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कर्ज से परेशान किसान ने जान दी
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिजनौर
Updated Mon, 22 Feb 2016 12:23 AM IST
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शिवालाकलां में शिवालाकलां थाना क्षेत्र के गांव नैनू नांगल में कर्ज से परेशान होकर एक किसान ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गांव नैनू नांगल निवासी प्रेमकुमार उर्फ बंटी (40 वर्ष) के पास पांच बीघा जमीन थी। इस पर खेती कर वह परिवार की गुजर बसर करता था। रविवार की सुबह करीब आठ बजे उसने घर में ही एक कमरे में तमंचे से खुद को पेेट में गोली मार ली। फायर की आवाज सुनकर उसकी पत्नी कुसुम देवी अंदर पहुंची तो प्रेमकुमार को खून से लथपथ पड़ा देखकर उसकी चीख निकल गई। शोर सुनकर गांव वाले भी पहुंचे और उसे चिकित्सक के यहां ले जाने लगे, लेकिन तब तक रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
कुसुम देवी ने बताया कि उसके एक पुत्र व दो पुत्रियां हैं। परिवार बुरी तरह से आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। उसके पति ने पंजाब नेशनल बैंक की फीना शाखा से किसान क्रेडिट कार्ड पर 1.80 लाख व किसान सेवा सहकारी समिति से 42 हजार रुपये का ऋण ले रखा था। इसके अलावा साहूकारों से भी करीब एक लाख रुपये उधार ले रखा था। सात माह पहले उन्होंने एक व्यापारी से 30 हजार रुपये में एक गाय उधार ली थी। गाय का दूध बेचकर ही घर का खर्च चल रहा था। पिछले कई दिनों से व्यापारी अपने पैसों के लिए तकादा कर रहे थे। काफी कर्ज होने के कारण प्रेम कुमार काफी परेशान था और रविवार को उसने गोली मारकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
मृतक के बड़े भाई धर्मेंद्र कुमार ने थाने पहुंचकर आत्महत्या का कारण आर्थिक तंगी बताते हुए पुलिस को तहरीर दी। थानाध्यक्ष रवेंद्र सिंह भारी पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मृतक की पत्नी कुसुम का कहना है कि अब उसके बच्चों की परवरिश कैसे होगी। इस संबंध में एसडीएम चांदपुर विनीत श्रीवास्तव का कहना है कि किसान के कर्ज व आर्थिक तंगी से आत्महत्या करने का मामला उनकी जानकारी में नहीं है।
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वह मामले की जांच कराएंगे।
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पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गांव नैनू नांगल निवासी प्रेमकुमार उर्फ बंटी (40 वर्ष) के पास पांच बीघा जमीन थी। इस पर खेती कर वह परिवार की गुजर बसर करता था। रविवार की सुबह करीब आठ बजे उसने घर में ही एक कमरे में तमंचे से खुद को पेेट में गोली मार ली। फायर की आवाज सुनकर उसकी पत्नी कुसुम देवी अंदर पहुंची तो प्रेमकुमार को खून से लथपथ पड़ा देखकर उसकी चीख निकल गई। शोर सुनकर गांव वाले भी पहुंचे और उसे चिकित्सक के यहां ले जाने लगे, लेकिन तब तक रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
कुसुम देवी ने बताया कि उसके एक पुत्र व दो पुत्रियां हैं। परिवार बुरी तरह से आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। उसके पति ने पंजाब नेशनल बैंक की फीना शाखा से किसान क्रेडिट कार्ड पर 1.80 लाख व किसान सेवा सहकारी समिति से 42 हजार रुपये का ऋण ले रखा था। इसके अलावा साहूकारों से भी करीब एक लाख रुपये उधार ले रखा था। सात माह पहले उन्होंने एक व्यापारी से 30 हजार रुपये में एक गाय उधार ली थी। गाय का दूध बेचकर ही घर का खर्च चल रहा था। पिछले कई दिनों से व्यापारी अपने पैसों के लिए तकादा कर रहे थे। काफी कर्ज होने के कारण प्रेम कुमार काफी परेशान था और रविवार को उसने गोली मारकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
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मृतक के बड़े भाई धर्मेंद्र कुमार ने थाने पहुंचकर आत्महत्या का कारण आर्थिक तंगी बताते हुए पुलिस को तहरीर दी। थानाध्यक्ष रवेंद्र सिंह भारी पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मृतक की पत्नी कुसुम का कहना है कि अब उसके बच्चों की परवरिश कैसे होगी। इस संबंध में एसडीएम चांदपुर विनीत श्रीवास्तव का कहना है कि किसान के कर्ज व आर्थिक तंगी से आत्महत्या करने का मामला उनकी जानकारी में नहीं है।
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वह मामले की जांच कराएंगे।