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वन विभाग हुआ अलर्ट
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिजनौर
Updated Wed, 04 Nov 2015 11:51 PM IST
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बिजनौर में अमानगढ़ रेंज में बाहरी व्यक्तियों के नजर आने से रेंज में बाघ के शिकार का खतरा बढ़ गया है। आशंका जताई जा रही है कि हाल ही में जमानत पर आए शिकारी फिर से क्षेत्र में सक्रिय हो गए हैं। वह अफसर -ग्रामीणों के
दीपावली में व्यस्तता का फायदा उठाकर अपना शिकार कर सकते हैँ। सूचना पर वन विभाग ने क्षेत्र में चौकसी बढ़ाते हुए रेंज के कई रेंजरों की ड्यूटी लगा दी है।
कार्बेट टाइगर पार्क और अमानगढ़ टाइगर रिजर्व एरिया की सीमा सटी हुई है, बीच में कोई तारबाड़ भी नहीं है।
करीब 15 दिन पूर्व सीमा क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों के नजर आने की सूचना वन विभाग को ग्रामीणों ने दी, जिस पर वन विभाग के मुख्य वन संरक्षक बरेली समेत विभाग का पूरा सरकारी अमला सीमा पर जुट गया।
संभावना जताई जा रही है कि वर्ष 2013 में शिकार में मामले में पकड़े गए शिकारी जमानत पर बाहर आकर फिर से अमानगढ़ रेंज में बाघ को अपना शिकार बना सकते हैं। वह अफसरों की दीपावली पर व्यस्तता का फायदा उठाकर बाघ का शिकार कर सकते हैं। माना जा रहा है कि रेंज में यह शिकारी फिर से सक्रिय होकर अपना शिकार तलाश रहे हैं। इसकी आशंका देख डीएफओ बिजनौर ने धामपुर रेंजर प्रताप सिंह सैनी, बिजनौर रेंजर सतीश कुमार, नगीना रेंजर चंद्रकिरण, नजीबाबाद रेंजर गिरीश चंद और नजीबाबाद सामाजिक वानिकी के सभी रेंजर को सचेत करते हुए उनकी यहां ड्यूटी लगाई है।
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30 नवंबर तक रेंज की छानबीन की जाएगी। सभी रेंजर दो-दो दिन तक अमानगढ़ रेंज में कैंप करके जंगल में सर्च करेंगे। सूत्रों के मुताबिक बिजनौर डीएफओ सलील कुमार शुक्ला को बरेली मुख्य वन संरक्षक एमपी सिंह ने तलब किया है। बुधवार को वह बरेली गए हैं।
पांच शिकारी छूटे हुए हैं जमानत पर
13 दिसंबर 2013 को अमानगढ़ रेंज में शिकारियों ने दो बाघों का शिकार किया था। एसटीएफ लखनऊ और वाइल्ड लाइफ की टीम ने 16 दिसंबर को दो बाघों की खाल और मांस के साथ 12 शिकारियों को गिरफ्तार कर लिया था। उन शिकारियों में से ऋषिकेश निवासी सपेरा अजूबा, भागूवाला निवासी अजय, अफजलगढ़ क्षेत्र के गांव छजमलवाला निवासी पूर्व वाचर करतार सिंह, नजीबाबाद निवासी धर्मवीर, महेश्वरी जट निवासी कार चालक इमरान जमानत पर छूट चुके है।
एक शिकारी अभी भी पकड़ से दूर
बाघों के शिकार के साथ पकड़े गए शिकारियों में से एक शिकारी फरार हो गया था। पकड़े गए शिकारियों ने उसका नाम हरिद्वार निवासी अमरनाथ उर्फ अमरा बताया था। वह आज तक पकड़ में नहीं आया।
एतियातन सुरक्षा बढ़ाई : डीएफओ
