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आंगनबाड़ी केंद्रों पर जल्द मिलेगा देसी घी और दूध
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आंगनबाड़ी केंद्रों पर जल्द मिलेगा देसी घी और दूध
धामपुर। समन्वित बाल विकास विभाग की ओर से अब धात्री महिलाओं व सात माह से छह साल तक के बच्चों को पोषाहार के स्थान पर खाने के लिए सोयाबीन, दलिया, चना, देसी घी और दूध मिलेगा। सोयाबीन, दलिया और चने को छोड़कर मंगलवार को परियोजना पर देसी घी और दूध की आपूर्ति हो गई है। ब्लाक निगरानी समिति के सदस्यों से सत्यापित कराने के बाद जल्द ही देसी घी और दूध का स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा लाभार्थियों को वितरण किया जाएगा।
बाल विकास विभाग के प्रभारी सीडीपीओ हेमलता सैनी ने बताया कि सरकार की ओर से अब आंगनबाड़ी सेंटरों पर लाभार्थियों को पोषाहार नहीं मिलेेगा। इसके स्थान पर देसी घी, दूध, चना, सोयाबीन, दलिया मिला करेगा। इनमें पहली बार सरकार की ओर से देसी घी और दूध की आपूर्ति कर दी है। ब्लाक अल्हैपुर में कुल 299 आंगनबाड़ी सेंटर संचालित हैं। इन सेंटरों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका की तैनाती है। लेकिन अब इनके स्थान पर लाभार्थियों को सरकार की ओर से मिलने वाली इस सामग्री का स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं घर-घर जाकर वितरण करेंगी।
बताया कि परियोजना धामपुर के 299 सेंटरों पर करीब 27,733 लाभार्थी शामिल हैं। इनमें धात्री महिलाएं, सात माह से तीन साल तक और तीन साल से छह साल तक के बच्चों को शामिल किया गया है। नई व्यवस्था के तहत पहली बार 450 ग्राम के 19905 व नौ सौ ग्राम के 693 देसी घी के पैकेट, 750 ग्राम वजन के 6382 पैकेट व 400 ग्राम वजन के करीब 16638 सूखे दूध के पैकेट परियोजना को प्राप्त हो गए है।
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धामपुर। समन्वित बाल विकास विभाग की ओर से अब धात्री महिलाओं व सात माह से छह साल तक के बच्चों को पोषाहार के स्थान पर खाने के लिए सोयाबीन, दलिया, चना, देसी घी और दूध मिलेगा। सोयाबीन, दलिया और चने को छोड़कर मंगलवार को परियोजना पर देसी घी और दूध की आपूर्ति हो गई है। ब्लाक निगरानी समिति के सदस्यों से सत्यापित कराने के बाद जल्द ही देसी घी और दूध का स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा लाभार्थियों को वितरण किया जाएगा।
बाल विकास विभाग के प्रभारी सीडीपीओ हेमलता सैनी ने बताया कि सरकार की ओर से अब आंगनबाड़ी सेंटरों पर लाभार्थियों को पोषाहार नहीं मिलेेगा। इसके स्थान पर देसी घी, दूध, चना, सोयाबीन, दलिया मिला करेगा। इनमें पहली बार सरकार की ओर से देसी घी और दूध की आपूर्ति कर दी है। ब्लाक अल्हैपुर में कुल 299 आंगनबाड़ी सेंटर संचालित हैं। इन सेंटरों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका की तैनाती है। लेकिन अब इनके स्थान पर लाभार्थियों को सरकार की ओर से मिलने वाली इस सामग्री का स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं घर-घर जाकर वितरण करेंगी।
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बताया कि परियोजना धामपुर के 299 सेंटरों पर करीब 27,733 लाभार्थी शामिल हैं। इनमें धात्री महिलाएं, सात माह से तीन साल तक और तीन साल से छह साल तक के बच्चों को शामिल किया गया है। नई व्यवस्था के तहत पहली बार 450 ग्राम के 19905 व नौ सौ ग्राम के 693 देसी घी के पैकेट, 750 ग्राम वजन के 6382 पैकेट व 400 ग्राम वजन के करीब 16638 सूखे दूध के पैकेट परियोजना को प्राप्त हो गए है।
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