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Bijnor News: नजीबाबाद चीनी मिल की क्षमता बढ़ाने की मांग
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नजीबाबाद चीनी मिल की क्षमता बढ़ाने की मांग
नजीबाबाद। किसान सहकारी चीनी मिल नजीबाबाद की क्षमता वृद्धि कराने की मांग को लेकर भाकियू का प्रतिनिधिमंडल चीनी मिल संघ के प्रबंध निदेशक रमाकांत पांडेय से मिला। उन्होंने प्रबंधक निदेशक को ज्ञापन सौंपकर जल्द कार्रवाई करने की मांग की।
भाकियू के मंडल अध्यक्ष बाबूराम तोमर और युवा जिलाध्यक्ष वरुण गुर्जर ने लखनऊ में चीनी मिल संघ के प्रबंध निदेशक रमाकांत पांडेय को ज्ञापन सौंपा। बाबूराम तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छह वर्ष पूर्व नजीबाबाद चीनी मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाबूराम तोमर ने प्रबंध निदेशक रमाकांत पांडे को बताया कि नजीबाबाद चीनी मिल प्रतिदिन किसानों का 28 से 30 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई कर पाती है, जबकि किसानों के पास चीनी मिल की क्षमता से दोगुना गन्ना खेतों में खड़ा रह जाता है।
किसानों को मजबूरन गन्ना क्रेशर और कोल्हुओं पर कम दामों पर अपना गन्ना बेचना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यदि चीनी मिल की क्षमता वृद्धि के मामले में लापरवाही बरती गई तो भाकियू कार्यकर्ता आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने नजीबाबाद चीनी मिल द्वारा 14 दिन के भीतर किसानों को गन्ना भुगतान उपलब्ध कराने की भी मांग की।
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नजीबाबाद। किसान सहकारी चीनी मिल नजीबाबाद की क्षमता वृद्धि कराने की मांग को लेकर भाकियू का प्रतिनिधिमंडल चीनी मिल संघ के प्रबंध निदेशक रमाकांत पांडेय से मिला। उन्होंने प्रबंधक निदेशक को ज्ञापन सौंपकर जल्द कार्रवाई करने की मांग की।
भाकियू के मंडल अध्यक्ष बाबूराम तोमर और युवा जिलाध्यक्ष वरुण गुर्जर ने लखनऊ में चीनी मिल संघ के प्रबंध निदेशक रमाकांत पांडेय को ज्ञापन सौंपा। बाबूराम तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छह वर्ष पूर्व नजीबाबाद चीनी मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाबूराम तोमर ने प्रबंध निदेशक रमाकांत पांडे को बताया कि नजीबाबाद चीनी मिल प्रतिदिन किसानों का 28 से 30 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई कर पाती है, जबकि किसानों के पास चीनी मिल की क्षमता से दोगुना गन्ना खेतों में खड़ा रह जाता है।
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किसानों को मजबूरन गन्ना क्रेशर और कोल्हुओं पर कम दामों पर अपना गन्ना बेचना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यदि चीनी मिल की क्षमता वृद्धि के मामले में लापरवाही बरती गई तो भाकियू कार्यकर्ता आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने नजीबाबाद चीनी मिल द्वारा 14 दिन के भीतर किसानों को गन्ना भुगतान उपलब्ध कराने की भी मांग की।
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