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Bijnor News: निखिल की हत्या में दीपचंद को आजीवन कारावास की सजा
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बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट डॉ. शहजाद अली ने दीपचंद को हत्या का दोषी पाया है। जिसे आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया। साथ ही तीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
थाना चांदपुर में पाहुली निवासी मुनिदेव पुत्र नंद किशोर ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसमें कहा कि 17 जून 2023 को वह, उसकी मां और भाई निखिल (18) घर पर मौजूद थे। तभी पड़ोस में रहने वाला दीपचंद पुत्र बुद्ध सिंह गांव पाहुली उनके घर आया और गाली गलौज करने लगा। विरोध करने पर दीपचंद ने निखिल के पेट में चाकू से वार कर दिए। चाकू के हमले के कारण निखिल की आंत बाहर आ चुकी थी।
घायल हालत में हीलर्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। निखिल देहरादून में रहकर नीट की तैयारी कर रहा था। बाहर रहकर पढ़ने की वजह से ही तेजपाल और दीपचंद रंजिश रखते थे। मामले में पुलिस ने दीपचंद और तेजपाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के बाद विवेचना की। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अजीत पवार और एडीजीसी प्रमोद शर्मा ने बताया कि पुलिस ने विवेचना करने के बाद दीपचंद के खिलाफ हत्या की धारा और तेजपाल पुत्र बुद्ध सिंह के खिलाफ गाली गलौज की धारा में आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था। अब अदालत ने दीपचंद को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। मामले में वादी के अधिवक्ता विनोद कुमार ने बताया कि तेजपाल की पत्रावली को अलग कर दिया गया था।
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थाना चांदपुर में पाहुली निवासी मुनिदेव पुत्र नंद किशोर ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसमें कहा कि 17 जून 2023 को वह, उसकी मां और भाई निखिल (18) घर पर मौजूद थे। तभी पड़ोस में रहने वाला दीपचंद पुत्र बुद्ध सिंह गांव पाहुली उनके घर आया और गाली गलौज करने लगा। विरोध करने पर दीपचंद ने निखिल के पेट में चाकू से वार कर दिए। चाकू के हमले के कारण निखिल की आंत बाहर आ चुकी थी।
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घायल हालत में हीलर्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। निखिल देहरादून में रहकर नीट की तैयारी कर रहा था। बाहर रहकर पढ़ने की वजह से ही तेजपाल और दीपचंद रंजिश रखते थे। मामले में पुलिस ने दीपचंद और तेजपाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के बाद विवेचना की। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अजीत पवार और एडीजीसी प्रमोद शर्मा ने बताया कि पुलिस ने विवेचना करने के बाद दीपचंद के खिलाफ हत्या की धारा और तेजपाल पुत्र बुद्ध सिंह के खिलाफ गाली गलौज की धारा में आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था। अब अदालत ने दीपचंद को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। मामले में वादी के अधिवक्ता विनोद कुमार ने बताया कि तेजपाल की पत्रावली को अलग कर दिया गया था।
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