकांत, सुनील भटनागर, शहजाद आलम एड., मो.फहीम, मो. आदिल गौरव कुमार सहित अनेक दस्तावेज लेखक और अधिवक्ता शामिल हुए।
उधर उपनिबंधक राजीव भारती ने बताया कि बुधवार को हड़ताल के कारण बैनामे, रजिस्ट्री तथा कार्यालय के डॉक्यूमेंटेशन का काम पूरी तरह प्रभावित रहा। उप निबंधन कार्यालय नजीबाबाद के माध्यम से सरकार को प्रतिदिन 25 से 30 लाख रुपये राजस्व प्राप्त होता है। कार्यालय से करीब 33 दस्तावेज लेखक, 20 अधिवक्ता और 15 स्टांप विक्रेता जुड़े हैं।
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