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हरियाणा पुलिस ने किया स्टिंग आपरेशन
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Wed, 01 Jun 2016 01:04 AM IST
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पकड़े गए चिकित्सक (कुर्सी पर बैठै) से पूछताछ करते अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिले में भ्रूण लिंग की जांच करते हुए हरियाणा पुलिस ने चिकित्सक को रंगेहाथ धरदबोचा। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट और नोडल अधिकारी ने अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया है। हरियाणा पुलिस चिकित्सक को साथ ले गई। पुलिस प्रशासन ने आरोपी चिकित्सक को हरियाणा पुलिस की गिरफ्त में होने की पुषि्ट की है।
बिजनौर में जजी चौक के निकट मंडावर रोड स्थित जीवक क्लीनिक में बाल रोग विशेषज्ञ डा. कौशल कुमार अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित करते हैं। आरोपी चिकित्सक के विरुद्ध हरियाणा के थाना लडवा में भी नामजद तहरीर थी। मंगलवार को हरियाणा के जिला कुरुक्षेत्र थाना लडवा के विवेचना अधिकारी रामप्रकाश व कुरुक्षेत्र के डिप्टी सीएमओ डा. आरके सहाय टीम के साथ स्टिंग करने के लिए बिजनौर पहुंचे।
इससे पूर्व ही उन्होंने हरियाणा में ही स्टिंग की योजना बनाई और गुपचुप तरीके से गर्भवती महिला कांस्टेबल के माध्यम से दलाल से संपर्क साधा और भ्रूण लिंग की जांच कराने के लिए बिजनौर पहुंच गए। क्लीनिक पहुंचने पर चिकित्सक ने गर्भवती महिला कांस्टेबल के भ्रूण लिंग की जांच कर दी।
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क्लीनिक के बाहर खड़ी टीम ने संकेत मिलते ही मौके पर आरोपी चिकित्सक डा. कौशल कुमार को धरदबोचा। स्टिंग का खुलासा होते ही स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई। क्लीनिक की जांच के दौरान महिलाओं के अल्ट्रासाउंड संबंधित कोई भी अभिलेख उपस्थित नहीं मिली। न ही महिलाओं के द्वारा भरवाया जाने वाला एक भी फार्म पूरा मिला।
सीएमओ डा. मनमोहन अग्रवाल, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट सहदेव मिश्रा, पीसीपीएनडीटी नोडल अधिकारी डा. महेंद्र सिंह, एसएसआई सुरेंद्र पचौरी मौके पर पहुुंच गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए मशीन को सील कर दिया। हरियाणा पुलिस ने आरोपी चिकित्सक को हिरासत में ले लिया है।
हरियाणा के पांच अन्य दलाल भी पकड़े
विवेचना अधिकारी रामप्रसाद ने बताया कि हरियाणा की महिलाओं की बिजनौर में भ्रूण लिंग की जांच की शिकायत कुरुक्षेत्र के स्वास्थ्य विभाग को मिली थी। शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग व पुलिस संयुक्त रूप से पीछे पड़ गई। एक महिला को दस हजार रुपये देकर जांच के लिए तैयार कराया गया। इसके बाद महिला के द्वारा दलाल से संपर्क किया गया।
दलाल ने 12 हजार रुपये में भ्रूण लिंग की जांच कराने का आश्वासन दिया। महिला मरीज दलाल के साथ 29 मई को बिजनौर आई। बिजनौर में जजी चौक पर पहुंचते ही आरोपी चिकित्सक के एक आदमी ने दलाल को जजी चौक पर ही छोड़ दिया और नकली महिला मरीज को अपने साथ क्लीनिक पर ले गया।
महिला की जांच कर उसे पैसे लिए और वापस जजी चौक पर छोड़ दिया। दलाल के साथ वापस कुरुक्षेत्र पहुंचते ही पुलिस दलाल व उसके साथियों को महिला के साथ दबोचा। विवेचना अधिकारी ने बताया कि इस मामले में पांच आरोपी पहले ही हिरासत में हैं।
उनके पूछताछ करने पर पूरे रैकेट का पता चला। डिप्टी सीएमओ कुरक्षेत्र डा. आरके सहाय की ओर से आरोपी डा. कौशल कुमार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके बाद महिला कांस्टेबल को साथ लेकर स्टिंग की तैयार की और आरोपी को रंगे हाथ धर दबोचा।
करनाल का चिकित्सक है दलाल
भ्रूण लिंग जांच कराने में करनाल निवासी डा. अशोक कश्यप का नेटवर्क बिजनौर सहित वेस्ट यूपी के कई जिलों में फैला है। आरोपी डा. अशोक कश्यप को हरियाणा पुलिस ने पहले ही हिरासत में ले रखा है। आरोपी 12 हजार रुपये से लेकर 17 हजार रुपये तक भ्रूण लिंग की जांच करने वालों से वसूलता था।
प्रशासन को नहीं लगी भनक
बिजनौर में हो रहे भ्रूण लिंग की जांच की प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को भनक तक नहीं लगी, जबकि हरियाणा पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता से एक बड़े रैकेट का खुलासा हो गया। वहां की पुलिस ने गुपचप तरीके से स्टिंग भी कर लिया और बिजनौर का स्वास्थ्य विभाग चुपचाप बैठा रहा।
बधाई के पांच सौ रुपये लेकर फंसा चिकित्सक
आरोपी चिकित्सक डा. कौशल कुमार ने महिला कांस्टेबल के भ्रूण लिंग की जांच करने से पहले ही तीन हजार रुपये जमा करा लिए। भ्रूण लिंग की जांच कराने के पांच सौ बधाई के रूप में भी ले लिए। पांच सौ रुपये लेते ही चिकित्सक को टीम ने धर दबोचा।
