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पीटीओ पर आरोप लगाकर खाया जहर
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Mon, 06 Mar 2017 12:02 AM IST
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बिजनौर में बिना ऑल इंडिया परमिट के उत्तराखंड से माल भरकर पंजाब जा रही डीसीएम को परिवहन विभाग के पीटीओ ने टीम के साथ बैराज रोड पर पकड़ा और उसका चालान कर दिया। गुस्साए डीसीएम स्वामी ने इस बात को लेकर पहले तो थाने में हंगामा किया और फिर पीटीओ पर दस हजार रुपये निकालने का आरोप लगा दिया। थाने से बाहर जाकर डीसीएम स्वामी ने जहर खा लिया। वह चुपचाप जाकर डीसीएम में बैठ गया। उल्टी होने पर पुलिस को उसके जहर खाने का पता चला। पुलिस ने उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।
पंजाब के अमृतसर की राम सिंह कॉलोनी निवासी आनंद कुमार पुत्र जुगल किशोर के पास बड़ी डीसीएम है। रविवार को वह पंजाब निवासी चालक गुरमेज के साथ उत्तराखंड के काशीपुर से डीसीएम में सामान भरकर पंजाब ले जा रहा था। एआरटीओ विभाग के पीटीओ राजेश्वर कुशवाहा टीम के साथ बैराज रोड पर वाहनों के कागजों की चेकिंग कर रहे थे। टीम ने डीसीएम को रोका तो चालक डीसीएम लेकर भागने लगा। बैराज रोड पर व्यंजन वाटिका से आगे टीम ने डीसीएम को रोक लिया। पुलिस की मदद से पीटीओ डीसीएम को चालक व स्वामी समेत थाने ले आए। पीटीओ का कहना था कि डीसीएम का ऑल इंडिया परमिट नहीं है। यह उन्होंने नेट पर चेक कर लिया है। बिना परमिट के यह डीसीएम यूपी में घूम रही है।
उन्होंने डीसीएम के कागज कब्जे में लेकर उसका चालान कर दिया। डीसीएम स्वामी आनंद कुमार इस बात पर बिफर पड़ा। उसने थाने में हंगामा शुरू कर दिया। आनंद आनंद ने पीटीओ पर कागजों के साथ डीसीएम से दस हजार रुपये निकालने का भी आरोप लगाया। इस पर पीटीओ व आनंद में नोकझोंक भी हुई। आनंद ने पीटीओ को कोर्ट में सुलट लेने की धमकी दी। पीटीओ ने डीसीएम का चालान आनंद को थमा दिया। इसके बाद पीटीओ थाने से चले गए। आनंद भी वहां से चला गया।
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बताया गया कि यहां से आनंद बाजार गया और वहां से जहर खरीदकर खा लिया। थाने आकर वह अपनी डीसीएम में बैठ गया। यहां आनंद को उल्टी होनी शुरू हुई तो पुलिस दौड़कर पहुंची। आनंद ने पुलिस को बताया कि उसने जहर खा लिया है। यह सुनकर पुलिस में खलबली मच गई। पुलिस ने आनंद को एक निजी अस्पताल में भर्ती करा पीटीओ को इसकी सूचना दी। शहर कोतवाल शैलेंद्र प्रताप गौतम के मुताबिक, आनंद ने थाने से बाहर जाकर जहर खाया है। वह अपनी डीसीएम में आकर न बैठता तो उसके जहर खाने का पता नहीं चलता।
डीसीएम थाने के बाहर होती तो नहीं चलता पता
पीटीओ पुलिस से डीसीएम को थाने के अंदर खड़ी करने को कह रहे थे, जबकि पुलिस का कहना था कि थाने में ज्यादा वाहन खड़े होने के कारण डीसीएम के लिए जगह नहीं है। थाने के बाहर ही डीसीएम को खड़ी रहने दें। पीटीओ इसके लिए तैयार नहीं हुए और डीसीएम को थाने के अंदर ही खड़ा कराया। डीसीएम थाने के बाहर होती और आनंद जहर खाने के बाद उसमें जा बैठता को किसी को भनक भी नहीं लगती।
आनंद ने की दबाव बनाने की कोशिश : पीटीओ
