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हाईवे किनारे पेड़ों पर चलाई आरी
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिजनौर
Updated Mon, 28 Dec 2015 12:34 AM IST
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बिजनौर। ठेकेदारों ने विभागीय अधिकारियों की शह पर नूरपुर में मुरादाबाद हाईवे किनारे बिना परमिशन हरे भरे आम के बाग पर आरी चला दी। अब तक बाग से करीब 150 पेड़ कट चुके हैं। अधिकारी सभी कुछ जानते हुए भी चुप्पी साधे हैं तथा एक दूसरे पर पल्ला झाड़ने पर लगे हैं।
सूत्रों के मुताबिक बाग की इस भूमि पर कॉलोनी बनाने कीतैयारी है।
नूरपुर में मुरादाबाद हाइवे किनारे पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख आशाराम का आम बाग है। बाग में करीब आम के 300 हरे भरे पेड़ थे। लकड़ी ठेकेदारों ने वन विभाग से आम के पेड़ कटान की कोई परमिशन नहीं ली तथा तीन दिन पूर्व आम के बाग में कटान शुरू कर दिया है।
शनिवार को इस मामले में वन अधिकारियों से शिकायत भी गई।
इसके बावजूद बाग से पेड़ों का कटान जारी रहा। बाग में से करीब 150 आम के पेड़ कट चुके है। इस मामले में रेंजर व अन्य उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई। लेकिन वन अधिकारियों ने आम के पेड़ों का कटान रूकवाने में कोई रूचि नहीं दिखाई। पूछने पर अधिकारी ढुलमुल जवाब देते नजर आए।
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कालोनाइजर की है नजर
सूत्रों के मुताबिक आम के बाग पर कोलानाइजर की नजर है और उन्हें जमीन को खरीद भी लिया है। हाइवे किनारे नूरपुर शहर से सटी इस भूमि पर कॉलोनी काटी जाएगी। इसकी तैयारी की जा चुकी है। इस कारण बिना परमिशन के ही वन विभाग के अधिकारियों की शह पर हरे-भरे पेड़ों पर खुलेआम आरी चलाई जा रही है। रेंजर प्रताप सिंह सैनी ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने बताया कि आम के पेड़ों के कटान की परमिशन नहीं दी गई। डीएफओ बिजनौर सलील कुमार शुक्ला का कहना है कि उन्हें बाग के कटान सूचना मिली थी। उन्होंने बाग के कटान को रूकवा दिया है तथा रेंजर से लिखित में जबाव में मांगा जा रहा है। एसडीएम चांदपुर राकेश कुमार यादव का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। वहइसे दिखाएंगे।
राजगढ़ रेंज में लकड़ी माफिया सक्रिय
भागूवाला। मामूली शुल्क पर ग्रामीणों को उपलब्ध होने वाली जलौनी लकड़ियां खुर्दबुर्द करने में लकड़ी माफिया जुट गए हैं। ग्राम प्रधान के पति ने वन क्षेत्राधिकारी से मिलकर लकड़ी माफिया को वन क्षेत्र से खदेड़ने की मांग की। राजगढ़ और साहनपुर वन रेंज में तीन माह पूर्व यूकेलिप्टस का कटान कर लट्ठों का ढुलाई शुरू किया गया। काफी मात्रा में लट्ठों का ढुलाई हो चुका है। कहीं-कहीं ढुलाई जारी है। कुछ लकड़ी माफिया अनाधिकृत रूप से जलौनी लकड़ियां ले जाने के साथ-साथ लट्ठों की चोरी में लगे हैं। रामपुरचाठा के ग्राम प्रधान के पति सागर सिंह ने यह मामला राजगढ़ रेंज के वन क्षेत्राधिकारी के समक्ष उठाया। उन्होंने बताया कि अब तक जलौनी लकड़ियां मामूलीशुल्क पर ग्रामीणों के लिए उपलब्ध होती रही हैं। वन क्षेत्राधिकारी विजेंद्र मलिक ने जलौनी लकड़ियां (झापामुंडी) क्षेत्रीय ग्रामीणों के लिए छोड़े जाने और वन माफिया को जलौनी लकड़ियां खुर्दबुर्द न करने देने का आश्वासन दिया।