सीएमओ डा. मनमोहन अग्रवाल का कहना है कि हरियाणा पुलिस व कुरुक्षेत्र के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्टिंग कर एक चिकित्सक को भ्रूण लिंग की जांच करते पकड़ा है। प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया गया है। आरोपी को हरियाणा पुलिस साथ ले गई है।
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बिजनौर में जजी चौक के निकट मंडावर रोड स्थित जीवक क्लीनिक में बाल रोग विशेषज्ञ डा. कौशल कुमार अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित करते हैं। आरोपी चिकित्सक के विरुद्ध हरियाणा के थाना लडवा में भी नामजद तहरीर थी। मंगलवार को हरियाणा के जिला कुरुक्षेत्र थाना लडवा के विवेचना अधिकारी रामप्रकाश व कुरुक्षेत्र के डिप्टी सीएमओ डा. आरके सहाय टीम के साथ स्टिंग करने के लिए बिजनौर पहुंचे।
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इससे पूर्व ही उन्होंने हरियाणा में ही स्टिंग की योजना बनाई और गुपचुप तरीके से गर्भवती महिला कांस्टेबल के माध्यम से दलाल से संपर्क साधा और भ्रूण लिंग की जांच कराने के लिए बिजनौर पहुंच गए। क्लीनिक पहुंचने पर चिकित्सक ने गर्भवती महिला कांस्टेबल के भ्रूण लिंग की जांच कर दी।
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क्लीनिक के बाहर खड़ी टीम ने संकेत मिलते ही मौके पर आरोपी चिकित्सक डा. कौशल कुमार को धरदबोचा। स्टिंग का खुलासा होते ही स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई। क्लीनिक की जांच के दौरान महिलाओं के अल्ट्रासाउंड संबंधित कोई भी अभिलेख उपस्थित नहीं मिली। न ही महिलाओं के द्वारा भरवाया जाने वाला एक भी फार्म पूरा मिला।
सीएमओ डा. मनमोहन अग्रवाल, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट सहदेव मिश्रा, पीसीपीएनडीटी नोडल अधिकारी डा. महेंद्र सिंह, एसएसआई सुरेंद्र पचौरी मौके पर पहुुंच गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए मशीन को सील कर दिया। हरियाणा पुलिस ने आरोपी चिकित्सक को हिरासत में ले लिया है।
हरियाणा के पांच अन्य दलाल भी पकड़े
विवेचना अधिकारी रामप्रसाद ने बताया कि हरियाणा की महिलाओं की बिजनौर में भ्रूण लिंग की जांच की शिकायत कुरुक्षेत्र के स्वास्थ्य विभाग को मिली थी। शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग व पुलिस संयुक्त रूप से पीछे पड़ गई। एक महिला को दस हजार रुपये देकर जांच के लिए तैयार कराया गया। इसके बाद महिला के द्वारा दलाल से संपर्क किया गया।
दलाल ने 12 हजार रुपये में भ्रूण लिंग की जांच कराने का आश्वासन दिया। महिला मरीज दलाल के साथ 29 मई को बिजनौर आई। बिजनौर में जजी चौक पर पहुंचते ही आरोपी चिकित्सक के एक आदमी ने दलाल को जजी चौक पर ही छोड़ दिया और नकली महिला मरीज को अपने साथ क्लीनिक पर ले गया।
महिला की जांच कर उसे पैसे लिए और वापस जजी चौक पर छोड़ दिया। दलाल के साथ वापस कुरुक्षेत्र पहुंचते ही पुलिस दलाल व उसके साथियों को महिला के साथ दबोचा। विवेचना अधिकारी ने बताया कि इस मामले में पांच आरोपी पहले ही हिरासत में हैं।
उनके पूछताछ करने पर पूरे रैकेट का पता चला। डिप्टी सीएमओ कुरक्षेत्र डा. आरके सहाय की ओर से आरोपी डा. कौशल कुमार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके बाद महिला कांस्टेबल को साथ लेकर स्टिंग की तैयार की और आरोपी को रंगे हाथ धर दबोचा।
करनाल का चिकित्सक है दलाल
भ्रूण लिंग जांच कराने में करनाल निवासी डा. अशोक कश्यप का नेटवर्क बिजनौर सहित वेस्ट यूपी के कई जिलों में फैला है। आरोपी डा. अशोक कश्यप को हरियाणा पुलिस ने पहले ही हिरासत में ले रखा है। आरोपी 12 हजार रुपये से लेकर 17 हजार रुपये तक भ्रूण लिंग की जांच करने वालों से वसूलता था।
प्रशासन को नहीं लगी भनक
बिजनौर में हो रहे भ्रूण लिंग की जांच की प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को भनक तक नहीं लगी, जबकि हरियाणा पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता से एक बड़े रैकेट का खुलासा हो गया। वहां की पुलिस ने गुपचप तरीके से स्टिंग भी कर लिया और बिजनौर का स्वास्थ्य विभाग चुपचाप बैठा रहा।
बधाई के पांच सौ रुपये लेकर फंसा चिकित्सक
आरोपी चिकित्सक डा. कौशल कुमार ने महिला कांस्टेबल के भ्रूण लिंग की जांच करने से पहले ही तीन हजार रुपये जमा करा लिए। भ्रूण लिंग की जांच कराने के पांच सौ बधाई के रूप में भी ले लिए। पांच सौ रुपये लेते ही चिकित्सक को टीम ने धर दबोचा।
सीएमओ डा. मनमोहन अग्रवाल का कहना है कि हरियाणा पुलिस व कुरुक्षेत्र के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्टिंग कर एक चिकित्सक को भ्रूण लिंग की जांच करते पकड़ा है। प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया गया है। आरोपी को हरियाणा पुलिस साथ ले गई है।