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बिना सामान भुगतान में केस दर्ज
अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Sat, 24 Sep 2016 11:38 PM IST
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बिजनौर में नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) में फर्जी भुगतान कर करोड़ों रुपये के घोटाले से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। रिप्रॉडक्टिव चाइल्ड हेल्थ (आरसीएच) के एसीएमओ ने डीएम के निर्देश के बाद मामले में रिपोर्ट दर्ज करा दी है। इस घोटाले से पहले कभी इन चार फर्मों से विभाग को कोई लेनदेन नहीं हुआ है।
एनएचएम में घोटाले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा बिना कोई सामान लिए चार फर्मों को करीब तीन करोड़ दस लाख रुपये भुगतान के रूप में दिए गए हैं। इससे पहले विभाग द्वारा इन फर्मों उन्नाव डिस्टिलरीज ब्रेवरीज, एनकिचन कल्याण समिति कानपुर, सरकार ट्रेवल्स और गणपति इंटरप्राइजेज से कोई लेनदेन नहीं किया गया। मामले में बिना किसी बिल वाउचर और रजिस्टर में चैक इश्यू एंट्री किए बिना यह भुगतान जून और जुलाई में किया गया। इनके अप्रूवल पर पूर्व सीएमओ एवं एसीएमओ के हस्ताक्षर किए गए थे। मामले में एसीएमओ आरसीएच डा.पीआर नायर की ओर कोतवाली शहर में करीब तीन करोड़ दस लाख रुपये के घोटाले की शुक्रवार की रात रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उनका कहना है कि इस घोटाले की विभागीय स्तर पर जांच अलग से की जा रही है। विभागीय स्तर पर छानबीन की जा रही है कि भुगतान के साथ फर्मों से डीलिंग की शर्तें क्या-क्या निर्धारित रही हैं और क्या तय की गई हैं।
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एनएचएम में घोटाले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा बिना कोई सामान लिए चार फर्मों को करीब तीन करोड़ दस लाख रुपये भुगतान के रूप में दिए गए हैं। इससे पहले विभाग द्वारा इन फर्मों उन्नाव डिस्टिलरीज ब्रेवरीज, एनकिचन कल्याण समिति कानपुर, सरकार ट्रेवल्स और गणपति इंटरप्राइजेज से कोई लेनदेन नहीं किया गया। मामले में बिना किसी बिल वाउचर और रजिस्टर में चैक इश्यू एंट्री किए बिना यह भुगतान जून और जुलाई में किया गया। इनके अप्रूवल पर पूर्व सीएमओ एवं एसीएमओ के हस्ताक्षर किए गए थे। मामले में एसीएमओ आरसीएच डा.पीआर नायर की ओर कोतवाली शहर में करीब तीन करोड़ दस लाख रुपये के घोटाले की शुक्रवार की रात रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उनका कहना है कि इस घोटाले की विभागीय स्तर पर जांच अलग से की जा रही है। विभागीय स्तर पर छानबीन की जा रही है कि भुगतान के साथ फर्मों से डीलिंग की शर्तें क्या-क्या निर्धारित रही हैं और क्या तय की गई हैं।
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