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दिव्यांगों को नई सोच देंगी कलाकृतियां
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 04 Jan 2017 12:04 AM IST
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दीवार पर बनाई गई पेंटिंग
- फोटो : दीवार पर बनाई गई पेंटिंग
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बिजनौर शहर के स्वच्छता पथ को पेंटिंग से संवारने वाले कलाकारों की कृतियां अब दिव्यांगों का मनोबल बढ़ाएंगी। उनमें सृजनात्मकता की नई सोच जागृत करेंगी। ये कलाकार अब रोडवेज अड्डे के सामने बने दिव्यांगों के स्कूल की दीवारों पर चित्रकारी करने में लगे हैं। यहां बच्चों के प्रिय कार्टून चरित्र मोगली से लेकर छोटा भीम जैसे चित्रों के माध्यम से भी दिव्यांगों समेत अन्य बच्चों को दृढ़ निश्चय वाला बनने को प्रेरित किया जाएगा।
बता दें कि कलेक्ट्रेट मार्ग को वॉल आफ सैनिटेशन का नाम( स्वच्छता पथ) देकर जब उस पर चित्रकारी की गई तो किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह शहर को आकर्षक बनाने के साथ ही नए कलाकारों को चित्रकारी का नया मौका देगी।
मुख्य विकास अधिकारी डा. इंद्रमणि त्रिपाठी ने इस प्लान के लिए प्रेरित किया। नौशाद अख्तर, डा. संजय साहनी, डा. रिचा शर्मा, डा. मृदुल त्यागी, डा अतीक दानिश, अंतरराष्ट्रीय चित्रकार डा. कमल सिंह बनारस, मनोज सिंह मुजफ्फरनगर, निशा राजपूत दरबाड़ा, अरशद अली, चंदक,पवन सागर रोमाना परवीन, प्रीति सैनी, शाइस्ता नेगी, आकांक्षा वर्मा, रचना कपूर, सुरभि शर्मा, निशा मंजूर आदि चित्रकार इस मुहिम में शामिल हो चुके हैं जो काम में लगे हैं।
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छात्र इरफान दानिश करीम, यूजा जुल्फुकार, शावेज, उबैद , क्रतिक, हैदर अली आदि ने भी कलाकृतियों में अपनी प्रतिभा दिखाई। सीडीओ का कहना है कि सामान्य बच्चों की तरह दिव्यांगों को भी ऐसी सृजनात्मक मुहिम का हिस्सा बनाया जाना जरूरी है। इसलिए दिव्यांगों के स्कूल की कलाकृतियां उन्हें नई सोच के लिए प्रेरित करेंगी। यह प्रयोग आगे भी जारी रहेंगे।
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बता दें कि कलेक्ट्रेट मार्ग को वॉल आफ सैनिटेशन का नाम( स्वच्छता पथ) देकर जब उस पर चित्रकारी की गई तो किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह शहर को आकर्षक बनाने के साथ ही नए कलाकारों को चित्रकारी का नया मौका देगी।
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मुख्य विकास अधिकारी डा. इंद्रमणि त्रिपाठी ने इस प्लान के लिए प्रेरित किया। नौशाद अख्तर, डा. संजय साहनी, डा. रिचा शर्मा, डा. मृदुल त्यागी, डा अतीक दानिश, अंतरराष्ट्रीय चित्रकार डा. कमल सिंह बनारस, मनोज सिंह मुजफ्फरनगर, निशा राजपूत दरबाड़ा, अरशद अली, चंदक,पवन सागर रोमाना परवीन, प्रीति सैनी, शाइस्ता नेगी, आकांक्षा वर्मा, रचना कपूर, सुरभि शर्मा, निशा मंजूर आदि चित्रकार इस मुहिम में शामिल हो चुके हैं जो काम में लगे हैं।
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छात्र इरफान दानिश करीम, यूजा जुल्फुकार, शावेज, उबैद , क्रतिक, हैदर अली आदि ने भी कलाकृतियों में अपनी प्रतिभा दिखाई। सीडीओ का कहना है कि सामान्य बच्चों की तरह दिव्यांगों को भी ऐसी सृजनात्मक मुहिम का हिस्सा बनाया जाना जरूरी है। इसलिए दिव्यांगों के स्कूल की कलाकृतियां उन्हें नई सोच के लिए प्रेरित करेंगी। यह प्रयोग आगे भी जारी रहेंगे।