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वन विभाग की चार हजार बीघा जमीन पर अवैध कब्जा
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
Updated Thu, 04 Oct 2018 11:26 PM IST
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बिजनौर के अफजलगढ़ ब्लाक में 4300 एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का मामला अभी सुलझा भी नहीं था कि चांदपुर तहसील के दतियाना क्षेत्र के कई गांवों में वन विभाग की करीब चार हजार बीघा जमीन पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। जमीन पर कई साल से गन्ना पैदा किया जा रहा है। मगर, गन्ना सप्लाई के लिए सट्टा नहीं होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि यह गन्ना अवैध तरीके से बिजनौर समेत आसपास के जिलों के चीनी मिलों को बेचा जा रहा था। गन्ना विभाग ने इसकी जानकारी जिला प्रशासन को दे दी है।
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार शासन ने फर्जी सट्टों के खिलाफ अभियान चला रखा है। ग्रामीणों से फर्जी सट्टों की सूचना देने को कहा गया है। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। इसी क्रम में दतियाना क्षेत्र के किसान उनसे मिले थे। उनका कहना था कि क्षेत्र के गंगा किनारे के दर्जनों गांवों की करीब चार हजार बीघा जमीन पर भूमाफिया ने अवैध कब्जे कर रखे हैं। जमीन पर पिछले कई सालों से गन्ना पैदा किया जा रहा है। गन्ना सप्लाई के लिए नियमानुसार सट्टे भी नहीं बनवा रखे हैं। गन्ना अवैध रुप से जिले समेत अमरोहा, मुरादाबाद व मेरठ जिलों के चीनी मिलों को बेचा जाता है। इतना ही नहीं भूमाफिया तौल कांटा लगाकर किसानों से कम रेट पर गन्ना खरीद ऊंचे रेट पर बेचते हैं। डीसीओ के अनुसार मामले को गंभीरता से लेते हुए टीम भेजकर जांच कराई तो शिकायत सही मिली है। जमीन पर गन्ना पैदा किया जा रहा है। जमीन वन विभाग की है। विभाग के अभिलेखों में गन्ने की फसल कहीं दर्ज नहीं हैं। कोई सट्टा नहीं बना है। इसे शासन को भारी राजस्व का नुकसान हो रहा। मामले की जानकारी प्रशासन के उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। विभाग विस्तृत जांच कर रहा है।
इन गांवों में है कब्जा
जिला गन्ना अधिकारी के अनुसार चांदपुर तहसील के दतियाना क्षेत्र के नारनौल खादर, जलालपुर खादर, दतियाना, जमालपुर खादर, रायपुर खादर, सलेमपुर खादर आदि में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे हैं। ग्रामीणों ने जमीन वन विभाग की बताई है। कहना है कि वन विभाग जमीन पट्टों पर दे सकता है। यह पैसा सरकारी खजाने में जाता है। आरोप है कि यहां ऐसा नहीं किया गया है। स्थानीय स्तर पर वन विभाग को अवैध कब्जों की जानकारी है।
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करोड़ों के हो रहे वारे न्यारे
बिजनौर। ग्रामीणों के अनुसार चार हजार बीघा सरकारी जमीन पर आठ दस साल से गन्ना पैदा करके गन्ना माफिया करोड़ों के वारे न्यारे कर रहे थे। शासन को भी मोटे राजस्व का नुकसान हो रहा है। पिछले सालों में क्षेत्र में अवैध गन्ना पकड़ा जा चुका है। गन्ना मुरादाबाद, अमरोहा, मेरठ की चीनी मिलों में ले जाया जा रहा था।
मामले से जताई अनभिज्ञता
बिजनौर। प्रभारी जिला वन अधिकारी इम्तियाज सिद्दीकी का कहना है कि चांदपुर तहसील क्षेत्र में वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जों का मामला उनके संज्ञान में नहीं हैं। मामला गंभीर है। जांच कराने पर यदि मामला सही मिलता है तो कार्रवाई होगी। इस बारे में डीसीओ से जानकारी ली जाएगी।
पहले भी पकड़े गए है अवैध कब्जे के मामले
बिजनौर। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों का यह कोई पहला मामला नहीं है। करीब एक सप्ताह पहले अफजलगढ़ ब्लॉक में एक दर्जन गांवों में सिंचाई विभाग की 4300 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जों का मामला पकड़ में आ चुका है। इस जमीन पर भी दस सालों से गन्ना बोया जा रहा था। मामले की जांच रामगंगा कमांड के शेरकोट क्षेत्र के एसडीओ चतुर्थ को सौंपी गई है। डीसीओ यशपाल सिंह के अनुसार जांच के मामले में सिंचाई विभाग का कोई अधिकारी व कर्मचारी उनसे नहीं मिला है।
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जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार शासन ने फर्जी सट्टों के खिलाफ अभियान चला रखा है। ग्रामीणों से फर्जी सट्टों की सूचना देने को कहा गया है। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। इसी क्रम में दतियाना क्षेत्र के किसान उनसे मिले थे। उनका कहना था कि क्षेत्र के गंगा किनारे के दर्जनों गांवों की करीब चार हजार बीघा जमीन पर भूमाफिया ने अवैध कब्जे कर रखे हैं। जमीन पर पिछले कई सालों से गन्ना पैदा किया जा रहा है। गन्ना सप्लाई के लिए नियमानुसार सट्टे भी नहीं बनवा रखे हैं। गन्ना अवैध रुप से जिले समेत अमरोहा, मुरादाबाद व मेरठ जिलों के चीनी मिलों को बेचा जाता है। इतना ही नहीं भूमाफिया तौल कांटा लगाकर किसानों से कम रेट पर गन्ना खरीद ऊंचे रेट पर बेचते हैं। डीसीओ के अनुसार मामले को गंभीरता से लेते हुए टीम भेजकर जांच कराई तो शिकायत सही मिली है। जमीन पर गन्ना पैदा किया जा रहा है। जमीन वन विभाग की है। विभाग के अभिलेखों में गन्ने की फसल कहीं दर्ज नहीं हैं। कोई सट्टा नहीं बना है। इसे शासन को भारी राजस्व का नुकसान हो रहा। मामले की जानकारी प्रशासन के उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। विभाग विस्तृत जांच कर रहा है।
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इन गांवों में है कब्जा
जिला गन्ना अधिकारी के अनुसार चांदपुर तहसील के दतियाना क्षेत्र के नारनौल खादर, जलालपुर खादर, दतियाना, जमालपुर खादर, रायपुर खादर, सलेमपुर खादर आदि में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे हैं। ग्रामीणों ने जमीन वन विभाग की बताई है। कहना है कि वन विभाग जमीन पट्टों पर दे सकता है। यह पैसा सरकारी खजाने में जाता है। आरोप है कि यहां ऐसा नहीं किया गया है। स्थानीय स्तर पर वन विभाग को अवैध कब्जों की जानकारी है।
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करोड़ों के हो रहे वारे न्यारे
बिजनौर। ग्रामीणों के अनुसार चार हजार बीघा सरकारी जमीन पर आठ दस साल से गन्ना पैदा करके गन्ना माफिया करोड़ों के वारे न्यारे कर रहे थे। शासन को भी मोटे राजस्व का नुकसान हो रहा है। पिछले सालों में क्षेत्र में अवैध गन्ना पकड़ा जा चुका है। गन्ना मुरादाबाद, अमरोहा, मेरठ की चीनी मिलों में ले जाया जा रहा था।
मामले से जताई अनभिज्ञता
बिजनौर। प्रभारी जिला वन अधिकारी इम्तियाज सिद्दीकी का कहना है कि चांदपुर तहसील क्षेत्र में वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जों का मामला उनके संज्ञान में नहीं हैं। मामला गंभीर है। जांच कराने पर यदि मामला सही मिलता है तो कार्रवाई होगी। इस बारे में डीसीओ से जानकारी ली जाएगी।
पहले भी पकड़े गए है अवैध कब्जे के मामले
बिजनौर। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों का यह कोई पहला मामला नहीं है। करीब एक सप्ताह पहले अफजलगढ़ ब्लॉक में एक दर्जन गांवों में सिंचाई विभाग की 4300 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जों का मामला पकड़ में आ चुका है। इस जमीन पर भी दस सालों से गन्ना बोया जा रहा था। मामले की जांच रामगंगा कमांड के शेरकोट क्षेत्र के एसडीओ चतुर्थ को सौंपी गई है। डीसीओ यशपाल सिंह के अनुसार जांच के मामले में सिंचाई विभाग का कोई अधिकारी व कर्मचारी उनसे नहीं मिला है।