{"_id":"5fd905a48ebc3e40fa4be14e","slug":"district-post-offices-running-in-rented-buildings-bijnor-news-mrt5157729109","type":"story","status":"publish","title_hn":"किराये के भवनों में चल रहे हैं जिले के डाकघर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किराये के भवनों में चल रहे हैं जिले के डाकघर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किराये के भवनों में चल रहे हैं जिले के डाकघर
बिजनौर। डाक विभाग यूं तो तरह-तरह की की योजनाएं चलाकर लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश करता है, लेकिन एक लंबा अरसा बीतने के बाद भी जिले के डाकघर किराये के भवनों में ही चल रहे हैं। जनपद में संचालित प्रधान डाकघर बिजनौर एवं धामपुर और नजीबाबाद स्थित मुख्य डाकघर तथा नगीना के उप डाकघर का भवन ही केवल सरकारी है। अन्य सभी डाकखाने किराये के भवनों में ही संचालित किए जा रहे हैं।
जनपद में कुल 303 डाकघर संचालित हैं। इनमें बिजनौर तथा धामपुर प्रधान डाकघर की श्रेणी में आते हैं, जबकि नजीबाबाद मुख्य डाकघर के रूप में शामिल हैं। इसके अलावा किरतपुर, नहटौर, कोतवाली देहात, नूरपुर, चांदपुर, स्योहारा, जलीलपुर, हल्दौर, बढ़ापुर, झालू, साहनपुर, जलालाबाद, मंडावर, सहसपुर आदि सहित लगभग 42 विभागीय उप डाकघर और ग्रामीण अंचलों में स्थित करीब 258 शाखा डाकघर किराये के भवनों में ही चल रहे हैं। डाक विभाग की ओर से विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाकर लोगों को डाकघरों की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन आज भी डाकघरों का अपना कोई ठिकाना नहीं है।
केंद्र सरकार के अधीन आने वाले डाकघर सरकारी उपेक्षा के कारण ही ये किराये के भवनों में संचालित होने को मजबूर हैं। डाक अधीक्षक राधेश्याम शर्मा के अनुसार यह स्थिति बिजनौर में ही नहीं, अपितु पूरे देश में ही डाकघरों का यही हाल है। वर्तमान में जनपद बिजनौर में जिला मुख्यालय और धामपुर का प्रधान डाकघर तथा नजीबाबाद के मुख्य डाकघर और नगीना के उप डाकघर का भवन ही केवल सरकारी है, बाकी सभी किराये के भवनों में ही संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले ही उनका कार्यालय प्रधान डाकघर के प्रथम तल पर शिफ्ट किया गया है। इससे पूर्व कई वर्षों तक डाक अधीक्षक कार्यालय भी शास्त्री चौक के पास स्थित पेट्रोल पंप के सामने किराये के भवन में ही संचालित होता था।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। डाक विभाग यूं तो तरह-तरह की की योजनाएं चलाकर लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश करता है, लेकिन एक लंबा अरसा बीतने के बाद भी जिले के डाकघर किराये के भवनों में ही चल रहे हैं। जनपद में संचालित प्रधान डाकघर बिजनौर एवं धामपुर और नजीबाबाद स्थित मुख्य डाकघर तथा नगीना के उप डाकघर का भवन ही केवल सरकारी है। अन्य सभी डाकखाने किराये के भवनों में ही संचालित किए जा रहे हैं।
जनपद में कुल 303 डाकघर संचालित हैं। इनमें बिजनौर तथा धामपुर प्रधान डाकघर की श्रेणी में आते हैं, जबकि नजीबाबाद मुख्य डाकघर के रूप में शामिल हैं। इसके अलावा किरतपुर, नहटौर, कोतवाली देहात, नूरपुर, चांदपुर, स्योहारा, जलीलपुर, हल्दौर, बढ़ापुर, झालू, साहनपुर, जलालाबाद, मंडावर, सहसपुर आदि सहित लगभग 42 विभागीय उप डाकघर और ग्रामीण अंचलों में स्थित करीब 258 शाखा डाकघर किराये के भवनों में ही चल रहे हैं। डाक विभाग की ओर से विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाकर लोगों को डाकघरों की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन आज भी डाकघरों का अपना कोई ठिकाना नहीं है।
विज्ञापन
केंद्र सरकार के अधीन आने वाले डाकघर सरकारी उपेक्षा के कारण ही ये किराये के भवनों में संचालित होने को मजबूर हैं। डाक अधीक्षक राधेश्याम शर्मा के अनुसार यह स्थिति बिजनौर में ही नहीं, अपितु पूरे देश में ही डाकघरों का यही हाल है। वर्तमान में जनपद बिजनौर में जिला मुख्यालय और धामपुर का प्रधान डाकघर तथा नजीबाबाद के मुख्य डाकघर और नगीना के उप डाकघर का भवन ही केवल सरकारी है, बाकी सभी किराये के भवनों में ही संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले ही उनका कार्यालय प्रधान डाकघर के प्रथम तल पर शिफ्ट किया गया है। इससे पूर्व कई वर्षों तक डाक अधीक्षक कार्यालय भी शास्त्री चौक के पास स्थित पेट्रोल पंप के सामने किराये के भवन में ही संचालित होता था।
विज्ञापन