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फल विक्रेता को मार डाला
अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
Updated Thu, 19 May 2016 12:22 AM IST
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ग्राम सद्दोबैर बैरखा में लाठी-डंडों से पिटाई करने पर विक्रेता की मौत पर विलाप करते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर के स्योहारा क्षेत्र के गांव सद्दोबैर बैरखा में दलित फल विक्रेता की हत्या के विरोध में ग्रामीणों ने धामपुर-स्योहारा मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुलिस की लापरवाही के कारण ही पहले इस मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। विधायक ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन देकर जाम देकर खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी एसओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। पुलिस ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या के मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
थानाक्षेत्र के गांव सद्दोबैर बैरखा निवासी दलित जयपाल मंगलवार सुबह आठ बजे एक ठेली में तरबूज खरीद कर लाया था। इन्हें वह ठेली से घर पर उतार रहा था। पीछे से ओमपाल अपनी बैल गाड़ी लेकर आया और ठेली हटाने के लिए कहा।
जयपाल ने कहा कितरबूज उतारने के बाद वह ठेली हटा लेगा।
आरोप है कि इस पर ओमपाल की उससे कहासुनी हो गई। कुछ लोगों ने समझाबुझाकर दोनों को शांत करा दिया। इसके बाद जयपाल तरबूज बेचने गांव के दूसरे मुहल्ले में गया। आरोप है कि खुन्नस में ओमपाल तथा उसके बेटे प्रेमपाल और देवेंद्र ने लाठी-डंडों से जयपाल को बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई।
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इस मामले की शिकायत करने पीड़ित की पत्नी कैलाश देवी ने परिजनों के साथ घायल जयपाल को लेकर तीन बार थाने में शिकायत दर्ज कराने के लिए पहुंची। हालांकि पुलिस ने पीड़ित पक्ष की कोई मदद नहीं की।
जयपाल के परिजनों राजीव, राजू, विजेंद्र, प्रिंस, नरेश, भटराम का कहना है कि जांच के नाम पर पुलिस एक आरोपी प्रेमराज को थाने लाई। आरोप है कि कुछ ही देर बाद उसे वापस भेज दिया। बुधवार सुबह पिटाई से घायल जयपाल की घर पर ही मौत हो गई। फल विक्रेता की मौत से ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सद्दो बैरखा के ग्रामीणों ने जयपाल सिंह के शव को धामपुर-स्योहारा मार्ग पर रखकर बुधवार को सायंकाल 6.30 बजे तक जाम लगा दिया।
जाम की सूचना मिलते ही प्रशासनिक मशीनरियां सक्रिय हो गई। विधायक मोहम्मद गाजी मृतक के परिजनों से मिलकर उनसे जाम खत्म करने का आग्रह किया, लेकिन लोग माने नहीं। जाम के कारण सड़क पर दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें लग गई।
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थानाक्षेत्र के गांव सद्दोबैर बैरखा निवासी दलित जयपाल मंगलवार सुबह आठ बजे एक ठेली में तरबूज खरीद कर लाया था। इन्हें वह ठेली से घर पर उतार रहा था। पीछे से ओमपाल अपनी बैल गाड़ी लेकर आया और ठेली हटाने के लिए कहा।
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जयपाल ने कहा कितरबूज उतारने के बाद वह ठेली हटा लेगा।
आरोप है कि इस पर ओमपाल की उससे कहासुनी हो गई। कुछ लोगों ने समझाबुझाकर दोनों को शांत करा दिया। इसके बाद जयपाल तरबूज बेचने गांव के दूसरे मुहल्ले में गया। आरोप है कि खुन्नस में ओमपाल तथा उसके बेटे प्रेमपाल और देवेंद्र ने लाठी-डंडों से जयपाल को बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई।
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इस मामले की शिकायत करने पीड़ित की पत्नी कैलाश देवी ने परिजनों के साथ घायल जयपाल को लेकर तीन बार थाने में शिकायत दर्ज कराने के लिए पहुंची। हालांकि पुलिस ने पीड़ित पक्ष की कोई मदद नहीं की।
जयपाल के परिजनों राजीव, राजू, विजेंद्र, प्रिंस, नरेश, भटराम का कहना है कि जांच के नाम पर पुलिस एक आरोपी प्रेमराज को थाने लाई। आरोप है कि कुछ ही देर बाद उसे वापस भेज दिया। बुधवार सुबह पिटाई से घायल जयपाल की घर पर ही मौत हो गई। फल विक्रेता की मौत से ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सद्दो बैरखा के ग्रामीणों ने जयपाल सिंह के शव को धामपुर-स्योहारा मार्ग पर रखकर बुधवार को सायंकाल 6.30 बजे तक जाम लगा दिया।
जाम की सूचना मिलते ही प्रशासनिक मशीनरियां सक्रिय हो गई। विधायक मोहम्मद गाजी मृतक के परिजनों से मिलकर उनसे जाम खत्म करने का आग्रह किया, लेकिन लोग माने नहीं। जाम के कारण सड़क पर दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें लग गई।