फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Crowd in the last day's affair, date extended in the evening

अंतिम दिन के चक्कर में रही भीड़, शाम को बढ़ गई तारीख

Wed, 16 Jun 2021 12:19 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 16 Jun 2021 12:19 AM IST
विज्ञापन
Crowd in the last day's affair, date extended in the evening
अंतिम दिन के चक्कर में रही भीड़, शाम को बढ़ गई तारीख
विज्ञापन

बिजनौर। गेहूं खरीद के लिए पहले 15 जून अंतिम तिथि बताई गई थी, जिसे बढ़ाकर अब 22 जून कर दिया गया है। किसानों ने मंगलवार को गेहूं तौल का अंतिम दिन मान खूब गेहूं बेचा। पिछले साल के मुकाबले इस बार गेहूं की बंपर खरीदारी हुई। किसानों ने सरकारी केंद्रों पर अच्छा दाम मिलने के कारण यहां ज्यादा गेहूं बेचा। इस साल क्रय केंद्रों पर मंगलवार की शाम पांच बजे तक 33140 मैट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। इसके बाद भी खरीदारी जारी रही।
जिले में एक अप्रैल से गेहूं की खरीदारी शुरू हुई थी। इसके लिए 48 खरीद केंद्र बनाए गए थे। किसानों ने सरकारी केंद्रों पर खूब गेहूं बेचा। कोरोना कर्फ्यू में भी किसान गेहूं बेचते रहे। सरकारी खरीद केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए किसानों के वाहनों की लाइन लगी रही। खरीद केंद्र के कर्मचारी कई बार किसानों से गेहूं लेने को इनकार भी करते रहे। इसके बावजूद मंगलवार शाम पांच बजे तक जिले में कुल 33140 मैट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। खुले बाजार में 1600 से 1700 रुपये क्विंटल गेहूं के दाम रहे। वहीं, सरकारी केंद्रों पर 1975 रुपये क्विंटल गेेेहूं खरीदा गया। इसके कारण भी क्रय केंद्रों पर किसानों ने ज्यादा गेहूं बेचा।
विज्ञापन

पिछले साल भीगा गेहूं नहीं बेच पाए थे किसान
पिछले साल जिले में 8404 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदारी हुई थी। इसकी वजह ये रही कि गेहूं की कटाई के दौरान मौसम बहुत खराब रहा। किसानों को मौसम की मार झेलनी पड़ी। सरकारी केंद्रों पर भीगा गेहूं खरीदा नहीं गया। किसान खुले बाजार में औने पौने दाम में गेहूं बेचने को मजबूर रहे। इस वजह से पिछले साल गेहूं की ज्यादा खरीदारी नहीं हो पाई थी। जिले में इस बार एक लाख 46 हजार हेक्टेयर गेहूं का रकबा रहा। पहले जिले में गेहूं का रकबा डेढ़ लाख हेक्टेयर तक रहता था, लेकिन क्रय केंद्रों पर गेहूं कम ही बेचा जाता था। अब जागरूकता और दाम सही मिलने की वजह से किसान क्रय केंद्रों पर ही गेहूं लेकर जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

एफसीआई के गोदाम में भेजी फसल
क्रय केंद्रों पर खरीदा जा रहा गेहूं लगातार एफसीआई के गोदामों में भेजा जा रहा है। केंद्रों पर भी बारिश से गेहूं को बचाने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी घनश्याम वर्मा के मुताबिक बाजार में कम दाम मिलने के कारण सरकारी केंद्रों पर गेहूं की अच्छी खरीदारी हुई है। सरकारी केंद्रों पर सभी जगह गेहूं को एफसीआई के गोदामों में रखा जाता है। वहां गेहूं को सुरक्षित रखने के पुख्ता इंतजाम हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed