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डीजल की हो रही जांच, रिपोर्ट का इंतजार
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डीजल की हो रही जांच, रिपोर्ट का इंतजार
बिजनौर। बायो फ्यूल के नाम पर जिले में अवैध पंप संचालन के मामले में पुलिस को अब डीजल की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। हालांकि जांच रिपोर्ट में देरी के चलते आरोप पत्र दाखिल कर दिए गए हैं। बाद में जांच रिपोर्ट के आधार पर धाराएं बढ़ा दी जाएंगी।
कोतवाली-नहटौर रोड पर फुलसंदा में अवैध पंप चलता पाया गया था। पूर्ति विभाग ने इसकी रिपोर्ट थाना नहटौर में दर्ज कराई। जिसमें एक नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने मामले में मुजफ्फरनगर के रहने वाले एक आरोपी का नाम दर्शाते हुए चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। वहीं, थाना कोतवाली देहात पुलिस ने भी अवैध पंप के केस में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया है। किरतपुर थाने में भी दो केस दर्ज हुए थे। जिनकी चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। हालांकि इन आरोप पत्र में अभी डीजल की जांच रिपोर्ट शामिल करने का ऑप्शन छोड़ा गया है। दरअसल, इन पंपों पर मिले डीजल और पेट्रोल के नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। जिससे तेल में मिलावट या नकली होने की जानकारी पुख्ता हो सके। जिलेभर में दस केस दर्ज कराए गए, इनमें सात में आरोप पत्र दाखिल हो चुके हैं। बता दें कि जिले में एक साल तक तेल का खेल चला। बायो फ्यूल के नाम पर अवैध पंप खोल दिए गए। जिसका भंडाफोड़ अमर उजाला ने किया तो रातोंरात अवैध पंप उखड़ गए। इन सभी अवैध पंप के तार मुजफ्फरनगर से जुड़े पाए गए। पेट्रोल पंप खोलने वाला गिरोह वहीं का रहने वाला था, जिसने बिजनौर के भी कई लोगों को अपने साथ मिला लिया।
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बिजनौर। बायो फ्यूल के नाम पर जिले में अवैध पंप संचालन के मामले में पुलिस को अब डीजल की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। हालांकि जांच रिपोर्ट में देरी के चलते आरोप पत्र दाखिल कर दिए गए हैं। बाद में जांच रिपोर्ट के आधार पर धाराएं बढ़ा दी जाएंगी।
कोतवाली-नहटौर रोड पर फुलसंदा में अवैध पंप चलता पाया गया था। पूर्ति विभाग ने इसकी रिपोर्ट थाना नहटौर में दर्ज कराई। जिसमें एक नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने मामले में मुजफ्फरनगर के रहने वाले एक आरोपी का नाम दर्शाते हुए चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। वहीं, थाना कोतवाली देहात पुलिस ने भी अवैध पंप के केस में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया है। किरतपुर थाने में भी दो केस दर्ज हुए थे। जिनकी चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। हालांकि इन आरोप पत्र में अभी डीजल की जांच रिपोर्ट शामिल करने का ऑप्शन छोड़ा गया है। दरअसल, इन पंपों पर मिले डीजल और पेट्रोल के नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। जिससे तेल में मिलावट या नकली होने की जानकारी पुख्ता हो सके। जिलेभर में दस केस दर्ज कराए गए, इनमें सात में आरोप पत्र दाखिल हो चुके हैं। बता दें कि जिले में एक साल तक तेल का खेल चला। बायो फ्यूल के नाम पर अवैध पंप खोल दिए गए। जिसका भंडाफोड़ अमर उजाला ने किया तो रातोंरात अवैध पंप उखड़ गए। इन सभी अवैध पंप के तार मुजफ्फरनगर से जुड़े पाए गए। पेट्रोल पंप खोलने वाला गिरोह वहीं का रहने वाला था, जिसने बिजनौर के भी कई लोगों को अपने साथ मिला लिया।
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