फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Cultivation of Shree Anna along with sugarcane will increase the income of farmers.

Bijnor News: गन्ने के साथ श्रीअन्न की खेती बढ़ाएगी किसानों की कमाई

Wed, 29 Jul 2026 12:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jul 2026 12:21 AM IST
विज्ञापन
Cultivation of Shree Anna along with sugarcane will increase the income of farmers.
बिजनौर। गन्ना उत्पादन के लिए पहचान रखने वाले बिजनौर में अब किसानों को सामान्य तौर पर और गन्ने के साथ श्रीअन्न (मिलेट्स) की सहफसली खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। कृषि विभाग आत्मा योजना 2026-27 के तहत इस अभियान को गति देने की तैयारी की है। उद्देश्य किसानों की लागत कम करना, आय बढ़ाना और मिट्टी की उर्वरता में सुधार करना है।
विज्ञापन

जनपद में करीब 2.65 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की खेती होती है। इसके बाद गेहूं और धान का स्थान है, जबकि ज्वार, बाजरा, रागी, सांवा, कोदो और कंगनी जैसे श्रीअन्न का रकबा अभी सीमित है। गत वर्ष करीब 300 हेक्टेयर में खेती कराई गई थी। कृषि विभाग के अफसरों का कहना है कि श्रीअन्न की फसलें मौसम के अनुसार यानी रबी, खरीफ सीजन में बुवाई जाएगी। कृषि विभाग गन्ना विभाग के साथ वसंतकालीन यानी सितंबर, अक्तूबर माह में जिले में ट्रैंच विधि गन्ना बुवाई होती है। गन्ने के बीच में सीजन के अनुसार श्रीअन्न की फसलों की बुवाई कराई जाएगी। इससे खेतों की उत्पादकता बढ़ने के साथ रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता भी कम होगी। दलहन, तिलहन, श्रीअन्न की फसल लेने से खेतों में मिट्टी उर्वरक शक्ति बढ़ेगी।
विज्ञापन


-फार्म स्कूलों में वैज्ञानिक दें किसानों फसल बुवाई की सीख

अफसरों के अनुसार योजना के तहत विभिन्न गांवों में फार्म स्कूल संचालित किए जाएंगे। इनमें कृषि वैज्ञानिक और विभागीय अधिकारी किसानों को श्रीअन्न की खेती की आधुनिक तकनीक, उत्पादन प्रबंधन और सहफसली खेती के फायदे बताएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

-धरातल पर दिखाया जाएगा उत्पादन
उप कृषि निदेशक डॉ. धनश्याम वर्मा ने बताया कि प्रदर्शन प्लॉट तैयार कर किसानों को खेतों का भ्रमण भी कराया जाएगा, ताकि वे मौके पर ही फसल की बुवाई, देखभाल और उत्पादन की विधियां समझ सकें। किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए विभाग की ओर से श्रीअन्न फसलों के मिनी किट भी वितरित किए जाएंगे।

यह रहेगा लाभ
-गन्ने के साथ अतिरिक्त फसल से आय में बढ़ोतरी।
-कम लागत में बेहतर उत्पादन का अवसर।
-मिट्टी की उर्वरता और जैविक गुणवत्ता में सुधार।
-रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता होगी कम।
- पोषक अनाज के उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा और बाजार के नए अवसर खुलेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed