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पुलिस ने चाचा और उसके मददगार को दबोचा
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
Updated Wed, 16 May 2018 11:35 PM IST
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आरोपी चाचा और उसके साथी से पूछताछ करते एसपी सिटी।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर के नजीबाबाद से मासूम भतीजे असद का 50 लाख की फिरौती के लिए अपहरण करने वाला मोहसिन एक माह पहले मुंबई से आया था। रविवार को असद का अपहरण करके मोहसिन उसे मुंबई ले जा रहा था। पुलिस ने मोहसिन और मेरठ के रहने वाले उसके मददगार शुएब को गिरफ्तार कर दोनों का चालान कर दिया हैं।
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एसपी सिटी दिनेश सिंह के मुताबिक रविवार को नजीबाबाद निवासी रईस के आठ साल के पुत्र असद का उसके छोटे भाई ने फिरौती के लिए घर से अपहरण कर लिया था। रईस के मोबाइल पर कॉल करके उससे 50 लाख की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने राजस्थान के कोटा से असद को बरामद करके चाचा मोहसिन को दबोच लिया था। पुलिस ने मोहसिन की मदद करने वाले मेरठ के लिसाड़ी गेट थाने के लक्कीपुर निवासी शुएब को भी दबोच लिया। शुएब और मोहसिन में पुरानी दोस्ती है। शुएब मेरठ में रिक्शा चलाता है। असद का अपहरण करने के बाद मोहसिन उसे लेकर मेरठ में शुएब के पास गया था।
उसका चाचा मुंबई में काम करता है। मोहसिन के पास मुंबई जाने के लिए पैसे नहीं थे। शुएब ही ने उसे मुंबई का टिकट दिलाया और ट्रेन में बैठाया था। असद को लेकर मोहसिन मुंबई में शुएब के चाचा के पास जा रहा था। एसपी सिटी ने बताया कि असद को सकुशल बरामद करने वाली पुलिस टीम में शामिल नजीबाबाद के कोतवाली प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह धामा, दरोगा संजय सिंह , रामवीर समेत पूरी टीम को एसपी उमेश कुमार ने पांच हजार का इनाम देने की घोषणा की हैं।
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कभी नहीं सोचा था कि भाई ही बेटे का अपहरण करेगा
रईस के मुताबिक उसे इस बात पर विश्वास नहीं था कि उसके इकलौते बेटे असद का अपहरण उसका छोटा भाई मोहसिन ही कर लेगा। मोहसिन असद को घुमाने के बहाने दिन में 11 बजे ले गया था। शाम को फिरौती की रकम मांगने के लिए मोबाइल पर कॉल आई तो उन्हें एक बार विश्वास नहीं हुआ। सोचा कि मोहसिन ऐसा क्यों कर सकता है? आपस में ऐसी रंजिश भी नहीं थी। रईस के मुताबिक मोहसिन मुंबई में काम करता है। एक महीने पहले ही वह मुंबई से आया था। इस दौरान कहां रहा? किसी को नहीं पता।
फूट-फूट कर रोया मोहसिन
मोहसिन पकड़े जाने के बाद टूट गया। उससे जब पूछताछ की गई कि फिरौती की 50 लाख की रकम का वह क्या करता? तो वह चुप रहा और फूट-फूट कर रोने लगा। असद की हत्या करने के लिए वह मना करने लगा।
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