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Bijnor News: अमानगढ़ रेंज के पास खुलेंगे विकास के द्वार
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रजनीश त्यागी
बिजनौर। अमानगढ़ में तीसरा पर्यटन सत्र शुरू होने को है। वहीं, अब अमानगढ़ के बाहर इको सेंसेटिव जोन बनाने की तैयारी भी तेज हो गई है। जिला स्तर से इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। इको सेंसेटिव जोन घोषित होने के बाद कई ग्रुप वहां रिसॉर्ट और कैफेटेरिया आदि बनाने की तैयारी में हैं। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में दो साल पहले जंगल सफारी शुरू हुई थी। पिछले दो पर्यटन सत्र में छह हजार से ज्यादा लोग जंगल सफारी कर चुके हैं। वर्तमान में समस्या की बात करें तो यहां पर रात में रुकने की व्यवस्था न होने से पर्यटक निराश भी रहते हैं। फिलहाल सुबह और शाम के समय ही जंगल सफारी की व्यवस्था रहती है। इसके बाद पर्यटकों को वापस लौटना पड़ता है।
वहीं दूसरी ओर अभी तक वहां कोई रिसॉर्ट तैयार नहीं हुआ। इसका बड़ा कारण इको सेंसेटिव जोन घोषित न होना है। क्योंकि अभी तक किसी को यह नहीं पता कि कहां तक व्यवसायिक निर्माण हो सकता है। अब वन विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। वहां से इस पर मंथन चल रहा है।
n अमानगढ़ के पास एक किमी हो सकता है दायरा
फिलहाल अमानगढ़ के बाहर इको सेंसेटिव जोन घोषित नहीं हुआ है। ऐसे में इसके दायरे को लेकर भी मंथन चल रहा है। अभी इसका दायरा एक किमी दूरी तक रखने पर मंथन चल रहा है। शासन स्तर से इसमें बदलाव कर इसे और बढ़ाया भी जा सकता है। संवाद
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बिजनौर। अमानगढ़ में तीसरा पर्यटन सत्र शुरू होने को है। वहीं, अब अमानगढ़ के बाहर इको सेंसेटिव जोन बनाने की तैयारी भी तेज हो गई है। जिला स्तर से इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। इको सेंसेटिव जोन घोषित होने के बाद कई ग्रुप वहां रिसॉर्ट और कैफेटेरिया आदि बनाने की तैयारी में हैं। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में दो साल पहले जंगल सफारी शुरू हुई थी। पिछले दो पर्यटन सत्र में छह हजार से ज्यादा लोग जंगल सफारी कर चुके हैं। वर्तमान में समस्या की बात करें तो यहां पर रात में रुकने की व्यवस्था न होने से पर्यटक निराश भी रहते हैं। फिलहाल सुबह और शाम के समय ही जंगल सफारी की व्यवस्था रहती है। इसके बाद पर्यटकों को वापस लौटना पड़ता है।
वहीं दूसरी ओर अभी तक वहां कोई रिसॉर्ट तैयार नहीं हुआ। इसका बड़ा कारण इको सेंसेटिव जोन घोषित न होना है। क्योंकि अभी तक किसी को यह नहीं पता कि कहां तक व्यवसायिक निर्माण हो सकता है। अब वन विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। वहां से इस पर मंथन चल रहा है।
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n अमानगढ़ के पास एक किमी हो सकता है दायरा
फिलहाल अमानगढ़ के बाहर इको सेंसेटिव जोन घोषित नहीं हुआ है। ऐसे में इसके दायरे को लेकर भी मंथन चल रहा है। अभी इसका दायरा एक किमी दूरी तक रखने पर मंथन चल रहा है। शासन स्तर से इसमें बदलाव कर इसे और बढ़ाया भी जा सकता है। संवाद
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