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Panipat News: आईओसीएल का गेटमैन फरार, रेलवे कर्मचारियों की संदिग्धता की जांच तेज
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बोहली स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी। स्रोत : सोशल मीडिया
पानीपत। इंडियन ऑयल की पानीपत रिफाइनरी के बोहली स्टेशन पर मालगाड़ी के टैंकरों से तेल चोरी मामले में आईओसीएल का गेटमैन फरार हो गया है। उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। वहीं, आरपीएफ ने मामले में मुख्य आरोपी बोहली स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक गोविंद नारायण मीणा और दो अन्य आरोपियों विनीत कुमार व चंदन कुमार को अदालत में पेश किया। यहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। आरपीएफ ने स्टेशन अधीक्षक की गिरफ्तारी की आधिकारिक रिपोर्ट रेलवे बोर्ड व उच्च अधिकारियों को भेज दी है। इसके बाद रेलवे प्रशासन आरोपी अधिकारी के खिलाफ अलग से विभागीय व अनुशासनात्मक कार्रवाई करने जा रहा है।
तीनों आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि इस संगठित तेल चोरी गिरोह में रेलवे के कई अन्य कर्मचारियों की भी संदिग्ध भूमिका है। इनकी संलिप्तता की जांच तेज कर दी गई है। आरपीएफ के प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार मीणा ने बताया कि गिरोह के तार काफी गहराई तक जुड़े हैं। आरोपियों से हुई पूछताछ में खुलासा हुआ कि पानीपत के सेक्टर-11 निवासी मास्टरमाइंड मनोज जैन उर्फ मोनू ने बोहली स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक गोविंद नारायण मीणा के साथ सांठगांठ की थी।
रिफाइनरी से तेल चोरी करने के लिए बाकायदा विशेष फ्रेम, पाइप और एक ट्रक खरीदा गया था। 18 अगस्त की रात जब आरोपी तेल निकालने पहुंचे तो मौके पर मौजूद स्टेशन अधीक्षक और रेलवे कर्मियों ने उनकी पूरी मदद की। इसी बीच आईओसीएल अधिकारियों के अचानक पहुंच गए। आईओसीएल अधिकारी प्रवीण की मौजूदगी में पहचान के बाद पुलिस ने सवाई माधोपुर (राजस्थान) निवासी स्टेशन मास्टर गोविंद नारायण मीणा को गिरफ्तार किया था। आरपीएफ अब फरार गेटमैन चमन अली, साजिशकर्ता मनोज जैन और अन्य पांच रेल कर्मचारियों की भूमिका की गहनता से पड़ताल कर रही है। जल्द ही इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपियों को भी शिकंजे में लिया जाएगा।
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तीनों आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि इस संगठित तेल चोरी गिरोह में रेलवे के कई अन्य कर्मचारियों की भी संदिग्ध भूमिका है। इनकी संलिप्तता की जांच तेज कर दी गई है। आरपीएफ के प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार मीणा ने बताया कि गिरोह के तार काफी गहराई तक जुड़े हैं। आरोपियों से हुई पूछताछ में खुलासा हुआ कि पानीपत के सेक्टर-11 निवासी मास्टरमाइंड मनोज जैन उर्फ मोनू ने बोहली स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक गोविंद नारायण मीणा के साथ सांठगांठ की थी।
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रिफाइनरी से तेल चोरी करने के लिए बाकायदा विशेष फ्रेम, पाइप और एक ट्रक खरीदा गया था। 18 अगस्त की रात जब आरोपी तेल निकालने पहुंचे तो मौके पर मौजूद स्टेशन अधीक्षक और रेलवे कर्मियों ने उनकी पूरी मदद की। इसी बीच आईओसीएल अधिकारियों के अचानक पहुंच गए। आईओसीएल अधिकारी प्रवीण की मौजूदगी में पहचान के बाद पुलिस ने सवाई माधोपुर (राजस्थान) निवासी स्टेशन मास्टर गोविंद नारायण मीणा को गिरफ्तार किया था। आरपीएफ अब फरार गेटमैन चमन अली, साजिशकर्ता मनोज जैन और अन्य पांच रेल कर्मचारियों की भूमिका की गहनता से पड़ताल कर रही है। जल्द ही इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपियों को भी शिकंजे में लिया जाएगा।
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बोहली स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी। स्रोत : सोशल मीडिया