पीटीओ राजेश्वर कुशवाहा के मुताबिक, बिना परमिट के डीसीएम यूपी में लाने पर छह गुना जुर्माना होता है। इससे बचने के लिए ही आनंद पहले से ही उन पर चालान न करने का दबाव बना रहा था। आनंद ने उन्हेें तरह-तरह की धमकियां भी दीं। पीटीओ के मुताबिक, उन्होंने पहले ही नेट पर चेक कर लिया था कि डीसीएम का ऑल इंडिया परमिट नहीं है। तभी उसका चालान किया। आनंद रुपये निकालने के जो आरोप लगा रहा है, वह सरासर गलत हैं। पीटीओ ने बताया कि पुलिस से उन्हें आनंद के जहर खाने का पता चला तो वे थाने गए और घटना की जानकारी ली। उनका कहना है कि नियमों के पालन के लिए डीसीएम का चालान किया गया है।
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पंजाब के अमृतसर की राम सिंह कॉलोनी निवासी आनंद कुमार पुत्र जुगल किशोर के पास बड़ी डीसीएम है। रविवार को वह पंजाब निवासी चालक गुरमेज के साथ उत्तराखंड के काशीपुर से डीसीएम में सामान भरकर पंजाब ले जा रहा था। एआरटीओ विभाग के पीटीओ राजेश्वर कुशवाहा टीम के साथ बैराज रोड पर वाहनों के कागजों की चेकिंग कर रहे थे। टीम ने डीसीएम को रोका तो चालक डीसीएम लेकर भागने लगा। बैराज रोड पर व्यंजन वाटिका से आगे टीम ने डीसीएम को रोक लिया। पुलिस की मदद से पीटीओ डीसीएम को चालक व स्वामी समेत थाने ले आए। पीटीओ का कहना था कि डीसीएम का ऑल इंडिया परमिट नहीं है। यह उन्होंने नेट पर चेक कर लिया है। बिना परमिट के यह डीसीएम यूपी में घूम रही है।
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उन्होंने डीसीएम के कागज कब्जे में लेकर उसका चालान कर दिया। डीसीएम स्वामी आनंद कुमार इस बात पर बिफर पड़ा। उसने थाने में हंगामा शुरू कर दिया। आनंद आनंद ने पीटीओ पर कागजों के साथ डीसीएम से दस हजार रुपये निकालने का भी आरोप लगाया। इस पर पीटीओ व आनंद में नोकझोंक भी हुई। आनंद ने पीटीओ को कोर्ट में सुलट लेने की धमकी दी। पीटीओ ने डीसीएम का चालान आनंद को थमा दिया। इसके बाद पीटीओ थाने से चले गए। आनंद भी वहां से चला गया।
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बताया गया कि यहां से आनंद बाजार गया और वहां से जहर खरीदकर खा लिया। थाने आकर वह अपनी डीसीएम में बैठ गया। यहां आनंद को उल्टी होनी शुरू हुई तो पुलिस दौड़कर पहुंची। आनंद ने पुलिस को बताया कि उसने जहर खा लिया है। यह सुनकर पुलिस में खलबली मच गई। पुलिस ने आनंद को एक निजी अस्पताल में भर्ती करा पीटीओ को इसकी सूचना दी। शहर कोतवाल शैलेंद्र प्रताप गौतम के मुताबिक, आनंद ने थाने से बाहर जाकर जहर खाया है। वह अपनी डीसीएम में आकर न बैठता तो उसके जहर खाने का पता नहीं चलता।
डीसीएम थाने के बाहर होती तो नहीं चलता पता
पीटीओ पुलिस से डीसीएम को थाने के अंदर खड़ी करने को कह रहे थे, जबकि पुलिस का कहना था कि थाने में ज्यादा वाहन खड़े होने के कारण डीसीएम के लिए जगह नहीं है। थाने के बाहर ही डीसीएम को खड़ी रहने दें। पीटीओ इसके लिए तैयार नहीं हुए और डीसीएम को थाने के अंदर ही खड़ा कराया। डीसीएम थाने के बाहर होती और आनंद जहर खाने के बाद उसमें जा बैठता को किसी को भनक भी नहीं लगती।
आनंद ने की दबाव बनाने की कोशिश : पीटीओ
पीटीओ राजेश्वर कुशवाहा के मुताबिक, बिना परमिट के डीसीएम यूपी में लाने पर छह गुना जुर्माना होता है। इससे बचने के लिए ही आनंद पहले से ही उन पर चालान न करने का दबाव बना रहा था। आनंद ने उन्हेें तरह-तरह की धमकियां भी दीं। पीटीओ के मुताबिक, उन्होंने पहले ही नेट पर चेक कर लिया था कि डीसीएम का ऑल इंडिया परमिट नहीं है। तभी उसका चालान किया। आनंद रुपये निकालने के जो आरोप लगा रहा है, वह सरासर गलत हैं। पीटीओ ने बताया कि पुलिस से उन्हें आनंद के जहर खाने का पता चला तो वे थाने गए और घटना की जानकारी ली। उनका कहना है कि नियमों के पालन के लिए डीसीएम का चालान किया गया है।