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नाट्य समारोह में डाकू सुल्ताना के नाटक का मंचन
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बिजनौर के धामपुर में नाटक सुल्ताना डाकू का मंचन करते कलाकार।
- फोटो : DHAMPUR
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नाट्य समारोह में डाकू सुल्ताना के नाटक का मंचन
धामपुर (बिजनौर)। जिला प्रशासन बिजनौर एवं नाट्यदीप के सहयोग से आयोजित लोक नाट्य समारोह के दूसरे दिन बृहस्पतिवार देर रात सुल्ताना डाकू नौटंकी के रूप में नाटक का मंचन हुआ। नाटक के माध्यम से कलाकारों ने संदेश दिया कि जब भी समाज में ऊंच, नीच, छोटे, बड़े का भेद बढ़ेगा तो सुल्ताना डाकू भी पैदा होता रहेगा।
नगर के एक मंडप में आयोजित नौटंकी प्रशिक्षण केंद्र कानपुर की प्रस्तुति सुल्ताना डाकू ने दर्शकों की वाहवाही लूटी। नाटक में दिखाया कि सुल्ताना ब्रिटिश हकुमत के लिए डाकू था। गरीब समाज के लिए वह किसी देवता से कम नहीं था। आजादी के लिए जब समाज का हर व्यक्ति अपने स्तर से योगदान दे रहा था। तो सुल्ताना डाकू निर्धन व शोषित लोगों को आर्थिक सहायता, सुरक्षा मुहैया करा रहा था। उसकी महिला मित्र फूलकंवर उसे इस गलत रास्ते से हटाकर दूसरे तरीकों से समाज की सेवा करने के लिए कहती है। तो सुल्ताना कहता है कि जब समाज में नीच, ऊंच, छोटा, बड़ा का भेद बढ़ेगा। तब सुल्ताना पैदा होता रहेगा।
नौटंकी सुल्ताना डाकू में मंच पर मधु शर्मा, डॉ. राधेश्याम शर्मा, राजू गायक, राजनंदिनी, रामप्रसाद शर्मा, प्रभात रघुवंशी, साजन कुमार, सुरेश शर्मा, डॉ. राम शंकर, दीपक कटारिया, सीमा खान, विशाल समुद्रे, कृष्णा सिंह, मनोज बाल्मीकि, बृजेंद्र कुमार, बृजपाल मौर्य, सोनू, साहिल सचदेवा, विशाखा शर्मा, शौर्य श्रीवास्तव, अंकित, हर्ष को खूब सराहा गया। वरिष्ठ साहित्यकार दिनेश चंद अग्रवाल नवीन आदि ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम शुरू किया।
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धामपुर (बिजनौर)। जिला प्रशासन बिजनौर एवं नाट्यदीप के सहयोग से आयोजित लोक नाट्य समारोह के दूसरे दिन बृहस्पतिवार देर रात सुल्ताना डाकू नौटंकी के रूप में नाटक का मंचन हुआ। नाटक के माध्यम से कलाकारों ने संदेश दिया कि जब भी समाज में ऊंच, नीच, छोटे, बड़े का भेद बढ़ेगा तो सुल्ताना डाकू भी पैदा होता रहेगा।
नगर के एक मंडप में आयोजित नौटंकी प्रशिक्षण केंद्र कानपुर की प्रस्तुति सुल्ताना डाकू ने दर्शकों की वाहवाही लूटी। नाटक में दिखाया कि सुल्ताना ब्रिटिश हकुमत के लिए डाकू था। गरीब समाज के लिए वह किसी देवता से कम नहीं था। आजादी के लिए जब समाज का हर व्यक्ति अपने स्तर से योगदान दे रहा था। तो सुल्ताना डाकू निर्धन व शोषित लोगों को आर्थिक सहायता, सुरक्षा मुहैया करा रहा था। उसकी महिला मित्र फूलकंवर उसे इस गलत रास्ते से हटाकर दूसरे तरीकों से समाज की सेवा करने के लिए कहती है। तो सुल्ताना कहता है कि जब समाज में नीच, ऊंच, छोटा, बड़ा का भेद बढ़ेगा। तब सुल्ताना पैदा होता रहेगा।
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नौटंकी सुल्ताना डाकू में मंच पर मधु शर्मा, डॉ. राधेश्याम शर्मा, राजू गायक, राजनंदिनी, रामप्रसाद शर्मा, प्रभात रघुवंशी, साजन कुमार, सुरेश शर्मा, डॉ. राम शंकर, दीपक कटारिया, सीमा खान, विशाल समुद्रे, कृष्णा सिंह, मनोज बाल्मीकि, बृजेंद्र कुमार, बृजपाल मौर्य, सोनू, साहिल सचदेवा, विशाखा शर्मा, शौर्य श्रीवास्तव, अंकित, हर्ष को खूब सराहा गया। वरिष्ठ साहित्यकार दिनेश चंद अग्रवाल नवीन आदि ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम शुरू किया।
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