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सूत्रों के मुताबिक बाग की इस भूमि पर कॉलोनी बनाने कीतैयारी है।
नूरपुर में मुरादाबाद हाइवे किनारे पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख आशाराम का आम बाग है। बाग में करीब आम के 300 हरे भरे पेड़ थे। लकड़ी ठेकेदारों ने वन विभाग से आम के पेड़ कटान की कोई परमिशन नहीं ली तथा तीन दिन पूर्व आम के बाग में कटान शुरू कर दिया है।
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शनिवार को इस मामले में वन अधिकारियों से शिकायत भी गई।
इसके बावजूद बाग से पेड़ों का कटान जारी रहा। बाग में से करीब 150 आम के पेड़ कट चुके है। इस मामले में रेंजर व अन्य उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई। लेकिन वन अधिकारियों ने आम के पेड़ों का कटान रूकवाने में कोई रूचि नहीं दिखाई। पूछने पर अधिकारी ढुलमुल जवाब देते नजर आए।
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कालोनाइजर की है नजर
सूत्रों के मुताबिक आम के बाग पर कोलानाइजर की नजर है और उन्हें जमीन को खरीद भी लिया है। हाइवे किनारे नूरपुर शहर से सटी इस भूमि पर कॉलोनी काटी जाएगी। इसकी तैयारी की जा चुकी है। इस कारण बिना परमिशन के ही वन विभाग के अधिकारियों की शह पर हरे-भरे पेड़ों पर खुलेआम आरी चलाई जा रही है। रेंजर प्रताप सिंह सैनी ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने बताया कि आम के पेड़ों के कटान की परमिशन नहीं दी गई। डीएफओ बिजनौर सलील कुमार शुक्ला का कहना है कि उन्हें बाग के कटान सूचना मिली थी। उन्होंने बाग के कटान को रूकवा दिया है तथा रेंजर से लिखित में जबाव में मांगा जा रहा है। एसडीएम चांदपुर राकेश कुमार यादव का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। वहइसे दिखाएंगे।
राजगढ़ रेंज में लकड़ी माफिया सक्रिय
भागूवाला। मामूली शुल्क पर ग्रामीणों को उपलब्ध होने वाली जलौनी लकड़ियां खुर्दबुर्द करने में लकड़ी माफिया जुट गए हैं। ग्राम प्रधान के पति ने वन क्षेत्राधिकारी से मिलकर लकड़ी माफिया को वन क्षेत्र से खदेड़ने की मांग की। राजगढ़ और साहनपुर वन रेंज में तीन माह पूर्व यूकेलिप्टस का कटान कर लट्ठों का ढुलाई शुरू किया गया। काफी मात्रा में लट्ठों का ढुलाई हो चुका है। कहीं-कहीं ढुलाई जारी है। कुछ लकड़ी माफिया अनाधिकृत रूप से जलौनी लकड़ियां ले जाने के साथ-साथ लट्ठों की चोरी में लगे हैं। रामपुरचाठा के ग्राम प्रधान के पति सागर सिंह ने यह मामला राजगढ़ रेंज के वन क्षेत्राधिकारी के समक्ष उठाया। उन्होंने बताया कि अब तक जलौनी लकड़ियां मामूलीशुल्क पर ग्रामीणों के लिए उपलब्ध होती रही हैं। वन क्षेत्राधिकारी विजेंद्र मलिक ने जलौनी लकड़ियां (झापामुंडी) क्षेत्रीय ग्रामीणों के लिए छोड़े जाने और वन माफिया को जलौनी लकड़ियां खुर्दबुर्द न करने देने का आश्वासन दिया।