डीएफओ सलील कुमार शुक्ला का कहना है कि त्यौहार के मौके पर चौकसी बढ़ाई गई है। इस दौरान जंगल में वन्य जीवों को नुकसान हो सकता है। शिकारियों के जंगल में छुपे होने की कोई सूचना नहीं है, फिर भी चौकसी बढ़ाई जा रही है।
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दीपावली में व्यस्तता का फायदा उठाकर अपना शिकार कर सकते हैँ। सूचना पर वन विभाग ने क्षेत्र में चौकसी बढ़ाते हुए रेंज के कई रेंजरों की ड्यूटी लगा दी है।
कार्बेट टाइगर पार्क और अमानगढ़ टाइगर रिजर्व एरिया की सीमा सटी हुई है, बीच में कोई तारबाड़ भी नहीं है।
करीब 15 दिन पूर्व सीमा क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों के नजर आने की सूचना वन विभाग को ग्रामीणों ने दी, जिस पर वन विभाग के मुख्य वन संरक्षक बरेली समेत विभाग का पूरा सरकारी अमला सीमा पर जुट गया।
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संभावना जताई जा रही है कि वर्ष 2013 में शिकार में मामले में पकड़े गए शिकारी जमानत पर बाहर आकर फिर से अमानगढ़ रेंज में बाघ को अपना शिकार बना सकते हैं। वह अफसरों की दीपावली पर व्यस्तता का फायदा उठाकर बाघ का शिकार कर सकते हैं। माना जा रहा है कि रेंज में यह शिकारी फिर से सक्रिय होकर अपना शिकार तलाश रहे हैं। इसकी आशंका देख डीएफओ बिजनौर ने धामपुर रेंजर प्रताप सिंह सैनी, बिजनौर रेंजर सतीश कुमार, नगीना रेंजर चंद्रकिरण, नजीबाबाद रेंजर गिरीश चंद और नजीबाबाद सामाजिक वानिकी के सभी रेंजर को सचेत करते हुए उनकी यहां ड्यूटी लगाई है।
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30 नवंबर तक रेंज की छानबीन की जाएगी। सभी रेंजर दो-दो दिन तक अमानगढ़ रेंज में कैंप करके जंगल में सर्च करेंगे। सूत्रों के मुताबिक बिजनौर डीएफओ सलील कुमार शुक्ला को बरेली मुख्य वन संरक्षक एमपी सिंह ने तलब किया है। बुधवार को वह बरेली गए हैं।
पांच शिकारी छूटे हुए हैं जमानत पर
13 दिसंबर 2013 को अमानगढ़ रेंज में शिकारियों ने दो बाघों का शिकार किया था। एसटीएफ लखनऊ और वाइल्ड लाइफ की टीम ने 16 दिसंबर को दो बाघों की खाल और मांस के साथ 12 शिकारियों को गिरफ्तार कर लिया था। उन शिकारियों में से ऋषिकेश निवासी सपेरा अजूबा, भागूवाला निवासी अजय, अफजलगढ़ क्षेत्र के गांव छजमलवाला निवासी पूर्व वाचर करतार सिंह, नजीबाबाद निवासी धर्मवीर, महेश्वरी जट निवासी कार चालक इमरान जमानत पर छूट चुके है।
एक शिकारी अभी भी पकड़ से दूर
बाघों के शिकार के साथ पकड़े गए शिकारियों में से एक शिकारी फरार हो गया था। पकड़े गए शिकारियों ने उसका नाम हरिद्वार निवासी अमरनाथ उर्फ अमरा बताया था। वह आज तक पकड़ में नहीं आया।
एतियातन सुरक्षा बढ़ाई : डीएफओ
डीएफओ सलील कुमार शुक्ला का कहना है कि त्यौहार के मौके पर चौकसी बढ़ाई गई है। इस दौरान जंगल में वन्य जीवों को नुकसान हो सकता है। शिकारियों के जंगल में छुपे होने की कोई सूचना नहीं है, फिर भी चौकसी बढ़ाई जा रही है।